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अब जन्म प्रमाण पत्र के लिए लोगों को नगर परिषद या सिविल सर्जन कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। लोगों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों व सब सेंटरों पर ही प्रमाण पत्र मिल जाएंगे। वह भी बहुत जल्दी। प्रदेश सरकार ने जन्म प्रमाण पत्र की पूरी प्रक्रिया को अब ऑनलाइन करने का प्लान बनाया है। आगामी माह के प्रथम सप्ताह में मुख्यमंत्री इसकी शुरुआत करेंगे। खास बात यह कि प्रदेश के किसी भी जिले में आवेदन कर अन्य जिले का प्रमाण पत्र भी लिया जा सकेगा।
ऐसे में लोगों को चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। अब तक जिले में कुछ ही जगह जन्म प्रमाण पत्र बनते है। शहरी क्षेत्र के नगर परिषद और ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य विभाग कार्यालय।
दोनों ही जगह जन्म प्रमाण पत्र के लिए लोगों को एक से दो महीने तक चक्कर लगाने पड़ते है। उसके बाद भी उन्हें जन्म प्रमाण पत्र नहीं मिले। अब लोगों की इस समस्या का समाधान होने जा रहा है और जन्म प्रमाण पत्र का सारा सिस्टम ऑन लाइन होगा।
बच्चे के पैदा होते ही उसका रिकार्ड ऑन लाइन दर्ज कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के सभी 47 स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा करीब दर्जनभर सब सेंटरों पर जन्म प्रमाण पत्र मिलेंगे।
पुराना रिकार्ड कंप्यूटराइज्ड करना है बड़ी समस्या
ऑनलाइन कंप्यूटराइज्ड सिस्टम के तहत पुराना रिकार्ड भी कंप्यूटराइज्ड किया जाना है। पुराना रिकार्ड कंप्यूटराइज्ड करना बड़ी समस्या है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2000 तक का रिकार्ड कंप्यूटराइज्ड करने के लिए कंपनी को भेज दिया है। पैदा होने वाले बच्चों का रिकार्ड हाथो-हाथ कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा।
बढ़ सकती है फीस
जन्म प्रमाणपत्र के सिस्टम को ऑनलाइन व कंप्यूटराइज्ड करने के साथ ही इसकी फीस भी बढ़ने की संभावना है। फिलहाल करीब 12 रुपये जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन शुल्क लगता है। अब इसे करीब 50 रुपये तक बढ़ाया जा सकता है। यह तो अगले माह के पहले सप्ताह में ही तय होगा कि 50 रुपये फीस की जाती है या कम।
‘‘जन्म प्रमाण पत्र के कार्य को ऑनलाइन किया जा रहा है। जिसके बाद ऑनलाइन ही फीस भरकर जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त किए जा सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग की सभी सीएचसी, पीएचसी के अलावा कुछ सब सेंटरों पर भी जन्म प्रमाण पत्र मिलेंगे। जिससे लोगों को जन्म प्रमाण पत्रों के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में नहीं जाना पडे़गा।’’
रणदीप पूनिया, सिविल सर्जन