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चंडीगढ़ः 25वें मेयर बने बीजेपी के राजेश कालिया, पर बागी सतीश कैंथ किए गए पार्टी से बाहर
Sat, 19 Jan 2019 09:57 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 19 Jan 2019 09:57 AM IST
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सतीश कैंथ
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भाजपा पार्षद राजेश कालिया चंडीगढ़ के नए और 25वें मेयर चुन लिए गए हैं, लेकिन बागी सतीश कैंथ को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी विरोधी गतिविधियों का दोषी पाते हुए कैंथ को पार्टी से निकाल दिया गया है। हालांकि भाजपा ने उन्हें आखिरी मौका देते हुए मतदान प्रक्रिया शुरू होने से पहले नाम वापस लेने को कहा था लेकिन वह नहीं माने।
सतीश कैंथ बने रहेंगे पार्षद
नगर निगम में एंटी डिफेक्शन लॉ (दलबदल कानून) लागू नहीं होता, इसलिए कोई भी पार्षद अगर पार्टी छोड़ता है या पार्टी उसे निकाल भी देती है तो उसकी सदस्यता पर फर्क नहीं पड़ता है। इसलिए पार्षद सतीश कैँथ की सदस्यता पर किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। वे पूरे कार्यकाल तक पार्षद बने रहेंगे। यह बात एडवोकेट सतिंदर सिंह ने बताई।
मेरी जीत हुई है: कैंथ
हारकर भी मैं जीत गया हूं। मुझे चुनाव में लोगों का स्नेह और प्यार मिला है। 2021 तक मैं पार्षद के रूप में लोगों के लिए काम करता रहूंगा। मैं कांग्रेस पार्टी और उनके सभी चारों पार्षदों का धन्यवाद करता हूं। साथ ही भाजपा के उन पार्षदोें का भी धन्यवाद, जिन्होंने मुझे वोट किया है। इन सभी लोगों ने शहर के अच्छे के लिए वोट दिया। नवनिर्वाचित मेयर राजेश कालिया को मेरी ओर से ढेर सारी शुभकामनाएं। मैं उन्हें सहयोग करता रहूंगा। मुझे लालच भी दिया गया लेकिन मैंने उसे ठुकरा दिया। शहर के कई लोगों से मुझे शुभकामनाएं मिली हैं। कांग्रेस की ओर से मुझे पार्टी में शामिल होने के लिए अप्रोच किया गया था, कांग्रेस ने मुझे मदद की इसके लिए उनका धन्यवाद।
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सतीश कैंथ बने रहेंगे पार्षद
नगर निगम में एंटी डिफेक्शन लॉ (दलबदल कानून) लागू नहीं होता, इसलिए कोई भी पार्षद अगर पार्टी छोड़ता है या पार्टी उसे निकाल भी देती है तो उसकी सदस्यता पर फर्क नहीं पड़ता है। इसलिए पार्षद सतीश कैँथ की सदस्यता पर किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। वे पूरे कार्यकाल तक पार्षद बने रहेंगे। यह बात एडवोकेट सतिंदर सिंह ने बताई।
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मेरी जीत हुई है: कैंथ
हारकर भी मैं जीत गया हूं। मुझे चुनाव में लोगों का स्नेह और प्यार मिला है। 2021 तक मैं पार्षद के रूप में लोगों के लिए काम करता रहूंगा। मैं कांग्रेस पार्टी और उनके सभी चारों पार्षदों का धन्यवाद करता हूं। साथ ही भाजपा के उन पार्षदोें का भी धन्यवाद, जिन्होंने मुझे वोट किया है। इन सभी लोगों ने शहर के अच्छे के लिए वोट दिया। नवनिर्वाचित मेयर राजेश कालिया को मेरी ओर से ढेर सारी शुभकामनाएं। मैं उन्हें सहयोग करता रहूंगा। मुझे लालच भी दिया गया लेकिन मैंने उसे ठुकरा दिया। शहर के कई लोगों से मुझे शुभकामनाएं मिली हैं। कांग्रेस की ओर से मुझे पार्टी में शामिल होने के लिए अप्रोच किया गया था, कांग्रेस ने मुझे मदद की इसके लिए उनका धन्यवाद।
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बीजेपी पार्षदों का अपनी ही पार्टी से हुआ मोहभंग: कांग्रेस
भाजपा के बागी नेता सतीश कैंथ को 11 वोट मिलने पर कांग्रेस खुश है। भाजपा से पांच पार्षदों के क्रास वोटिंग के बाद कांग्रेस का कहना है कि भाजपा पार्षदों का अपनी ही पार्टी से मोहभंग हो गया है। यही वजह है कि पार्टी के पांच पार्षदों ने पार्टी लाइन के खिलाफ वोटिंग की है। अब आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस बड़ी जीत दर्ज करेगी।
मेयर चुनाव संपन्न होने के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि हम चार थे, लेकिन हमें छह वोट मिले। सीनियर डिप्टी मेयर के चुनाव में हमें सात वोट मिले। खास बात यह है कि बीजेपी अपने पार्षदों को क्रासॅ करने से बचा नहीं सकी। यह साल 2019 की नई शुरुआत है। यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि बीजेपी पार्षदों द्वारा इतनी क्रास वोटिंग से साफ जाहिर हो गया है कि जनता के साथ-साथ बीजेपी के पार्षदों का अपनी ही पार्टी से मोह भंग हो गया है।
और यह लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस की जीत का आगाज है। दूसरी ओर बीजेपी के पार्षदों का भारी संख्या में क्रास वोटिंग करना ये भी दर्शाता है कि मेयर उम्मीदवार के प्रति पार्टी में कितना भारी विरोध था और जिन्होंने ने भी उम्मीदवार को वोट डाला होगा या तो कोई मजबूरी होगी या कोई दबाव अन्यथा रिजल्ट कुछ और ही होता।
मेयर चुनाव संपन्न होने के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि हम चार थे, लेकिन हमें छह वोट मिले। सीनियर डिप्टी मेयर के चुनाव में हमें सात वोट मिले। खास बात यह है कि बीजेपी अपने पार्षदों को क्रासॅ करने से बचा नहीं सकी। यह साल 2019 की नई शुरुआत है। यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि बीजेपी पार्षदों द्वारा इतनी क्रास वोटिंग से साफ जाहिर हो गया है कि जनता के साथ-साथ बीजेपी के पार्षदों का अपनी ही पार्टी से मोह भंग हो गया है।
और यह लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस की जीत का आगाज है। दूसरी ओर बीजेपी के पार्षदों का भारी संख्या में क्रास वोटिंग करना ये भी दर्शाता है कि मेयर उम्मीदवार के प्रति पार्टी में कितना भारी विरोध था और जिन्होंने ने भी उम्मीदवार को वोट डाला होगा या तो कोई मजबूरी होगी या कोई दबाव अन्यथा रिजल्ट कुछ और ही होता।