दूसरे दलों में सेंध लगाने में जुटी भाजपा
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विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की नजर चौधरी बीरेंद्र सिंह के अलावा कांग्रेस व इनेलो के अन्य नेताओं पर भी है। चुनावी जंग में उतरने से पहले भाजपा इन दलों के कुनबे में सेंध लगाने की कोशिश में है।
महेंद्रगढ़, जींद और कैथल की रैलियों में कांग्रेस और इनेलो के नेता कई नेता भाजपा का दामन थाम सकते हैं। भाजपा अध्यक्ष 14 अगस्त को महेंद्रगढ़ आ रहे हैं। इसके बाद वे 16 अगस्त को जींद की रैली में भी शिकरत करेंगे।
इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीरेद्र सिंह भाजपा में शामिल होने का ऐलान करेंगे। इसके बाद 19 अगस्त को कैथल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा का चुनावी बिगुल फूंकेंगे।
सोची-समझी रणनीति पर काम कर रही भाजपा
भाजपा नेता इन तीनों रैलियों में कांग्रेस व इनेलो के कई नेताओं को शामिल कराने की तैयारी में है। दरअसल, कांग्रेस व इनेलो के नेताओं के लिए अपने दरवाजे खोलने के पीछे भाजपा की सोची समझी रणनीति है। एक तो इससे जनता में संदेश जाएगा कि हार के भय से नेता अपने दलों को छोड़ रहे हैं।
प्रदेश भाजपा मानती है कि विधानसभा के राजनीतिक समीकरण हाल के लोकसभा के चुनावी गणित से अलग हैं। लोकसभा चुनाव में पार्टी को मोदी की लहर से सियासी फायदा हुआ। जबकि अब राजनीतिक परिस्थितियां बहुत भिन्न हैं। भाजपा को अब कार्यकर्ताओं की लंबी फौज चाहिए।
दूसरा, ऐसे नेताओं की दरकार है जिनका नाम पूरे प्रदेश में जाना पहचाना हो। जिनका जनाधार हो और समर्थक भी हों। चौधरी बीरेंद्र सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं को भाजपा में लाने के पीछे यही रणनीति है। जबकि छोटे नेताओं को शामिल करने भाजपा सदस्यों की संख्या बल बढ़ाना चाहती है।