खुलासाः भारत-पाक बंटवारे में मारे गए देशवासियों का केंद्र सरकार के पास नहीं रिकॉर्ड
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1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान दंगों में मारे गए भारतीय नागरिकों का कोई रिकॉर्ड भारत सरकार के पास नहीं है। यह चौंकाने वाला खुलासा केंद्र सरकार के आरटीआई जवाब से हुआ है।
पानीपत के आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने 29 अक्तूबर 2018 को केंद्रीय गृह मंत्रालय में आरटीआई लगाकर भारत-पाकिस्तान विभाजन से जुड़े आठ बिंदुओं की सूचना मांगी थी।
आरटीआई के हाल में दिए जवाब में केंद्रीय गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय अपराध नियंत्रण ब्यूरो के उपनिदेशक ए मोहन कृष्णा ने किसी भी बिंदु की सूचना होने से इंकार किया है। कपूर ने कहा कि 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन के वक्त रातों-रात डेढ़ करोड़ से ज्यादा नागरिकों को शिफ्ट किया गया था।
इस दौरान सांप्रदायिक हिंसा में 2 लाख से ज्यादा निर्दोष नागरिक मारे गए, लाखों लोग घायल हुए, हजारों महिलाएं दुष्कर्म का शिकार हुईं। बावजूद इसके सबसे हैरत की बात यह है कि आजादी के 72 साल बाद भी किसी सरकार ने ये आंकड़े जुटाने की जहमत नहीं उठाई।
कपूर ने यह मांगी थी सूचना
. वर्ष 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान हिंदु-मुस्लिम दंगों में वर्तमान पाकिस्तान के क्षेत्र से वर्तमान भारत में माईग्रेशन के समय कितने हिंदू मारे गए। संख्या की सूचना, शहर अनुसार तथा जिले के उल्लेख सहित।
. उपरोक्त सूचना तत्कालीन भारत से वर्तमान पाकिस्तान में माईग्रेट होने वाले मुस्लिमों के संदर्भ में भी दी जाए।
. उक्त सूचना सिखों व अन्य के संदर्भ में भी दी जाए।
. इन दंगों में मारे गए भारतीय नागरिकों को भारत सरकार ने स्वतंत्रता सेनानी, शहीद अथवा कुछ और क्या माना। तस्लीम किया? जो भी माना उसकी सूचना दी जाए। दोनों ओर से माईग्रेट हुए कुल नागरिकों की संख्या की सूचना।
. भारत सरकार ने उक्त सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए भारतीय नागरिकों के आश्रितों को क्या आर्थिक व अन्य सहायता दी?
. उक्त विभाजन के दौरान हुई हिंसा में मारे गए भारतीय नागरिकों की दुखद मौतों के पश्चात तत्कालीन भारत सरकार द्वारा गठित कमेटी, आयोग की रिपोर्ट व उस पर की गई कारवाई की रिपोर्ट की छाया प्रति।
. तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति सहित पूरे केंद्रीय मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों के नाम, पदनाम की सूचना।
. विभाजन के निर्णय में शामिल ब्रिटिश व भारतीय नेताओं के नाम, पदनाम की सूचना व संबंधित दस्तावेज की सत्यापित छाया प्रति।