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Chandigarh News: सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर पद पर भाजपा का कब्जा, गठबंधन का एक वोट फिर अमान्य
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चंडीगढ़। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में इंडिया गठबंधन को हराकर सोमवार को भाजपा ने दोनों पदों पर कब्जा जमा लिया। भाजपा के कुलजीत सिंह संधू सीनियर डिप्टी मेयर और राजिंदर शर्मा डिप्टी मेयर चुने गए। दोनों को 19-19 वोट मिले जबकि इंडिया गठबंधन के सीनियर डिप्टी मेयर पद के प्रत्याशी सिंह गाबी को 16 और डिप्टी मेयर पद की उम्मीदवार निर्मला देवी को 17 वोट मिले। सीनियर डिप्टी मेयर चुनाव में गठबंधन के एक पार्षद का वोट अमान्य करार दिया गया। यह पहली बार है जब शहर में मेयर किसी अन्य पार्टी का है और सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर किसी और दल के हैं। इसका असर आने वाले सदन की बैठकों पर पड़ना तय है। नतीजों की घोषणा के बाद कुलजीत सिंह संधू और राजिंदर शर्मा ने सीनियर डिप्टी में और डिप्टी मेयर कार्यालय में जाकर पद भी ग्रहण कर लिया। मौके पर सांसद किरण खेर और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा के अलावा भाजपा के पार्षद व अन्य नेता मौजूद थे।
इससे पहले सोमवार सुबह 10 बजे सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन के सभी पार्षद सुबह 9.45 बजे सदन में पहुंच गए थे। थोड़ी देर बाद भाजपा के पार्षद पहुंचे। मेयर कुलदीप कुमार ने पीठासीन अधिकारी की भूमिका निभाई और चुनाव संपन्न कराए। इस बार चुनाव शांतिपूर्ण रहा। सबसे पहले सीनियर डिप्टी मेयर के लिए मतदान हुए। पहला वोट सांसद किरण खेर ने डाला। एक-एक कर सभी पार्षदों ने अपना वोट डाला।
चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के एक घंटे बाद तक सदन में अकाली दल के पार्षद हरदीप सिंह मौजूद नहीं थे लेकिन जैसे ही उनके वार्ड का नंबर आया और नगर निगम के सचिव शंभू राठी ने वोट डालने के लिए उनका नाम लिया तो वह अचानक हाजिर हुए और अपना वोट डाला। मतदान के बाद मतों की गिनती शुरू हुई। भाजपा के कुलजीत सिंह संधू को कुल 19 वोट मिले, जबकि गठबंधन के गुरप्रीत सिंह गाबी को 16 वोट मिले। एक वोट अमान्य करार दिया गया। यह वोट गठबंधन के किसी पार्षद का था।
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इसके बाद डिप्टी मेयर पद के लिए मतदान हुए। भाजपा के राजिंदर शर्मा को 19 वोट और आम आदमी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन की उम्मीदवार निर्मला देवी को 17 वोट मिले थे। इस बार कोई वोट अमान्य नहीं हुआ।
गांवों के विकास में लाएंगे तेजी : कुलजीत सिंह संधू
सीनियर डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह संधू ने कहा कि वह पिछले काफी समय से गांव के लोगों की लड़ाई लड़ रहे हैं। यह आगे भी जारी रहेगी। भाजपा ने पिछले वर्षों में गांव के विकास के लिए काफी काम किए हैं। जो काम लंबित रह गए हैं, उन्हें वह पूरा करेंगे। यह प्राथमिकता होगी। संधू ने कहा कि मेयर भले किसी अन्य पार्टी से संबंध रखते हैं लेकिन विकास के एजेंडों पर सभी एक साथ मिलकर चर्चा करेंगे और चंडीगढ़ को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। बता दें कि किसान परिवार से संबंध रखने वाले कुलजीत संधू 38 साल के हैं। वह खेतीबाड़ी से जुड़े हैं। उनकी चंडीगढ़ और पंजाब व हरियाणा में खेती की जमीन है।
सोसाइटियों से जुड़े मुद्दों को कराएंगे हल : राजिंदर शर्मा
डिप्टी मेयर राजिंदर शर्मा ने कहा कि शहर में भाजपा पिछले नौ साल से विकास कर रही है। वह उस वार्ड से आते हैं, जहां पर सारी सोसाइटियां हैं। ऐसे में उनकी प्राथमिकता सोसाइटियों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना और अपने कार्यकाल के दौरान ही उन्हें हल कराना है। उन्होंने कहा कि मेयर भले किसी अन्य पार्टी के हैं लेकिन विकास के मुद्दों पर सबकी एक राय होगी। उम्मीद है कि सदन अच्छे तरीके से चलेगा और चंडीगढ़ की भलाई के लिए सभी मिलकर काम करेंगे। बता दें कि राजिंदर शर्मा (55) बिजनेसमैन हैं और भाजपा के काफी पुराने नेता हैं।
वोट देने से पहले सांसद खेर के पास पहुंचे जोशी, हुआ हंगामाआम आदमी पार्टी का मेयर बनते ही नगर निगम के सदन में सीटिंग अरेंजमेंट बदल गया है। पहले जहां आप के पार्षद बैठते थे, वहां सोमवार को भाजपा के पार्षद बैठे नजर आए। आप के सभी पार्षद बीच में बैठे दिखाई दिए। सीनियर डिप्टी मेयर के लिए सांसद किरण खेर के वोट डालने से पहले पार्षद सौरभ जोशी उनके पास आ गए, जिसको लेकर सदन में हंगामा हो गया। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों ने आरोप लगाया कि मतदान से पहले कोई पार्षद अपनी सीट से उठकर मतदान डालने वाले के पास कैसे जा सकता है। हालांकि, बाद में मेयर के समझाने के बाद मामला शांत हो गया।
अहलूवालिया का आरोप- पुलिस अधिकारी ने पकड़ा गला, देख लेने की धमकी दी
सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी के प्रदेश सह-प्रभारी डॉ. एसएस आहलूवालिया, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की व अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं ने जब नगर निगम के अंदर जाने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान आप नेताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की हो गई। अहलूवालिया ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ पुलिस के एक डीएसपी स्तर के अधिकारी ने उनका कॉलर पकड़ा और देख लेने की धमकी दी। कहा कि वह काफी समय से सभी कार्यकर्ताओं के साथ अंदर जाने का इंतजार कर रहे थे। पुलिस ने रोका हुआ था लेकिन दूसरी तरफ से पुलिस ने भाजपा नेताओं को अंदर जाने दिया। इस पर विरोध जताया तो पुलिस ने धमकी दी और कॉलर पकड़ा। अहलूवालिया ने कहा कि पुलिस को यह दोहरा रवैया अपनाना छोड़ देना चाहिए। बता दें कि इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अहलूवालिया और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की होती नजर आ रही है।
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इससे पहले सोमवार सुबह 10 बजे सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन के सभी पार्षद सुबह 9.45 बजे सदन में पहुंच गए थे। थोड़ी देर बाद भाजपा के पार्षद पहुंचे। मेयर कुलदीप कुमार ने पीठासीन अधिकारी की भूमिका निभाई और चुनाव संपन्न कराए। इस बार चुनाव शांतिपूर्ण रहा। सबसे पहले सीनियर डिप्टी मेयर के लिए मतदान हुए। पहला वोट सांसद किरण खेर ने डाला। एक-एक कर सभी पार्षदों ने अपना वोट डाला।
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चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के एक घंटे बाद तक सदन में अकाली दल के पार्षद हरदीप सिंह मौजूद नहीं थे लेकिन जैसे ही उनके वार्ड का नंबर आया और नगर निगम के सचिव शंभू राठी ने वोट डालने के लिए उनका नाम लिया तो वह अचानक हाजिर हुए और अपना वोट डाला। मतदान के बाद मतों की गिनती शुरू हुई। भाजपा के कुलजीत सिंह संधू को कुल 19 वोट मिले, जबकि गठबंधन के गुरप्रीत सिंह गाबी को 16 वोट मिले। एक वोट अमान्य करार दिया गया। यह वोट गठबंधन के किसी पार्षद का था।
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इसके बाद डिप्टी मेयर पद के लिए मतदान हुए। भाजपा के राजिंदर शर्मा को 19 वोट और आम आदमी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन की उम्मीदवार निर्मला देवी को 17 वोट मिले थे। इस बार कोई वोट अमान्य नहीं हुआ।
गांवों के विकास में लाएंगे तेजी : कुलजीत सिंह संधू
सीनियर डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह संधू ने कहा कि वह पिछले काफी समय से गांव के लोगों की लड़ाई लड़ रहे हैं। यह आगे भी जारी रहेगी। भाजपा ने पिछले वर्षों में गांव के विकास के लिए काफी काम किए हैं। जो काम लंबित रह गए हैं, उन्हें वह पूरा करेंगे। यह प्राथमिकता होगी। संधू ने कहा कि मेयर भले किसी अन्य पार्टी से संबंध रखते हैं लेकिन विकास के एजेंडों पर सभी एक साथ मिलकर चर्चा करेंगे और चंडीगढ़ को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। बता दें कि किसान परिवार से संबंध रखने वाले कुलजीत संधू 38 साल के हैं। वह खेतीबाड़ी से जुड़े हैं। उनकी चंडीगढ़ और पंजाब व हरियाणा में खेती की जमीन है।
सोसाइटियों से जुड़े मुद्दों को कराएंगे हल : राजिंदर शर्मा
डिप्टी मेयर राजिंदर शर्मा ने कहा कि शहर में भाजपा पिछले नौ साल से विकास कर रही है। वह उस वार्ड से आते हैं, जहां पर सारी सोसाइटियां हैं। ऐसे में उनकी प्राथमिकता सोसाइटियों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना और अपने कार्यकाल के दौरान ही उन्हें हल कराना है। उन्होंने कहा कि मेयर भले किसी अन्य पार्टी के हैं लेकिन विकास के मुद्दों पर सबकी एक राय होगी। उम्मीद है कि सदन अच्छे तरीके से चलेगा और चंडीगढ़ की भलाई के लिए सभी मिलकर काम करेंगे। बता दें कि राजिंदर शर्मा (55) बिजनेसमैन हैं और भाजपा के काफी पुराने नेता हैं।
वोट देने से पहले सांसद खेर के पास पहुंचे जोशी, हुआ हंगामाआम आदमी पार्टी का मेयर बनते ही नगर निगम के सदन में सीटिंग अरेंजमेंट बदल गया है। पहले जहां आप के पार्षद बैठते थे, वहां सोमवार को भाजपा के पार्षद बैठे नजर आए। आप के सभी पार्षद बीच में बैठे दिखाई दिए। सीनियर डिप्टी मेयर के लिए सांसद किरण खेर के वोट डालने से पहले पार्षद सौरभ जोशी उनके पास आ गए, जिसको लेकर सदन में हंगामा हो गया। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों ने आरोप लगाया कि मतदान से पहले कोई पार्षद अपनी सीट से उठकर मतदान डालने वाले के पास कैसे जा सकता है। हालांकि, बाद में मेयर के समझाने के बाद मामला शांत हो गया।
अहलूवालिया का आरोप- पुलिस अधिकारी ने पकड़ा गला, देख लेने की धमकी दी
सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी के प्रदेश सह-प्रभारी डॉ. एसएस आहलूवालिया, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की व अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं ने जब नगर निगम के अंदर जाने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान आप नेताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की हो गई। अहलूवालिया ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ पुलिस के एक डीएसपी स्तर के अधिकारी ने उनका कॉलर पकड़ा और देख लेने की धमकी दी। कहा कि वह काफी समय से सभी कार्यकर्ताओं के साथ अंदर जाने का इंतजार कर रहे थे। पुलिस ने रोका हुआ था लेकिन दूसरी तरफ से पुलिस ने भाजपा नेताओं को अंदर जाने दिया। इस पर विरोध जताया तो पुलिस ने धमकी दी और कॉलर पकड़ा। अहलूवालिया ने कहा कि पुलिस को यह दोहरा रवैया अपनाना छोड़ देना चाहिए। बता दें कि इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अहलूवालिया और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की होती नजर आ रही है।