बड़ा खुलासाः बीईओ से दो लाख रुपये में हुई थी तहसीलदार भर्ती परीक्षा पेपर लीक की डील
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नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने के लिए बीईओ से दो लाख रुपये में सौदा हुआ था। इस राशि में से एक लाख रुपये बीईओ को एडवांस दिए गए थे। पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में यह बात कबूल की है। गिरफ्तार करनाल के केंद्र अधीक्षक जसबीर समेत पांच आरोपियों को रिमांड खत्म होने के बाद शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
26 मई को नायब तहसीलदार की परीक्षा शुरू होते ही पुलिस ने रेवाड़ी जैन गर्ल्स स्कूल व माउंट लिट्राजी स्कूल से पांच आरोपियों को आंसर-की के साथ गिरफ्तार किया गया था। तीन आरोपी गुरुग्राम और एक आरोपी को करनाल से गिरफ्तार किया था। उसके ठीक एक दिन बाद पेपर लीक कर आरोपियों तक पहुंचाने वाले करनाल स्थित एसएस इंटरनेशल स्कूल में तैनात परीक्षा वाले दिन केंद्र अधीक्षक जसबीर को गिरफ्तार किया था।
आरोपी हिसार के बुरे गांव निवासी दीपक, भैणी अमीरपुर निवासी कृष्ण, ददई निवासी रविश, रेवाड़ी के गांव बालियर निवासी कुलदीप व गुमीना निवासी जयवीर को दो दिन का रिमांड खत्म होने के बाद जेल भेज दिया गया था। हिसार के भैणी अमीरपुर निवासी अखिल, हांसी निवासी पंकज, बास खुर्द निवासी दिनेश कुमार व करनाल के एसएस इंटरनेशनल स्कूल के चपरासी राजकुमार उर्फ राजू को पांच दिन के रिमांड पर लिया गया था।
आरोपी केंद्र अधीक्षक को चार दिन के रिमांड पर लिया हुआ है। सभी आरोपियों की रिमांड अवधि शनिवार को खत्म हो जाएगी। रेवाड़ी पुलिस आरोपियों को एक बार फिर कोर्ट में पेश करेगी। पेपर लीक कांड के आरोपी जसबीर और दिनेश को एक बार फिर रिमांड पर लिया जा सकता है। इस मामले के आरोपी बीईओ राजीव भुटानी और सतीश राठी अभी भी फरार है।
जिनकी तलाश में पुलिस की पांच टीम छापेमारी कर रही हैं। रिमांड के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्होंने दो लाख रुपये में सौदा किया था। दो लाख रुपये में पेपर लाकर देने की जिम्मेदारी बीईओ राजीव भुटानी ने ली थी। जिसमें एक लाख एडवांस में दे दिए गए थे।