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'सॉरी मम्मी डैडी, मैं अब इतना प्रेशर नहीं झेल सकती', लिखा और फंदे पर झूल गई बीएससी की छात्रा
Fri, 21 Dec 2018 12:01 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, यमुनानगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, यमुनानगर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 21 Dec 2018 12:01 PM IST
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फंदे पर झूल गई बीएससी की छात्रा
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सॉरी मम्मी डैडी, पर इतना सारा प्रेशर में नहीं झेल सकती। सुसाइड नोट में बीएससी की छात्रा ने यह बात लिखी और फंदा लगाकर जिंदगी खत्म कर दी। मामला हरियाणा के यमुनानगर का है। सुसाइड नोट लिख कर डीएवी गर्ल्ज कॉलेज की बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा छवि त्यागी प्रोफेसर कॉलोनी स्थित कॉलेज के होस्टल के कमरे में फंदे पर लटक गई।
छात्रा बीएसई कंप्यूटर साइंस के पांचवें समेस्टर के एग्जाम सहीं न होने और चौथे समेस्टर में री-अपीयर आने से परेशान थी। छवि ने दरवाजे के पर्दें से फंदा बनाया और पंखे पर अटका कर फांसी लगा ली। वह मुजफ्फरनगर के गांव रोहाना कलां की रहने वाली थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।
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छात्रा बीएसई कंप्यूटर साइंस के पांचवें समेस्टर के एग्जाम सहीं न होने और चौथे समेस्टर में री-अपीयर आने से परेशान थी। छवि ने दरवाजे के पर्दें से फंदा बनाया और पंखे पर अटका कर फांसी लगा ली। वह मुजफ्फरनगर के गांव रोहाना कलां की रहने वाली थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।
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सुसाइड नोट में ये सब लिखा
फंदे पर झूल गई बीएससी की छात्रा
मृतका ने सुसाइड नोट में लिखा कि मैं ये बीएससी नहीं कर सकती। प्लीज मुझसे नहीं हो पाएगी। इसका इतना सारा प्रेशर में नहीं झेल सकती। मैंने बहुत सोचा पर इसके अलावा मेरे पास और कोई सोल्यूशन नहीं था। मुझमें इतनी हिम्मत नहीं है कि मैं आपसे ये बोल सकूं कि मेरा एडमिशन कहीं और करा दो। मैंने सच्ची में बहुत कोशिश की। मैं अच्छी परसेंटेज बनाऊं, पर नहीं बनी। मम्मी इस बीएससी की वजह से मेरे ऊपर बहुत ज्यादा प्रेशर है। आप लोगों ने मुझसे बहुत उम्मीद लगाई हुई है, पर मेरी लाइफ बहुत खराब हो चुकी है। अब मुझे कहीं जॉब नहीं मिलेगी और ऐसी जिंदगी मैं नहीं जी सकती। इसलिए जा रही हूं। आप लोग अपना ख्याल रखना और रिंकू का भी।
फोन नहीं उठाया तो बेस्ट फ्रेंड ने वार्डन को बताया
छवि की एक बेस्ट फ्रेंड ने उसके मोबाइल पर फोन किया। लेकिन उसने उसकी कोई कॉल रसीव नहीं की। जिसके बाद फ्रेंड ने फोन वार्डन रोशनी को किया। वार्डन तुरंत उसके रूम पर पहुंची। उसने देखा तो पर्दा फटा हुआ था। अंदर पंखे पर पर्दे के कपड़े के फंदे पर छात्रा छवि का शव लटका हुआ था। चौकीदार को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया, लेकिन तब तक छवि की मौत हो चुकी थी। इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर शहर थाना एसएचओ नरेंद्र राणा, रामपुरा चौकी इंचार्ज एएसआई महिपाल व अन्य पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। मौके से छात्रा का सुसाइड नोट व मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
फोन नहीं उठाया तो बेस्ट फ्रेंड ने वार्डन को बताया
छवि की एक बेस्ट फ्रेंड ने उसके मोबाइल पर फोन किया। लेकिन उसने उसकी कोई कॉल रसीव नहीं की। जिसके बाद फ्रेंड ने फोन वार्डन रोशनी को किया। वार्डन तुरंत उसके रूम पर पहुंची। उसने देखा तो पर्दा फटा हुआ था। अंदर पंखे पर पर्दे के कपड़े के फंदे पर छात्रा छवि का शव लटका हुआ था। चौकीदार को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया, लेकिन तब तक छवि की मौत हो चुकी थी। इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर शहर थाना एसएचओ नरेंद्र राणा, रामपुरा चौकी इंचार्ज एएसआई महिपाल व अन्य पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। मौके से छात्रा का सुसाइड नोट व मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
पापा ट्रेन छूट गई, कल आउंगी
फंदे पर झूल गई बीएससी की छात्रा
छवि की रूम मेट व अन्य फ्रेंड छुट्टी लेकर अपने घर चली गई थी। छवि ने भी कॉलेज से घर जाने के लिए छुट्टी ली हुई थी। बुधवार रात करीब आठ बजे छवि ने अपने पिता अनुज को फोन किया कि पापा मैं सो गई थी। इसलिए लेट होने से उसकी ट्रेन निकल गई। इसलिए वह कल आएगी। इस दौरान उसने वार्डन से भी फोन पर उसके पिता की बात करवाकर लीव मंजूर करवाई। लेकिन पिता को किया कल का वादा नहीं निभा पाई और रात को ही फंदे पर लटक गई।
री अपीयर आने से डिप्रेशन में थी छवि
छात्रा छवि के मामा एसआई रविंद्र कुमार हरियाणा पुलिस में है और गांधी नगर चौकी में तैनात है। एएसआई रविंद्र ने बताया कि छवि की री अपीयर आई थी। इसीलिए वो डिप्रेशन में थी। इसी के चलते उसने सुसाइड किया।
सूचना मिलने पर मैं पुलिस बल के साथ मौके पर गया था। छात्रा का शव हॉस्टल में उसके कमरे में फंदे से लटका हुआ था। सुसाइड नोट के आधार पर छात्रा पढ़ाई की वजह से परेशान थी। शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
- इंस्पेक्टर नरेंद्र राणा, एसएचओ, थाना सिटी यमुनानगर
री अपीयर आने से डिप्रेशन में थी छवि
छात्रा छवि के मामा एसआई रविंद्र कुमार हरियाणा पुलिस में है और गांधी नगर चौकी में तैनात है। एएसआई रविंद्र ने बताया कि छवि की री अपीयर आई थी। इसीलिए वो डिप्रेशन में थी। इसी के चलते उसने सुसाइड किया।
सूचना मिलने पर मैं पुलिस बल के साथ मौके पर गया था। छात्रा का शव हॉस्टल में उसके कमरे में फंदे से लटका हुआ था। सुसाइड नोट के आधार पर छात्रा पढ़ाई की वजह से परेशान थी। शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
- इंस्पेक्टर नरेंद्र राणा, एसएचओ, थाना सिटी यमुनानगर