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Hindi News ›   Chandigarh ›   Bumper Transfers in Haryana in New Year 2015

बड़ी संख्या में तबादले होने वाले हैं, तैयार रहें

Mon, 29 Dec 2014 12:14 PM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 29 Dec 2014 12:14 PM IST
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Bumper Transfers in Haryana in New Year 2015

हरियाणा सरकार नए साल में प्रशासन के निचले स्तर पर भी चेहरे बदलने की तैयारी में है। पहले सप्ताह में ही हजारों कर्मचारियों के तबादलों की सूची जारी करने की संभावना है। सरकार ने लगभग 40 हजार कर्मचारियों के तबादलों का खाका तैयार कर लिया है।

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इनमें एक ही जगह पर तीन साल से अधिक समय से जमे कर्मचारियों की लिस्ट भी शामिल है। इसके अलावा पूर्व सरकार के चहेते कर्मचारियों पर भी नजर है। नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद कर्मचारियों के तबादलों की सूची जारी कर दी जाएगी।
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अब तक हरियाणा सरकार ने आईएएस, आईपीएस, एचसीएस और एचपीएस अधिकारियों का तबादला किया है। इस समय प्रदेश में करीब पौने तीन लाख सरकारी कर्मचारी हैं।

मंत्रियों की राय लेकर बनाई सूची

Bumper Transfers in Haryana in New Year 2015

कर्मचारियों की तबादला सूची तैयार करने में मंत्रियों की भी राय ली गई है। एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, सरकार ने तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों का तबादला करने के लिए तीन से 19 दिसंबर तक संबंधित विभागों के प्रभारी को संबंधित मंत्रियों के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए थे। जबकि प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के तबादले के मामले में विभागों के प्रभारी मुख्यमंत्री के समक्ष पेश हुए। विभाग प्रभारियों ने अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी मंत्रियों और मुख्यमंत्री को दी हैं।

अध्यापकों के तबादले परीक्षाओं के बाद
शिक्षकों को छोड़कर अन्य विभागों के कर्मचारियों के तबादले होंगे। शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा का कहना है कि अभी शिक्षकों के तबादले नहीं किए जाएंगे। परीक्षाओं के बाद तबादलों पर विचार किया जाएगा, क्योंकि परीक्षा परिणाम अध्यापकों की एसीआर से जुड़ता है।

सरकार के पास स्थायी तबादला नीति नहीं

Bumper Transfers in Haryana in New Year 2015

सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव सुभाष लांबा का कहना है कि तबादलों से कर्मचारियों का राजनीतिकरण हो रहा है। सरकार के पास कोई स्थायी तबादला नीति नहीं है। जो तबादले होने वाले हैं, वह राजनेताओं के विवेक पर हो रहे हैं।

तबादले से पहले कर्मचारियों से उनकी इच्छा पूछी जानी चाहिए। सभी जिलों के कर्मचारियों के तबादले जनता के हित में नहीं है। जब तक कर्मचारी की कोई शिकायत न हो, तब तक उनके तबादले नहीं किए जाने चाहिए। कर्मचारियों के प्रति स्थानीय लोगों की राय भी ली जानी चाहिए।

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