भाजपा विधायक बख्शीश सिंह ने कहा- जरनैल सिंह भिंडरावाले संत थे, मैं धर्म के साथ हूं
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करनाल के असंध से भाजपा विधायक व पूर्व सीपीएस बख्शीश सिंह विर्क का कहना है कि जरनैल सिंह भिंडरावाले संत थे। मैं सिख धर्म के साथ हूं। पार्टी आती और जाती रहती है। उन्होंने कहा कि अगर सिख समाज कहेगा तो अपने पद से इस्तीफा देने को तैयार हूं। विधायक ने कहा कि भिंडरावाले को उठाने वाली कांग्रेस थी, लेकिन बाद में कांग्रेस ने उनके साथ क्या किया इसे पूरा देश जानता है। विर्क शुक्रवार को डेरा कार सेवा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। विर्क ने कहा कि भिंडरावाला की फोटो लगाना और नहीं लगाना समाज के लोगों की आस्था से जुड़ा मामला है।
जैन ने गलत खबर मीडिया को दी, उन्हें पद से हटाया जाए : विर्क
भाजपा विधायक ने कहा कि गुरुवार को चंडीगढ़ में हुई बैठक में सीएम ने आश्वस्त किया है कि वह 9 अक्तूबर के बाद डाचर गुरुद्वारे में जाकर मत्था टेकेंगे। इस दौरान भिंडरावाला की फोटो को लेकर कोई बात नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम के मीडिया सलाहकार राजीव जैन हमारी बैठक के दौरान मौजूद नहीं थे, इसके बावजूद उन्होंने बिना तथ्यों को जाने समाचार पत्रों को यह समाचार भेज दिया। इसलिए मैं सीएम से अपील करूंगा कि वह जैन को पद से हटा दें।
कुछ युवा लगा रहे खालिस्तान के नारे : विर्क
खालिस्तान के नारे लगाने के सवाल पर विर्क ने कहा कि पूरा सिख समाज नारे नहीं लगा रहा है। कुछ युवा नारे लगा रहे हैं। वे उन युवाओं से अपील करते हैं प्रेम और शांति बनाए रखें। मैं चाहता हूं कि आपस में सभी का भाईचारा बना रहे, इसके लिए सभी को प्रयास करने चाहिए।
सीएम को मत्था टेकने जाना था, न की भिंडरावाला की फोटो देखने : पन्नू
निफा के अध्यक्ष प्रितपाल सिंह पन्नू ने कहा कि भिंडरावाले की फोटो हर घर, गुरुद्वारे में लगी है। पंजाब में भिंडरावाले का स्मारक तक बना है। सीएम को गुरुद्वारे में गुरु ग्रंथ साहिब के सामने मात्था टेकने और लंगर चखने जाना था, न कि भिंडरावाले की फोटो देखने। उन्होंने गलती की है। पन्नू ने कहा कि गुरुवार को उनकी सीएम से बात हुई है, लेकिन वहां भिंडरावाले की फोटो उतारने या लगी रहने को लेकर कोई बात नहीं हुई। अगर प्रतिनिधिमंडल की बात मानें तो इसका मतलब यह है कि सीएम दोबारा से डाचर गुरुद्वारे में आएंगे। इस दौरान भिंडरावाला की फोटो नहीं उतारी जाएगी।
डेरा कार सेवा में भी लगाए भिंडरावाले के पोस्टर
प्रेसवार्ता से पहले डेरा कार सेवा में भी सिख युवाओं ने भिंडरावाले के पोस्टर लगाए। हालांकि, इससे पहले डेरा कार सेवा में इस तरह के पोस्टर नहीं लगाए गए थे। इससे पहले भी सिख समाज के कुछ युवा दो बार खालिस्तान और भिंडरावाला के नारे लगा चुके हैं।
यह है पूरा मामला
बता दें कि 28 सितंबर को सीएम मनोहर लाल अपने प्रस्तावित दौरे के दौरान गांव डाचर स्थित गुरुद्वारे में नहीं गए थे। सीएम का कहना था कि वे गुरुद्वारे में इसलिए नहीं गए, क्योंकि वहां पर जरनैल सिंह भिंडरावाला का चित्र लगा था। इसके बाद से सिख समाज में सीएम और भाजपा को लेकर रोष है। सिख समाज ने चेतावनी दे रखी है कि अगर 6 अक्तूबर तक सीएम ने गुरुद्वारे में आकर माफी नहीं मांगी तो वे आगामी रणनीति बनाएंगे। मामले को लेकर गुरुवार को असंध के विधायक बख्शीश सिंह विर्क समेत सिख समाज का प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ में सीएम से मिला। इसके बाद शुक्रवार सुबह सिख समाज के लोगों ने डेरा कार सेवा में प्रेसवार्ता की।