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एक घंटे ‘आत्मा’ और एक घंटा ‘शरीर’ में रहते हैं ये BJP मंत्री
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 17 Jul 2016 09:59 AM IST
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मंत्री ओपी धनखड़
- फोटो : amar ujala
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देश में एक ऐसे मंत्री सामने आए हैं, जो एक घंटे ‘आत्मा’ और एक घंटा ‘शरीर’ में रहते हैं। चौंक गए न आप, पर ये सच है। बात हो रही है हरियाणा सरकार के कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ की। साहित्य और अध्यात्म में रुचि रखने वाले इस मंत्री ने घर में चार कमरे ऐसे बनवाए हैं, जो इनकी आत्म चिंतन की थ्योरी को सुदृढ़ करते हैं।
कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ सुबह ढाई घंटे का समय इन कमरों में व्यतीत करते हैं। इसमें एक घंटा आत्मा और एक घंटा शरीर में रहते हैं। बाकी समय अन्य दो कमरों में व्यतीत होता है। इसके बाद का समय जनता के लिए रखा गया है। कृषि मंत्री ने अपने आवास में शरीर, मन, विवेक और आत्मा के नाम से चार कमरे बनवाए हैं। शरीर में जिम है, जबकि आत्मा में ध्यान लगाने के लिए तस्वीरें और खुद की लिखी प्रार्थना है। आत्मा के बाद नंबर आता है विवेक का, यहां पर साहित्य और अध्यात्म की पुस्तकें हैं।
दिन भर जनता के बीच समय देने से पहले धनखड़ सुबह ढाई घंटे का समय इस रूटीन को देते हैं। रही बात मन की तो उसमें मन की सारी चीजे हैं, जिसमें टीवी वगैरह भी है। कृषि मंत्री के मुताबिक वे सुबह ढाई घंटे अपने ऊपर कोई दबाव नहीं रखते। एक सपना टूटे तो दूसरा गढ़ने की नई इच्छा के साथ रोजाना नौ बजे जनता के बीच जाते हैं।
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कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ सुबह ढाई घंटे का समय इन कमरों में व्यतीत करते हैं। इसमें एक घंटा आत्मा और एक घंटा शरीर में रहते हैं। बाकी समय अन्य दो कमरों में व्यतीत होता है। इसके बाद का समय जनता के लिए रखा गया है। कृषि मंत्री ने अपने आवास में शरीर, मन, विवेक और आत्मा के नाम से चार कमरे बनवाए हैं। शरीर में जिम है, जबकि आत्मा में ध्यान लगाने के लिए तस्वीरें और खुद की लिखी प्रार्थना है। आत्मा के बाद नंबर आता है विवेक का, यहां पर साहित्य और अध्यात्म की पुस्तकें हैं।
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दिन भर जनता के बीच समय देने से पहले धनखड़ सुबह ढाई घंटे का समय इस रूटीन को देते हैं। रही बात मन की तो उसमें मन की सारी चीजे हैं, जिसमें टीवी वगैरह भी है। कृषि मंत्री के मुताबिक वे सुबह ढाई घंटे अपने ऊपर कोई दबाव नहीं रखते। एक सपना टूटे तो दूसरा गढ़ने की नई इच्छा के साथ रोजाना नौ बजे जनता के बीच जाते हैं।
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