Budget 2019: वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने हरियाणा को दिया 22वें एम्स का तोहफा, इस जिले में बनेगा
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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के अंतरित बजट में हरियाणा को बड़ी सौगात मिली है। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने जैसे ही बजट में हरियाणा के लिए देश के 22वें एम्स की घोषणा की, दक्षिण हरियाणा की जनता निहाल हो उठी। एम्स की मांग को लेकर बीते 123 दिन से मनेठी क्षेत्र के लोग धरने पर बैठे हुए थे। केंद्र सरकार से मिले एम्स का भाजपा को दक्षिण हरियाणा में खासा लाभ मिलेगा।
लोकसभा और विधानसभा चुनाव में दक्षिण हरियाणा की सीटों पर इसका असर पड़ेगा। गोयल ने बजट भाषण में हालांकि जगह का नाम तो नहीं बताया, लेकिन सभी जानते हैं कि एम्स को लेकर कहां आंदोलन चल रहा था, और जनप्रतिनिधि किस क्षेत्र में एम्स की मांग लगातार केंद्र में उठा रहे थे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 4 जुलाई 2015 को बावल रैली में एम्स की घोषणा की थी।
यह घोषणा केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की मांग पर सीएम ने की थी। उस समय जन स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारी लाल ने दक्षिण हरियाणा के 11 विधायकों की ओर से सीएम को ज्ञापन भी सौंपा था। बीते कुछ समय से एम्स दक्षिण हरियाणा में बड़ा मुद्दा बन चुका था। मुख्यमंत्री की घोषणा क्रियान्वित न होने पर ग्रामीण 2 अक्तूबर 2018 से मनेठी में धरने पर बैठे गए थे।
हालांकि, सबसे पहले पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने मुख्यमंत्री रहते हुए झज्जर के बाढ़सा में एम्स (आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज) खुलवाने का प्रयास किया था। उनके प्रयास से वहां एम्स-2 का आउटरीच सेंटर शुरू हो चुका है। 30 मई 2012 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने बाढ़सा में एम्स-2 की आऊटरीच ओपीडी का शिलान्यास किया, तब हुड्डा व अन्य नेताओं ने इसे एम्स-2 नाम ही दिया था, लेकिन बाढ़सा एनआइसी दिल्ली एम्स के अधीन ही संचालित संस्थान है।
बाढ़सा में 19 दिसंबर 2018 को देश का सबसे बड़ा कैंसर संस्थान (नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट) भी शुरू हो चुका है पर हरियाणा को स्वतंत्र एम्स अब जाकर मिला है। एम्स मिलने से न केवल दक्षिण हरियाणा में भाजपा और मजबूत होगी, बल्कि केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत भी इसे भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
स्वास्थ्य सेवाएं होंगी और बेहतर : विज
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि अंतरिम बजट में हरियाणा को एम्स दिया गया है। यह देश का 22वां एम्स होगा। इससे स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर होंगी। सरकार ने बजट में हर वर्ग का ख्याल रखा है। देश और प्रदेश में अब विकास कार्य रॉकेट की स्पीड से हो रहे हैं। इस बजट से 10 साल का विजन विकास कार्यों को और बेहतर गति प्रदान करेगा।
अनिल विज ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि बजट की प्रमुख घोषणाओं में आयकर छूट की सीमा अब दोगुनी कर दी गई है। मोटे शब्दों में कहा जाये तो अब स्टैंडर्ड डिडेक्शन के दृष्टिगत करीब साढे़ सात लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं होगा।
सरकार का यह बेहतरीन तोहफा लोगों के सामाजिक और आर्थिक स्तर को अपेक्षाकृत बेहतर करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सामरिक दृष्टि से भी यह फैसला लिया गया है अब डिफेंस का बजट तीन लाख करोड़ होगा। इससे सामरिक क्षेत्र में सेवा के नए अध्यायों का सूत्रपात होगा।