अवैध कब्जे के मामले में हाईकोर्ट के तेवर कड़े

सुमेश ठाकुर/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 27 Jan 2014 06:14 PM IST
Breaking News: illegal possession, High Court strictly
चंडीगढ़ पैराफेरी की सरकारी जमीन में अवैध कब्जों के मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इस‌ दिशा में जांच पूरी करने पर अपना रवैया स्पष्ट कर दिया है।

सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस हेमंत गुप्ता पर आधारित खंडपीठ ने पंजाब सरकार से पूछा कि जांच को कलेक्टर लेवल के अधिकारी से करवाने में अपना रिस्पांश हाईकोर्ट में दाखिल करें।

हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में गठित रिटायरर्ड जस्टिस कुलदीप सिंह पर आधारित ट्रिब्यूनल की दोनों रिपोर्टों को सबूत के रूप में इस्तेमाल में लाया जा सकता है और कलेक्टर स्तर के अधिकारी अवैध कब्जा धारकों को नोटिस जारी कर सकता है।

हाईकोर्ट ने सरकार से ये भी पूछा कि इस जांच की दिशा में काम पूरा कर लेने के लिए कोई नया विशेष ट्रिब्यूनल गठित करने की जरूरत तो नहीं है।

मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की वकील रीता कोहली ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसएलपी का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मामले में अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही है।

चूंकि ट्रिब्यूनल की रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट की कोई रोक नहीं है। लिहाजा रिटायर्ड जस्टिस कुलदीप सिंह की रिपोर्ट की सिफारिशों को अमल में लाया जा रहा है और इसके लिए कमेटियां भी गठित की हैं।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पंजाब विलेज कामन लैंड एक्ट के तहत सीधे कार्रवाई की जा सकती है। हाईकोर्ट ने मामले की अगली तारीख 10 फरवरी को निर्धारित की है।

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