वाघा बार्डर पर धमाका: पढ़िए आंखों देखी
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वाघा बार्डर पर रविवार को रिट्रीट सेरेमनी के तुरंत बाद पाकिस्तान की ओर शाम 6.15 बजे हुए जबरदस्त धमाके ने रिट्रीट देखने गए भारतीय पर्यटकों में भी दहशत फैल गई। धमाका उस समय हुआ जब पर्यटक रिट्रीट देखकर बाहर निकल रहे थे।
पर्यटकों को वाघा बार्डर पर लेकर गए वाहन चालक विपन कुमार ने बताया कि उनकी कार पार्किंग में खड़ी थी। पाकिस्तान की तरफ जब धमाका हुआ तो भारतीय पर्यटक भी सहम गए। आवाज इतनी जोरदार थी कि ऐसे लगा कि धमाका रिट्रीट वाली जगह पर ही हुआ है। पार्किंग में अपनी-अपनी गाड़ियों में लेटे ड्राइवर एकदम हड़बड़ा कर उठ बैठे।
लुधियाना से आए एक पर्यटक रंजीत कुमार ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ रिट्रीट देखने के लिए आए थे। परिवार में दो बच्चों समेत पांच सदस्य थे। धमाके की आवाज सुनकर उनके बच्चे रोने लगे। ऐसा लगा कि बार्डर पर कोई बम फटा है और जंग शुरू हो गई है।
दिल की धड़कन तो अमृतसर पहुंचकर भी सामान्य नहीं हो रही थी। अटारी बार्डर पर रेस्टोंरेट संचालिका कमलजीत ने बताया कि अलमारियों में रखा उनका काफी समान भी धमाके के कारण नीचे गिर गया। उन्हें ऐसे लगा कि शायद उनके रेस्टोरेंट की छत ही गिर गई हो। कई पर्र्यटक तो धमाके की आवाज को सुनकर जमीन पर भी लेट गए थे।
'ऐसा लगा कि धमाका भारतीय क्षेत्र में हुआ'
सेरेमनी देखने आए पर्यटक नरेंद्र सिंह ने बताया कि वे पहली बार अंबाला से रिट्रीट देखने अपनी पत्नी और बच्चों के साथ आए हैं। पहले तो बहुत मजा आया लेकिन धमाके के कारण उनका परिवार और बच्चे अब भी दहशत में हैं।
बार्डर की मार्केट में फ्रूट बेचने वाले राम गोपाल ने बताया कि कुछ फड़ी व रेहड़ी छोड़ कर ही भाग गए थे ऐसा प्रतीत हुआ कि धमका भारतीय क्षेत्र में ही हुआ है। यहां तक कि साथ वाली ईमारतों की खिड़कियां भी धमाके की आवाज के कारण आपस में टकरा गई। जब धमाका हुआ तो लोग बाहर निकल रहे थे।
धमाके की आवाज सुन कर पहले तो लोग कुछ सहमे और एक दम दौड़ते हुए बाहर को निकल भागे। कुछ लोग तो सड़क के किनारे धरती पर ही लेट गए। बीएसएफ अगर कंट्रोल न करती तो भगदड़ मच जानी थी और लोगों को चोटे भी आनी थी।
'बीएसएफ ने सारा क्षेत्र खाली करवा दिया
सर्दी के मौसम में रिट्रीट का कार्यक्रम साढ़े चार बजे शुरू हो जाता है। जो 6 बजे तक चलती है। आम तौर पर 5 से 7 हजार लोग भारत की तरफ भी रिट्रीट देखने आते है जबकि रविवार को 15 हजार से अधिक लोग रिट्रीट देखने आते है।
धमाके के बाद बीएसएफ ने एक दम सारा क्षेत्र खाली करवा दिया। लोगों व सभी पर्याटकों को वापिस अमृतसर भेज दिया। यहां तक के वहां की दुकाने और रेहड़ी फड़ी भी बंद करवा दी। जब पाकिस्तान की तरफ धमाका हुआ तो उस वक्त पाकिस्तान की तरफ भी पर्यटक व रिट्रीट देखने आए लोग गेट से बाहर निकल रहे थे।
इस बात की पुष्टि पाकिस्तान में पड़ते पंजाब पुलिस के चीफ मुश्ताक अहमद सुखेरा ने कर दी। उनका कहना है कि यह एक आत्मघाती ब्लास्ट है। हालांकि पाक अधिकारी अपनी सुरक्षा कमियों को छुपाने के लिए इसे सिलेंडर ब्लास्ट का नाम भी दे रहे है।
घायलों को घुरकी अस्पताल पहुंचाया गया
जानकारी मुताबिक शाम 6 बजे भारत और पाक दोनों की तरफ झंडा उतारने की रस्म अदा करने के बाद रिट्रीट देखने के लिए आए लोग गेट से बाहर की तरफ जाने लगे।
शाम को ठीक 6.12 बजे एक 18 साल का युवक पार्किंग एरिया के पास ही खड़ा था। एक दम से सैकंडों लोगों की भीड़ के बाहर आते ही उस युवक ने ब्लास्ट कर दिया। धमाका इतना जोरदार था कि चारों तरफ आग-आग ही फैल गई और इसमें 35 के करीब लोगों की मौत हो गई।
धमाके के तुरंत बाद पहुंचे सुरक्षा कर्मियों ने घायलों को सबसे पास घुरकी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल के डाक्टरों की ओर से 35 शवों के आने की पुष्टि की है। जबकि बाकी घायलों का अभी इलाज चल रहा है।