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RLA चंडीगढ़ में फिर गलने लगी दलालों की दाल, ऐसे फांस रहे शिकार
रूबी सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 21 Jan 2018 10:11 AM IST
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रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) सेक्टर-17 में एक बार फिर दलाल सक्रिय हो गए हैं, जो तरह-तरह के तरीकों से शिकार को फांस रहे हैं। बेखौफ दलाल लोगों से ऑफिस गेट और चंद कदम की दूरी पर स्थित पार्किंग के पास सीधे संपर्क साध रहे हैं। लाइसेंस से लेकर अन्य संबंधित फाइल का काम करने का दावा कर धड़ल्ले से पैसे ऐंठे जा रहे हैं। सेक्टर-22 निवासी डीएस सेट्टी ने आरएलए ऑफिस में इसकी लिखित शिकायत की है।
शनिवार को आरएल ऑफिसर पीसीएस राकेश कुमार पोपली ने शिकायतकर्ता से मुलाकात की और ऑफिस के अंदर व बाहर दलालों की जांच की, हालांकि उन्हें मौके से कोई दलाल नहीं मिला। पोपली ने कहा कि भले ही उन्हें कोई दलाल नहीं मिला लेकिन फिर भी वह सोमवार को इसकी शिकायत विजिलेंस ब्यूरो से करेंगे। साथ ही मामले की जानकारी डिप्टी कमिश्नर को लिखित में देंगे।
काम कराने को मांगे थे एक हजार रुपये
शिकायतकर्ता डीएस सेट्टी ने बताया कि वह 19 जनवरी की दोपहर आरएलए ऑफिस में पत्नी की कार की कैंसिलेशन ऑफ लीज इनडॉसमेंट इन आरसी फार्म फाइल करवाने गए थे लेकिन एक फार्म की वर्डिंग नहीं मिलने पर उन्हें नई फाइल लेने को कहा गया। इसके बाद भी उनकी फाइल में एक कागजात की कमी रह गई, जिसे लेने वह घर जाने लगे। जैसे ही वह गेट के पास पहुंचे, उन्हें करीब 10 लोगों के ग्रुप ने रोक लिया और उनकी फाइल बिना किसी डॉक्यूमेंट के मात्र एक हजार की फीस में पूरा करने को कहा।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने सोचा कि यह लोग आरएलए ऑफिस के ही जानकार हैं इसलिए वह राजी हो गए। उन लोगों ने उन्हें विश्वास में लेने के लिए अपना एक कार्ड भी दिया। सेट्टी ने बताया कि जब लंच के बाद वह अपनी फाइल लेने काउंटर नंबर पांच पर गए तो वहां न उनकी फाइल थी और न ही वे लोग। शाम पांच बजे तक पूरे ऑफिस में चक्कर काटने के बाद जब उनकी फाइल नहीं मिली तो उन्होंने तुरंत लिखित में आरएलए ऑफिसर पीसीएस राकेश पोपली को शिकायत दी। हालांकि शिकायत के बाद उन्हें शनिवार को पीसीएस अधिकारी के आदेश पर फाइल तो मिल गई मगर आरोपी नहीं मिले।
ऐसे लोगों के झांसे में न आएं: पोपली
पोपली ने बताया कि शनिवार को जैसे ही उनके पास शिकायत आई, उन्होंने तुरंत ऑफिस में इसकी जांच की। शनिवार को सीसीटीवी कैमरे की भी जांच की गई। पोपली ने अमर उजाला के जरिए अपील की कि आरएलए ऑफिस में अब ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट शुरू की गई है एवं सभी अन्य सुविधा भी ऑनलाइन हैं इसलिए ऑफिस के बाहर यदि ऐसे लोग उनसे संपर्क करते हैं, तो उनकी बातों में न आएं और ऐसे लोग संपर्क करें तो तुरंत इसकी शिकायत कार्यालय में करें।
2014 में पकड़ा जा चुका है दलालों का गिरोह
अगस्त 2014 में आएलए में रुपये लेकर लाइसेंस से लेकर आरसी बनाने वाले दलालों को गिरोह पकड़ा गया था, जो ऑफिस के कर्मचारियों की मदद से यह कार्य करता था।
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शनिवार को आरएल ऑफिसर पीसीएस राकेश कुमार पोपली ने शिकायतकर्ता से मुलाकात की और ऑफिस के अंदर व बाहर दलालों की जांच की, हालांकि उन्हें मौके से कोई दलाल नहीं मिला। पोपली ने कहा कि भले ही उन्हें कोई दलाल नहीं मिला लेकिन फिर भी वह सोमवार को इसकी शिकायत विजिलेंस ब्यूरो से करेंगे। साथ ही मामले की जानकारी डिप्टी कमिश्नर को लिखित में देंगे।
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काम कराने को मांगे थे एक हजार रुपये
शिकायतकर्ता डीएस सेट्टी ने बताया कि वह 19 जनवरी की दोपहर आरएलए ऑफिस में पत्नी की कार की कैंसिलेशन ऑफ लीज इनडॉसमेंट इन आरसी फार्म फाइल करवाने गए थे लेकिन एक फार्म की वर्डिंग नहीं मिलने पर उन्हें नई फाइल लेने को कहा गया। इसके बाद भी उनकी फाइल में एक कागजात की कमी रह गई, जिसे लेने वह घर जाने लगे। जैसे ही वह गेट के पास पहुंचे, उन्हें करीब 10 लोगों के ग्रुप ने रोक लिया और उनकी फाइल बिना किसी डॉक्यूमेंट के मात्र एक हजार की फीस में पूरा करने को कहा।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने सोचा कि यह लोग आरएलए ऑफिस के ही जानकार हैं इसलिए वह राजी हो गए। उन लोगों ने उन्हें विश्वास में लेने के लिए अपना एक कार्ड भी दिया। सेट्टी ने बताया कि जब लंच के बाद वह अपनी फाइल लेने काउंटर नंबर पांच पर गए तो वहां न उनकी फाइल थी और न ही वे लोग। शाम पांच बजे तक पूरे ऑफिस में चक्कर काटने के बाद जब उनकी फाइल नहीं मिली तो उन्होंने तुरंत लिखित में आरएलए ऑफिसर पीसीएस राकेश पोपली को शिकायत दी। हालांकि शिकायत के बाद उन्हें शनिवार को पीसीएस अधिकारी के आदेश पर फाइल तो मिल गई मगर आरोपी नहीं मिले।
ऐसे लोगों के झांसे में न आएं: पोपली
पोपली ने बताया कि शनिवार को जैसे ही उनके पास शिकायत आई, उन्होंने तुरंत ऑफिस में इसकी जांच की। शनिवार को सीसीटीवी कैमरे की भी जांच की गई। पोपली ने अमर उजाला के जरिए अपील की कि आरएलए ऑफिस में अब ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट शुरू की गई है एवं सभी अन्य सुविधा भी ऑनलाइन हैं इसलिए ऑफिस के बाहर यदि ऐसे लोग उनसे संपर्क करते हैं, तो उनकी बातों में न आएं और ऐसे लोग संपर्क करें तो तुरंत इसकी शिकायत कार्यालय में करें।
2014 में पकड़ा जा चुका है दलालों का गिरोह
अगस्त 2014 में आएलए में रुपये लेकर लाइसेंस से लेकर आरसी बनाने वाले दलालों को गिरोह पकड़ा गया था, जो ऑफिस के कर्मचारियों की मदद से यह कार्य करता था।