हरियाणा रोडवेज की बसों में सफर करने वालों को झटका, बढ़ा किराया
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रोडवेज बस में सफर करने वाले हजारों लोगों के लिए सरकार का नया फरमान। किराया बढ़ा दिया गया है। ऐसे में लोगों को अब किराया देने के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई केबिनेट की बैठक में राडवेज किराए में बढ़ोत्तरी के फैसले पर मंत्रिमंडल ने मोहर लगा दी है। सरकार ने घाटे का हवाला देते हुए रोडवेज किराए में कुल 12 प्रतिशत बढ़ोत्तरी की है।
केबिनेट के बाद राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि हरियाणा में साधारण बस किराया 10 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर बढ़ाया जाएगा। इस वृद्घि से साधारण बस किराया 60 पैसे प्रति किलोमीटर से बढ़कर 68 पैसा प्रति यात्री प्रति किलोमीटर हो जाएगा और यात्री से वसूल किया जाने वाला कुल किराया 75 पैसे प्रति किलोमीटर से बढ़कर 85 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर हो जाएगा। इसमें 25 प्रतिशत यात्री कर शामिल है।
वॉल्वो बसों के किराए में दो रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से वृद्धि
सरकार का तर्क है कि इस वृद्घि के बावजूद हरियाणा में साधारण बस का किराया पंजाब, हिमाचल, राजस्थान एवं उत्तराखंड से कम होगा। जबकि वॉल्वो बसों के किराए में दो रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से वृद्धि की गई है। अंतरराज्यीय लग्जरी एसी बसों का किराया मूल किराये का 75 प्रतिशत अतिरिक्त अर्थात 148.75 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर था। इसके अलावा व्यक्तिगत सामान के लिए किराया प्रति किलोमीटर प्रति 40 किलोग्राम स्टेंडर्ड या साधारण बस किराये का आधा होगा।
यह है सरकार का तर्क:
सरकार के मुताबिक 13 नवंबर 2012 को रोडवेज के किरए में वृद्धि हुई थी। तब से डीजल के दाम काफी बढ़ चुके हैं। टायर टयूब की कीमतें बढ़ गई हैं। कर्मचारियों की तनख्वाह भी बढ़ी है। वर्ष 2013-14 में रोडवेज का घाटा 406 करोड़ था। 2014-15 में यह 482 करोड़ पहुंचा। 2015-16 में यह किराया 550 करोड़ तक पहुंच गया। अब यह घाटा 650 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद थी। लिहाजा किराया बढ़ाने के बाद 103 करोड़ की रिकवरी सरकार करेगी। बाकी घाटा रोडवेज में नई योजनओं के माध्यम से किया जाएगा।