{"_id":"e9ac97617127b1497906246334cd699e","slug":"big-relief-to-chief-secretary-from-high-court-in-vat-scam-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वैट घोटाले में मुख्य सचिव को मिली बड़ी राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वैट घोटाले में मुख्य सचिव को मिली बड़ी राहत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 05 Feb 2016 10:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में साल 2011 में हुए हजारों करोड़ रुपये के वैट रिफंड घोटाले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से मुख्य सचिव को फिलहाल राहत मिल गई है।
विज्ञापन
मामले में लोकायुक्त की रिपोर्ट पर दो महीने में कार्रवाई करने का आदेश देने के बावजूद आदेश पर अमल नहीं हुआ। ऐसे में दाखिल की गई अवमानना याचिका के कारण हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी और मुश्किलों में फंस गए थे। आखिरकार जस्टिस महेश ग्रोवर की एकल बेंच ने शुक्रवार को याचिका का निपटारा कर दिया है।
विज्ञापन
पिछली सुनवाई पर याची के वकील ने बेंच को मौखिक तौर पर बता दिया था कि मुख्य सचिव से पत्र प्राप्त हुआ है। इसमें कहा गया है कि वैट घोटाले में कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों को उचित आदेश जारी किए जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई शुक्रवार तक स्थगित कर दी थी।
विज्ञापन
लोकायुक्त के फैसले का पालन न होने पर मामला हाईकोर्ट गया था। इस पर हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को कार्रवाई कर इसकी जानकारी याची को देने को कहा था, लेकिन मुख्य सचिव ने याची को पत्र भेजकर कहा कि कार्रवाई करने में समय लग सकता है। इसी बीच अवमानना याचिका दायर की गई और मुख्य सचिव ने याची को कार्रवाई के बारे में उठाए जा रहे कदम की जानकारी दी थी।
उल्लेखनीय है कि लोकायुक्त ने वैट वापस वसूलने, इन मामलों में पुनर्विचार केस करने और घोटाले में लिप्त भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की सिफारिश की थी। बावजूद इसके कोई कार्रवाई न करने पर घोटाला उजागर करने वाले कैथल के सतबीर सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
जस्टिस परमजीत सिंह की एकल बेंच ने पिछले साल एक अक्तूबर को मामले का निपटारा करते हुए मुख्य सचिव को दो महीने में कार्रवाई कर याची को जानकारी देने का निर्देश दिया था। वैट रिफंड घोटाले की एक शिकायत पर लोकायुक्त ने 18 मार्च 2015 को रिपोर्ट दे दी थी।