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मजीठिया ने श्री अकाल तख्त में करवाई अरदास
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
Updated Thu, 15 May 2014 01:22 PM IST
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कैबिनेट मंत्री व युवा अकाली दल के अध्यक्ष बिक्रम सिंह मजीठिया ने धार्मिक सेवा के रूप में लगी तनख्वाह पूरी करने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब के सामने उपस्थित होकर लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान हुई अवज्ञा की क्षमा याचना की अरदास करवाई है।
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मजीठिया धार्मिक सेवा पूरी करने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए और 501 रुपये गुरु की गोलक में चढ़ाने के अलावा 101 रुपये के कड़ाह प्रसाद की देग करवाकर अरदास कराई।
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इस मौके पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब पर ज्ञानी गुरमुख सिंह हेड ग्रंथी ने चौर साहिब की सेवा निभाई और भाई सतनाम सिंह पांच प्यारा की तरफ से क्षमा याचना की अरदास की गई।
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मजीठिया ने सुबह ही श्री दरबार साहिब पहुंचकर लंगर में बर्तन साफ करने की सेवा करने के अलावा शबद कीर्तन श्रवण किया। उनकी तरफ से श्री अकाल तख्त साहिब में सोमवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ शुरू करवाया गया था, जिसका बुधवार को भोग डाला गया।
इस मौके पर भाई गुरदेव सिंह हजूरी रागी के जत्थे की तरफ से शब्द कीर्तन से संगत को निहाल किया गया। इस समय भाई सुरजीत सिंह की तरफ से अरदास की गई।
पत्रकारों से बातचीत में मजीठिया ने कहा कि मनुष्यों से गलतियां होती हैं। गुरुघर क्षमा करने वाला है। यहां से सभी को क्षमा मिलती है। इस मौके पर उन्होंने राजनीतिक सवालों के जवाब देने से पूरी तरह गुरेज किया।
इससे पहले उन्होंने तख्त श्री केसगढ़ साहिब, तख्त श्री दमदमा साहिब, तख्त पटना साहिब, तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब में भी उपस्थित होकर लंगर में जूठे बर्तन मांजने की सेवा श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों पर निभाई थी।
मालूम हो कि मजीठिया ने लोकसभा चुनाव के दौरान श्री गुरु गोबिंदर सिंह जी के एक शबद को तोड़ मरोड़ कर उसमें भाजपा नेता अरुण जेटली के नाम को जोड़ कर जेटली को जिताने की अपील की थी।
इसका सिख पंथ में भारी विरोध हुआ। बाद में पांच सिंह साहिबान की बैठक ने मजीठिया को तनखाइया घोषित करते हुए उनको पांच तख्त साहिबों पर सेवा करने की तनख्वाह लगाई थी।