परिवार मारा गया, अब इंतजार, कब मौत आए?
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सुखना लेक पर बतखों को मारने के लिए चलाए गए ऑपरेशन में एक बतख बच गई है। इस बतख को शनिवार को मार दिया जाएगा। शुक्रवार सुबह कवरेज के लिए पहुंचे कुछ फोटो जर्नलिस्ट ने इस बतख को अपने कैमरे में कैद किया।
यह बतख चुपचाप बैठकर आइलैंड की ओर देख रही थी। शायद उसे आभास था कि उसका भी उन्हीं बतखों की तरह खात्मा होना है, जिन्हें एक दिन पहले मारा गया था। पहले वाइल्ड लाइफ के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की। बाद में लेक का दौरा करने के बाद अधिकारियों ने माना कि एक बतख बच गई है।
अधिकारियों ने बताया कि लेक पर एक बतख के बचने की पुष्टि काफी देर से हो पाई। शाम के वक्त ही कोहरा पड़ने लगा था, इसलिए शुक्रवार को कोई फैसला नहीं लिया गया।
ये बत्तख भी मार दी जाएगी
अधिकारी के मुताबिक शनिवार सवेरे ही बत्तख को मारने का काम शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि बत्तख फिलहाल लेक के अंदर ही रहेगी। वहां से भाग नहीं सकती।
धुंध के कारण बच गई
अधिकारियों ने बताया कि रात करीब दस बजे धुंध काफी तेजी से बढ़ गई थी। आइलैंड पर 20 मीटर से भी कम की विजिबिल्टी थी। कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। अभियान के दौरान पांच बत्तखें आइलैंड से भागकर लेक में कूद गई थी, जिन्हें बोट से लेक में उतरकर कर्मचारियों ने पकड़ा था।
उसके बाद लेक का तलाशी अभियान भी चलाया गया, लेकिन उस दौरान बत्तख के बारे में पता नहीं चल पाया। हो सकता है कि यह बोट में छिप गई हो, क्योंकि आइलैंड के दूसरी तरफ भी कुछ बोट रखी थीं।