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Hindi News ›   Chandigarh ›   Big relief to Sanjeev Sharma Bittu from Punjab and Haryana High Court

पटियाला नगर निगम: मेयर संजीव शर्मा बिट्टू को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, पंजाब सरकार ने माना एक्ट के तहत नहीं था अविश्वास प्रस्ताव

Mon, 20 Dec 2021 07:37 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 20 Dec 2021 07:37 PM IST
सार

पटियाला नगर निगम के मेयर संजीव शर्मा बिट्टू को हटाने के लिए एक अविश्वास प्रस्ताव पास किया गया था। हालांकि हाईकोर्ट में पंजाब सरकार ने माना कि यह अविश्वास प्रस्ताव नियम के मुताबिक सही नहीं था। इसके बाद हाईकोर्ट ने प्रस्ताव को रद्द कर संजीव शर्मा बिट्टू को बड़ी राहत दी।

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Big relief to Sanjeev Sharma Bittu from Punjab and Haryana High Court
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पटियाला नगर निगम के मेयर संजीव शर्मा द्वारा अविश्वास प्रस्ताव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने खुद माना कि एक्ट के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव सही नहीं था। इस जानकारी के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बिट्टू के खिलाफ पास प्रस्ताव को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि बिट्टू को हटाना है तो नए सिरे से एक्ट के तहत अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है।

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संजीव शर्मा बिट्टू ने 25 नवंबर को हुई नगर निगम की बैठक में उन्हें पद से हटाने के लिए जो प्रस्ताव लाया गया था उसे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए चुनौती दी थी। उन्होंने बताया कि उन्हें पद से हटाने के लिए जो प्रस्ताव पास किया गया है उसे सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। सरकार की मंजूरी मिलने तक उन्हें पद से निलंबित करने का जो प्रस्ताव था उसे भी शर्मा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 
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शर्मा ने कहा था कि उनका निलंबन पूरी तरह से अवैध है। साथ ही जिस प्रक्रिया से उन्हें पद से हटाया गया था उसे भी कानून के अनुरूप सही प्रक्रिया का पालन कर पास नहीं किया गया है। सरकार ने इस मामले में जब एडवोकेट जनरल की राय मांगी तो उन्होंने साफ कह दिया की बिट्टू के खिलाफ लाया गया प्रस्ताव एक्ट के तहत सही नहीं है, ऐसे में नए सिरे से एक्ट के तहत प्रस्ताव लाकर उन्हें हटाया जा सकता है। बैठक में अविश्वास प्रस्ताव एजेंडा नहीं था, ऐसे में मौके पर एजेंडा लाकर उन्हें नहीं हटाया जा सकता है। सरकार द्वारा दी गई इस जानकारी के आधार पर हाईकोर्ट ने प्रस्ताव को रद्द करते हुए बिट्टू की याचिका को स्वीकार कर लिया है।

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