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सावधान! अंडे और नॉन-वेज भूल कर भी न खाएं

Fri, 26 Dec 2014 09:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला/पिंजौर/शिमला/हांसी
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला/पिंजौर/शिमला/हांसी Updated Fri, 26 Dec 2014 09:42 AM IST
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 Bird flu on Sukhna Lake, 343 Hens Dead

ब्लाक के गांव जोहलूवाल के तालाब में बगुले, प्रवासी पक्षी और मछलियों के मरने पर ग्रामीण चिंता जताई है। सरपंच दर्शन सिंह ने बताया कि इस तालाब का पानी पहले साफ रहता था, लेकिन इस समय उसका रंग काला हो गया है।

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उन्होंने बताया कि तालाब में चार बगुले, कुछ मछलियां और एक प्रवासी पक्षी मरा हुआ देख गया। इसके बाद मौके पर पशु चिकित्सक एवं प्रजनन केंद्र खेड़ावाली के डॉक्टर टीम के साथ पहुंचे।
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टीम ने मृत जानवर के सैंपल लिए और उन्हें वन्य प्राणी विभाग को सौंप दिए है। उल्लेखनीय है कि गत 19 दिसंबर को पिंजौर के कौशल्या डैम से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर देयोल घाटी में करीब दो दर्जन कौए मृत पाए गए थे।
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उधर, जेई ईश कुमार ने बताया कि माइग्रेटरी व अन्य कई राज्यों के पक्षी कौशल्या डैम में आने शुरू हो गए हैं। विभाग के कर्मचारियों को डैम पर तैनात किया गया है, जो पानी में तैर रहे पक्षी हैं, उन पर नजर रखे हुए हैं। अभी तक किसी पक्षी के मरे होने की पुष्टि नहीं हुई हैं।

करोरां के तालाब में छह बतखें मरीं

 Bird flu on Sukhna Lake, 343 Hens Dead

सुखना लेक के बाद अब बर्ड फ्लू की दहशत मोहाली पहुंच गई है। गांव करोरां के तालाब में छह बतखें और फेज-8 में एक कौआ मरने का मामला सामने आया है। वेटरनरी विभाग ने सभी पक्षियों के शवों को कब्जे में लेकर जांच के लिए जालंधर स्थित रीजनल डिसीज डाग्यनोस्टिक लेबोरेटरी भेजा है।

वहां की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि पक्षियों की मौत ठंड से हुई है या फिर किसी बीमारी के कारण उन्होंने दम तोड़ा है। दूसरी तरफ सेहत विभाग ने सिसवां व जयंती माजरी डैम को सर्विलांस पर लगा दिया। पशु पालन विभाग की टीम ने उक्त इलाकों में पक्षियों पर नजर रखने के आदेश दिए हैं।

वहीं, इससे पहले मंगलवार को डीसी तेजिंदर पाल सिंह सिद्धू की अगुवाई में सेहत, पशु पालन, जंगली जीव सुरक्षा के अधिकारियों से मीटिंग की। मीटिंग में तय किया गया कि अगले दस दिनों तक रोजाना 12 बजे बर्ड फ्लू संबंधी अधिकारियों की मीटिंग होगी। ताकि स्थिति पर पूरी तरह नजर रखी जा सकें।

डीसी ने अधिकारियों को कहा कि गांवों में वाटर बॉडीज पर पूरी नजर रखी जाए। अगर कोई पक्षी मरने का मामला सामने आता है तो एडीसी को तुरंत इस बारे में सूचित किया जाए।

कबूतर के मरने से दड़वा में दहशत

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गांव दड़वा के एक गेस्ट हाउस की छत पर कबूतर के मरने से लोगों में दहशत फैल गई। लोगों ने इसकी सूचना गांव के सरपंच गुरप्रीत सिंह हैप्पी को दी। गुरप्रीत ने बताया कि उन्होंने बीडीपीओ को तुरंत सूचना दी।

बीडीपीओ राम लुभाया ने बताया कि पशुपालन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी है। रात होने के कारण उन्होंने उसे ढककर रखने की हिदायत दी है, ताकि वह हवा में न फैल सके। बुधवार सुबह विभाग की टीम उसके सैंपल जांच के लिए भेजेेगी। उन्होंने कहा कि इससे घबड़ाने की कोई बात नहीं है।
 
घर-घर जाकर लिए जा रहे हैं सैंपल
मीटिंग में नोडल अफसर डॉ. दिप्ती शर्मा ने बताया कि नया गांव और कांसल में सेहत विभाग की 62 टीमों द्वारा घर घर जाकर सर्वे किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि कांसल में 2127 घरों में जाकर टीमों ने 11 हजार 671 व नया गांव में 6887 घरों में जाकर 44 हजार 503 लोगों का सर्वे किया गया, लेकिन कोई भी बर्ड फ्लू का केस सामने नहीं आया है। लोगों को जागरूक करने के लिए बर्ड फ्लू संबंधी पोस्टर पंफलेंट बांटे जा रहे हैं।

बच्चे व श्रीपाल की निगेटिव रिपोर्ट

 Bird flu on Sukhna Lake, 343 Hens Dead

एक दो वर्षीय बच्चे और श्रीपाल के लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट आ गई है। जीएमएसएच-16 के अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली लैब से अधिकारियों ने फोन पर बात की थी। फोन पर उन्हें बताया गया है कि दोनों ही रिपोर्ट निगेटिव है।  श्रीपाल वाइल्ड लाइफ का कर्मचारी है। उसे पंचकूला के हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था।

अधिकारियों का कहना है कि सैंपल उन्हीं के लिए हैं, जो बर्ड फ्लू कंफर्म होने से दस दिन पहले सुखना लेक गए थे। मंगलवार को कोई भी संदिग्ध पेशेंट नहीं आया और न ही किसी कोई सैंपल भेजा गया।

सुखना लेक के पानी, माइग्रेंट बर्ड्स व पोल्ट्री फार्म के सैंपल लेने के लिए भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज की टीम मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंची। टीम के सदस्यों ने सबसे पहले सुखना के आसपास पड़ने वाले पोल्ट्री फार्म के सैंपल भरे। तीन पोल्ट्री फार्म से कुल 22 सैंपल लिए गए हैं।

भोपाल से आई टीम के साथ जालंधर लैब के अधिकारी भी थे। रात हो जाने के कारण वे सुखना के सैंपल नहीं ले पाए। बुधवार सुबह वे सुखना के पानी व माइग्रेंट बर्ड्स के सैंपल लेंगे। सैंपल रिपोर्ट तीन से चार दिन बाद आने की संभावना है। उसके बाद अगला कदम उठाया जाएगा।

भोपाल की रिपोर्ट तय करेगी कब खुलेगी सुखना की राह

 Bird flu on Sukhna Lake, 343 Hens Dead

बतख में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद अब भोपाल लैब की रिपोर्ट तय करेगी कि सुखना झील पर आम लोगों की आवाजाही कब शुरू कराई जाए। एनिमल हसबेंडरी के मुताबिक, यदि लैब की रिपोर्ट निगेटिव आती है तो समय से पहले भी प्रतिबंध हट सकता है और पॉजीटिव आने पर समय सीमा बढ़ाई भी जा सकती है।

बर्ड फ्लू कंफर्म होने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने 18 दिसंबर से सुखना पर सैलानियों की एंट्री एक महीने के लिए बंद कर दी थी। भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज के अधिकारियों ने सुखना के पानी, पोल्ट्री फार्म और माइग्रेंट बर्ड्स के सैंपल लिए।

अब लैब की रिपोर्ट आने में कम से कम पांच दिन का और समय लगेगा। यदि रिपोर्ट निगेटिव आती है तो एक दो दिन तक हालात का जायजा लेकर आवाजाही शुरू कराई जाएगी, ताकि कोई रिस्क न रहे।

हेल्पलाइन नंबर जारी
यदि आप बर्ड फ्लू से संबंधित कोई भी सवाल पूछना चाहते हैं तो हेल्थ डिपार्टमेंट के नंबर 7837318503 पर कॉल कर सकते हैं। यह नंबर 24 घंटे चालू रहेगा। डॉक्टर ही आपके सवाल का जवाब देंगे। पहले दिन कुल 11 कॉल आई। इनमें अधिकतर लोगों ने पोल्ट्री फार्म से संबंधित व घर में पाले गए पालतू पक्षियों के बारे में जानकारी हासिल की।

हांसी में भी 12 प्रवासी पक्षियों की मौत

 Bird flu on Sukhna Lake, 343 Hens Dead

नेहरू कॉलेज में बृहस्पतिवार को करीब 12 प्रवासी पक्षी मृत मिले। फिलहाल ये तय नहीं हो सका है कि इन पक्षियों की मौत अत्यधिक ठंड के कारण हुई या फिर किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से।

जानकारी के मुताबिक बृहस्पतिवार को छुट्टी के चलते जब कुछ युवक नेहरू कॉलेज मैदान में क्रिकेट खेलने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वहां करीब 12 पक्षी मृत पड़े हैं। आसपास के लोग मृत पक्षियों को पशु चिकित्सालय भी लेकर गए, ताकि उनकी मौत के कारण पता लग सके।

पोस्टमार्टम के लिए एचएयू भेजा

पशु चिकित्सक डॉ. मुनीश भयाना ने बताया कि पक्षियों को सील कर पोस्टमार्टम के लिए हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी हिसार भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पक्षी एक तरह की चिड़ियां हैं, जिन्हें ग्रीन बी ईटर कहा जाता है। उन्होंने बर्ड फ्लू की आशंका से इंकार करते हुए इनकी मौत की वजह संभवतया अत्यधिक ठंड बताई है।

एक साथ 343 मुर्गिंया मरीं, बर्ड फ्लू की आशंका

 Bird flu on Sukhna Lake, 343 Hens Dead

चंडीगढ़ में बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद शिमला में एकसाथ 343 मुर्गियां मरने से हड़कंप मच गया है। ये मुर्गियां नारायणगढ़ से वीरवार सुबह ट्रकों से सप्लाई की गई थीं। नगर निगम के स्लॉटर हाउस में सप्लाई पहुंचने पर निरीक्षण के दौरान मुर्गियों के मरने का पता चला।

एक साथ इतनी मुर्गियां मरने से बर्ड फ्लू का अंदेशा जताया जा रहा है। नगर निगम की टीम ने जांच के लिए सैंपल जालंधर भेज दिए हैं। बची मुर्गियों को जांच रिपोर्ट आने तक आइसोलेट कर दिया गया है।

सूचना के बाद डॉक्टरों और फार्मासिस्टों की टीम ने बारीकी से इसकी जांच की। हालांकि बताया जा रहा है कि ट्रक में क्षमता से अधिक मुर्गियां भरी हुई थीं, इस कारण भी मौत हो सकती है।

जींद में खुले में फेंके जा रहे हैं मरे मुर्गे

 Bird flu on Sukhna Lake, 343 Hens Dead

चंडीगढ़ में बर्ड फ्लू का मामला सामने आने और गतौली गांव में संदिग्ध बीमारी से बतखों की मौत के बाद भी न तो पोल्ट्री फार्मर गंभीर नजर आ रहे हैं और न ही प्रशासन। बर्ड फ्लू की तमाम आशंकाओं के बावजूद पोल्ट्री फार्म संचालक मरने वाले मुर्गों को खुले में फेंक रहे हैं। इससे बीमारी फैलने का डर बना रहता है।

पोल्ट्री फार्म संचालकों का मानना है कि ठंड के कारण मुर्गे मर रहे हैं। उन लोगों ने यह स्वीकार किया है कि मरे मुर्गों को खुले में नहीं फेंकना चाहिए, इससे बीमारी फैल सकती है। जींद जिला पोल्ट्री का हब है। जिले में 300 से अधिक पोल्ट्री फार्म हैं और 80 से अधिक हैचरी हैं।

यहां से हर रोज दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश एवं उत्तर भारत के अन्य राज्यों में बड़ी संख्या में मुर्गों की आपूर्ति की जाती है। सर्दी के मौसम में मुर्गी के अंडे और चिकन की मांग सबसे अधिक होती है।

ऐसे में प्रतिदिन करीब एक करोड़ रुपये व्यवसाय हो रहा है। इस व्यवसाय से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हजारों परिवार जुडे़ हैं। पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े लोगों की मानें तो प्रदेश का 60 प्रतिशत पोल्ट्री उद्योग जींद में हो रहा है।

इन टिप्स को भी जरूर फोलो करें

 Bird flu on Sukhna Lake, 343 Hens Dead

  • हाथ को साबुन और साफ पानी अच्छी तरह से धोएं। इससे कीटाणु नहीं फैलेंगे।
  • एल्कोहल बेस्ड हैंडवाश का इस्तेमाल करें।
  • जुकाम-खांसी होने पर मुंह ढक कर रखें। टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें ।
यदि ये लक्षण मिलें तो अधिकारियों से संपर्क करें
  • 100.4 डिग्री फीवर।
  • नाक बह रही हो।
  • गले में खराबी हो।
  • शरीर में दर्द हो
  • बैचेनी हो।
  • डायरिया के लक्षण हो।
  • सांस लेने में दिक्कत हो।
  • सुखना लेक पर बीते दस दिन के भीतर बतखों के संपर्क में आए हो।
(ये एडवाइजरी लेक से तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले लोगों के लिए जारी हुई है। दरअसल वायरस हवा में ट्रेवल करता है, इसलिए प्रशासन एहतियातन यह कदम उठा रहा है।)

प्रभावित क्षेत्र के लिए गाइडलाइन

 Bird flu on Sukhna Lake, 343 Hens Dead

  • बर्ड्स, पोल्ट्री फार्म व जंगली पक्षियों से सीधे संपर्क से बचें।
  • आपके घर के आसपास जहां पक्षी बैठते हों उसे न छुएं।
  • पोल्टी फार्म व बर्ड्स मार्केट जाने से बचें।
  • अच्छी तरह से पकाए गए मीट को खाएं।
  • अंडे की जरदी को बहने या छलकने न दें।
  • मीट को कम से कम 30 मिनट तक 70 डिग्री के तापमान पर पकाएं।

ये है बर्ड फ्लू का पूरा मामला

 Bird flu on Sukhna Lake, 343 Hens Dead

सुखना लेक पर अचानक 25 बतखों की मौत हो गई थी। पहले जालंधर लैब ने मौत की वजह भूख और ठंड बताया था मगर इनमें से भोपाल लैब भेज गए एक सैंपल में एच5एन1 (बर्ड फ्लू) वायरस की पुष्टि हुई। यह रिपोर्ट आने के बाद वीरवार को सुखना लेक पर बची सभी बतखों को मार कर जला दिया गया।
 
स्वास्थ्य कर्मियों में भी हड़कंप

वर्ल्ड फ्लू के नाम से ही जनरल अस्पताल में दहशत है। अस्पताल के सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने मास्क पहन रखा था। वहीं अस्पताल में मरीजों के साथ  पहुंचे तीमारदार भी आइशोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज के लिए चिंतित दिखे। हॉलाकि वार्ड के अंदर मरीज की जांच के लिए जाने वाले डॉक्टर भी शतर्क थे। सभी एक दूसरे को मास्क पहने की सलाह देते नजर आए।    

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