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सेक्टर 51 की टू बीएचके स्कीम के लिए इन बैंकों से खरीदें ब्रोशर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 02 Mar 2016 09:23 AM IST
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चंडीगढ़ के सेक्टर 51 की टू बीएचके स्कीम के लिए ब्रोशन मिलने शुरू हो गए हैं। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की बैठक में तय किया गया
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कि सेक्टर-51 की 127 टू बीएचके स्कीम के लिए ब्रोशर पंजाब एंड सिंध बैंक,
इलाहाबाद और आईसीआईसीआई, एक्सिज, इंडसइंड, एसबीआई और पंजाब नेशनल बैंक से
मिलेंगे। इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि अल्प अवधि के लिए अतिरिक्त
राशि यूटीआई म्युचल फंड में निवेश करेगा।
बिना मंजूरी खर्च के मामले में सीईओ का लिखित जवाब
सीईओ ने बोर्ड और चेयरमैन की मंजूरी के बिना ही सरकारी कोठी पर 22 लाख रुपये खर्च कर दिए। अब लिखित जवाब दिया है। मामला चंडीगढ़ में सेक्टर-16 स्थित सरकारी कोठी (कैंप आफिस) का है।
सीईओ दीपक कुमार ने बोर्ड की बैठक में सभी सदस्यों को लिखित जवाब की प्रति दी, लेकिन बोर्ड के सदस्यों ने जवाब पर अभी कोई विचार नहीं किया है। जवाब में कहा गया है कि यह राशि उनकी निजी नहीं, सरकारी प्रॉपर्टी पर खर्च की गई है। यह जो कोठी बोर्ड को मिली है वह 7 साल से बंद थी, ऐसे में कोठी की रेनोवेशन की जरूरत थी।
77 मकानों को किया बहाल
बोर्ड की बैठक में सेक्टर-56 के 77 मकानों को बहाल करने का निर्णय लिया गया। ये वे मकान थे जोकि किश्तें जमा न होने या अन्य कारणों से बोर्ड ने खारिज कर दिए थे।
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बोर्ड ने कहा कि मकान धारक ब्याज समेत राशि जमा करवाएगा। इसके साथ ही बोर्ड ने सेक्टर-41 की कृष्णा मार्केट के बूथों के बरामदे और सीढ़ियों को कवर करने का प्रस्ताव पास कर दिया। इसके लिए प्रशासन की ओर से 49 लाख 28 हजार 536 रुपये की राशि मंजूर की गई है।
अगली बैठक में प्रस्ताव
सदस्य प्रेम कौशिक ने कहा कि पिछली बैठक में अधिकारियों के मकानों पर किस तरह से खर्च किया जाए और किस प्रक्रिया के तहत किया जाए, इसके लिए पॉलिसी बनाकर चर्चा के लिए लाने को कहा था, लेकिन एजेंडे में पॉलिसी का उल्लेख नहीं किया गया है। इस पर चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस ने आश्वासन दिया कि अगली बैठक में प्रस्ताव आ जाएगा।
बिना मंजूरी खर्च के मामले में सीईओ का लिखित जवाब
सीईओ ने बोर्ड और चेयरमैन की मंजूरी के बिना ही सरकारी कोठी पर 22 लाख रुपये खर्च कर दिए। अब लिखित जवाब दिया है। मामला चंडीगढ़ में सेक्टर-16 स्थित सरकारी कोठी (कैंप आफिस) का है।
सीईओ दीपक कुमार ने बोर्ड की बैठक में सभी सदस्यों को लिखित जवाब की प्रति दी, लेकिन बोर्ड के सदस्यों ने जवाब पर अभी कोई विचार नहीं किया है। जवाब में कहा गया है कि यह राशि उनकी निजी नहीं, सरकारी प्रॉपर्टी पर खर्च की गई है। यह जो कोठी बोर्ड को मिली है वह 7 साल से बंद थी, ऐसे में कोठी की रेनोवेशन की जरूरत थी।
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77 मकानों को किया बहाल
बोर्ड की बैठक में सेक्टर-56 के 77 मकानों को बहाल करने का निर्णय लिया गया। ये वे मकान थे जोकि किश्तें जमा न होने या अन्य कारणों से बोर्ड ने खारिज कर दिए थे।
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बोर्ड ने कहा कि मकान धारक ब्याज समेत राशि जमा करवाएगा। इसके साथ ही बोर्ड ने सेक्टर-41 की कृष्णा मार्केट के बूथों के बरामदे और सीढ़ियों को कवर करने का प्रस्ताव पास कर दिया। इसके लिए प्रशासन की ओर से 49 लाख 28 हजार 536 रुपये की राशि मंजूर की गई है।
अगली बैठक में प्रस्ताव
सदस्य प्रेम कौशिक ने कहा कि पिछली बैठक में अधिकारियों के मकानों पर किस तरह से खर्च किया जाए और किस प्रक्रिया के तहत किया जाए, इसके लिए पॉलिसी बनाकर चर्चा के लिए लाने को कहा था, लेकिन एजेंडे में पॉलिसी का उल्लेख नहीं किया गया है। इस पर चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस ने आश्वासन दिया कि अगली बैठक में प्रस्ताव आ जाएगा।