Punjab: आप के बाद पंजाब में भाजपा का बड़ा एलान, अकेले दम पर लड़ेगी चुनाव, अकाली दल से गठबंधन नहीं
पंजाब में भाजपा अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ेगी। शिरोमणि अकाली दल से लोकसभा चुनाव 2024 में गठबंधन नहीं होगा। पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति भी बनाना शुरू कर दी है। किसान आंदोलन की वजह से शिअद ने भाजपा से 25 साल पुराना नाता तोड़ा था। उस समय हरसिमरत कौर बादल ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
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लोकसभा चुनाव 2024 में पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच गठबंधन नहीं होगा। बुधवार को पंजाब के सीएम भगंवत मान ने सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का एलान किया। इसके एक दिन बाद गुरुवार को भाजपा ने भी बड़ी घोषणा कर दी।
भाजपा ने साफ कर दिया है कि पार्टी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अकेले चुनाव में उतरेगी। गौरतलब है कि दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन के दौरान शिअद ने भाजपा के साथ 25 साल पुराना गठबंधन तोड़ लिया था।
कांग्रेस और आप ने अब राज्य की सभी 13 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अब भाजपा भी अपने स्तर पर खुद को चुनाव के लिए संगठित करने लगी है। चंडीगढ़ में पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला प्रधानों को अपने-अपने हलके में भाजपा काडर को चुनाव के लिए तैयार करने संबंधी दिशानिर्देश दिए गए। वहीं पार्टी के सीनियर नेताओं के साथ चुनाव रणनीति पर भी चर्चा की गई।
सुनील जाखड़ ने निचले स्तर पर भाजपा के सामने आ रही दिक्कतों के बारे में जिला प्रधानों से रिपोर्ट तलब की है ताकि इन दिक्कतों का समय रहते हल खोजा जा सके। वरिष्ठ नेताओं और जिला प्रधानों को जनता तक पहुंच बनाने का निर्देश दिया गया है।
इस बीच, पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभिन्न हलकों से ग्राउंड रिपोर्ट पहुंचने लगी हैं। इसमें भाजपा को पंजाब में लोगों का पहले से ज्यादा समर्थन मिलने की बात कही गई है और आम लोग भाजपा से जुड़ने लगे हैं। इस संबंध में सुनील जाखड़ ने बताया कि पार्टी एकजुट है और लोकसभा चुनाव में अच्छे नतीजे पाने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। सभी सीनियर नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर हलकावार रणनीति बनाई जा रही है।
जाखड़ ने एक तरफ जहां शिअद से गठबंधन की संभावनाओं से इंकार किया, वहीं कांग्रेस और आप से गठजोड़ के प्रयासों को अपवित्र गठबंधन बताया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को छिपाने के इरादे से की जा रही सौदेबाजी बेनकाब हो गई। 'इंडिया' गठबंधन के तहत एकजुट हो रही पार्टियों का आधार केवल स्वार्थ है।