कुल्हाड़ी से की गई थी किसान की हत्या, दोस्त ने वारदात को दिया था अंजाम, ये वजह भी बताई
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बठिंडा के गांव लहरा मोहब्बत में हुई किसान की हत्या के मामले में बुधवार को दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान परमजीत सिंह और अमृतपाल सिंह निवासी गांव लहरा मोहब्बत के तौर पर हुई है। आईजी अरुण कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि किसान परविंदर सिंह की हत्या उसके दोस्त परमजीत सिंह ने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर की थी।
आरोपी परमजीत सिंह को संदेह था कि उसकी पत्नी पर उसका दोस्त परविंदर सिंह बुरी नजर रखता है, जिस कारण रविवार रात को जब किसान परविंदर सिंह अपने घर से एक किलोमीटर दूर पर चल रहे शादी समागम से लौट रहा था तो परमजीत ने अपने रिश्तेदार अमृतपाल सिंह के साथ मिलकर कुल्हाड़ी से किसान की हत्या कर दी थी।
आईजी ने बताया कि पुलिस ने जांच के दौरान जब आरोपी परमजीत से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उसके घर से वारदात के समय उपयोग की गई कुल्हाड़ी और खून से लथपथ कपड़े बरामद किए। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
जेल में मिलने वाले मोबाइल फोन की जांच शुरू
उधर, आईजी अरुण कुमार ने बताया कि जेल में मिलने वाले मोबाइल की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि जेल से अब तक जितने स्मार्टफोन मिले हैं, उनको जांच के लिए लैब में भेजा गया है और उनमे मिले सिम की भी जांच की जा रही है कि मोबाइल एवं सिम किसके नाम पर हैं। इसके अलावा पुलिस पता लगा रही कि आखिर जेल में किसकी मदद से कैदियों तक मोबाइल फोन पहुंचते हैं। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही जेल में मिलने वाले मोबाइल मामलों में खुलासा किया जाएगा।
सोमवार को फिर मिले जेल से दो मोबाइल फोन
केंद्रीय जेल में बंद कैदियों से मोबाइल फोन मिलना लगातार जारी है। नौ फरवरी को जेल प्रशासन ने चेकिंग दौरान तीन मोबाइल फोन बरामद किए थे। जिस के बाद सोमवार को फिर से जेल प्रशासन ने चेकिंग दौरान दो मोबाइल फोन बरामद किए। थाना कैंट पुलिस ने जेल के सहायक डिप्टी अधियक्षक जोगिंदर सिंह के बयान पर कैदी गइयां खां के अलावा कैदियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।