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बिक्रम मजीठिया को बड़ी राहत: हाईकोर्ट से मिली जमानत, चन्नी सरकार ने NDPS एक्ट में भेजा था जेल
Wed, 10 Aug 2022 10:20 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 10 Aug 2022 10:20 AM IST
सार
बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ चरणजीत सिंह चन्नी के कार्यकाल में पिछले साल 20 दिसंबर को एनडीपीएस एक्ट में मोहाली में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव लड़ने तक मजीठिया की गिरफ्तारी पर रोक लगा उन्हें राहत बड़ी राहत दी थी।
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बिक्रम सिंह मजीठिया।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
अकाली नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को बुधवार को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी नियमित जमानत मंजूर कर ली है। मजीठिया इस समय एनडीपीएस अधिनियम में पटियाला जेल में बंद हैं। मजीठिया के वकील मोहाली जिला अदालत पहुंचेंगे। यहां वह बेल बॉन्ड भरेंगे। इसके बाद शिअद नेता को जमानत पर जेल से रिहा कर दिया जाएगा। मजीठिया के वकील अदालत के लिए रवाना हो चुके हैं।
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29 जुलाई को हाईकोर्ट ने फैसला रखा था सुरक्षित
29 जुलाई को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले 22 जुलाई को मजीठिया की याचिका पर पंजाब सरकार ने कहा था कि सरकार की ओर से पैरवी के लिए दिल्ली से सीनियर एडवोकेट पेश होंगे। ऐसे में सरकार को कुछ मोहलत दी जाए। सरकार के आग्रह पर हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई 29 जुलाई तक स्थगित कर दी थी।
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मजीठिया की याचिका सुनवाई के लिए जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ के समक्ष पहुंची थी। इससे पहले मजीठिया की इस याचिका पर हाईकोर्ट की दो बेंच सुनवाई से इनकार कर चुकी है। पहले जस्टिस एजी मसीह ने खुद को इस केस से अलग करते हुए इसे अन्य बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया था।
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- Shiromani Akali Dal (@Shiromani_Akali_Dal) 10 Aug 2022
खास बात यह है कि जस्टिस जस्टिस मसीह पर आधारित बेंच इस याचिका पर बहस पूरी कर चुकी थी और मजीठिया की जमानत पर अपना फैसला भी सुरक्षित रख चुकी थी। इसके बाद याचिका जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस अनूप चितकारा की खंडपीठ में सुनवाई के लिए आई थी। 15 जुलाई को जस्टिस अनूप चितकारा ने खुद को इस केस से अलग कर लिया। इसके बाद चीफ जस्टिस के निर्देश पर इस याचिका पर जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने सुनवाई की।
यह है मामला
बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ चरणजीत सिंह चन्नी के कार्यकाल में पिछले साल 20 दिसंबर को एनडीपीएस एक्ट में मोहाली में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव लड़ने तक मजीठिया की गिरफ्तारी पर रोक लगा उन्हें बड़ी राहत दी थी। मतदान के बाद 24 फरवरी को मजीठिया ने मोहाली की अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उन्हें पटियाला जेल भेज दिया गया था। 10 मार्च को चुनाव परिणाम आया तो बिक्रम सिंह मजीठिया अमृतसर ईस्ट से चुनाव हार गए थे। अभी वह पटियाला जेल में बंद हैं।