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105.36 करोड़ के फर्जी बिल काट 19.25 करोड़ की जीएसटी चोरी, पानीपत में फर्जीवाड़े का खुलासा

Sat, 26 Dec 2020 02:27 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sat, 26 Dec 2020 02:27 AM IST
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Big GST scam busted in Panipat Of Haryana, One arrested
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

हरियाणा के पानीपत में एक बार फिर करोड़ों रुपये का फर्जी बिलिंग व जीएसटी फर्जीवाड़ा सामने आया है। सेंट्रल जीएसटी टीम ने शहर के एक तारकोल व्यापारी के 105 करोड़ के फर्जी बिल काटने और इसमें 19.25 करोड़ के जीएसटी चोरी के मामले को रेड मारकर उजागर किया है। इस मामले में सीजीएसटी इंटेलिजेंस टीम ने शहर के तारकोल व्यापारी मोहित बठला को उनके जाटल रोड स्थित कार्यालय से रेड मारकर गिरफ्तार किया है। 

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दो दिन तक चली इस रेड में खुद सेंट्रल जीएसटी टीम के एडिशनल कमिशन और कस्टम गुड्स एंड सर्विस टैक्स के असिस्टेंट कमिश्नर एवं गांधी मंडी जीएसटी टीम के सुपरिंटेंडेंट दीपक वर्मा शामिल हुए। रेड में केंद्रीय टीम के अधिकारियों ने स्टेट जीएसटी टीम समेत पुलिस बल को भी साथ लिया है। इससे पहले एक हजार करोड़ का फर्जी बिल काटने का मामला सामने आ चुका है। 
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रेड के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति या परिजनों को कार्यालय के अंदर और बाहर नहीं जाने दिया गया। मोहित बठला को गिरफ्तार करने के बाद मेडिकल करवाकर उसको मॉडल टाउन थाना पुलिस ने हिरासत में लिया है। शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। बता दें कि तारकोल व्यापारी द्वारा सरकार से करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी एवं फर्जीवाड़े की कोशिश की जा रही थी। 

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इनकी फर्म एसबी के नाम से बताई जा रही है। जिसके साथ अन्य कई फर्मों में सालों से फर्जी बिलों के आधार पर माल की खरीद फरोख्त चल रही थी। मोहित बठला पर करीब 105 करोड़ की फर्जी बिलिंग करने और 19.25 करोड़ के जीएसटी चोरी कर राजस्व का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। अधिकारियों का कहना है कि वे केवल पांच करोड़ से ज्यादा टैक्स चोरी के मामले में ही आरोपी को तुरंत प्रभाव से गिरफ्तार करते हैं।

गुरुवार दोपहर शुरू हुई रेड, 30 घंटे बाद हुई खत्म
आसपास के लोगों ने बताया कि दोनों विभागों के केंद्रीय उच्च अधिकारियों द्वारा ये रेड गुरुवार दोपहर को शुरू हुई थी। इसमें गुप्त तरीके से छानबीन की गई। तारकोल व्यापारी मोहित बठला के पिता अशोक बठला रेड की सूचना मिलते ही दिल्ली से शुक्रवार सुबह ही पानीपत अपने कार्यालय पर पहुंचे, लेकिन उनको भी अंदर नहीं जाने दिया गया। वहीं, बठला परिवार के अन्य लोग, रिश्तेदार व मिलने वाले कार्यालय के बाहर खड़े होकर ही कार्यवाई देखते रहे।

टैक्स लाइबिल्टी बचाने को लेकर हुई रेड
अधिकारियों ने बताया कि ऑउटपुट टैक्स लाइबिल्टी बचाने की कोशिश की जा रही थी, जिसकी भनक जीएसटी को पहले से थी। जीएसटी बचाने के लिए आमतौर पर फर्जी बिलिंग का काम किया जाता है। इस प्रकार के हालात में बिना माल खरीदे ही सिर्फ बिल खरीद लिए जाते हैं, जिससे लाखों, करोड़ों की जीएसटी से कमाई होती है। 

कुछ लोग तो सरकार से जीएसटी का रिफंड लेने तक आवेदन कर देते हैं। इस प्रकार की रेड में सेंट्रल जीएसटी टीम के साथ उनकी टीम मिलकर बड़ी कार्रवाई के लिए बुलाई जाती है। जरूरत पड़ने पर स्टेट जीएसटी टीम का भी पूरा सहयोग लिया जाता है। अगर रेड ज्यादा समय से चल रही है तो अमूमन इसमें बड़ा झोल निकलने की संभावना निकल सकती है। 

पहले करते थे धागे, केमिकल का काम
स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले बठला परिवार औद्योगिक नगरी में धागे का काम किया करता था। इसके अलावा धागा रंगाई में प्रयोग होने वाले कैमिकल व ब्लीच के काम में भी काफी समय तक शामिल रहा। इसके बाद बठला ने तारकोल का काम संभाला और कई प्रदेशों के कई जिलों में तारकोल की सप्लाई के काम में जुट गया। इसी तारकोल व्यापार की वजह से कस्टम व जीएसटी टीम ने यहां रेड की है। इनकी फर्म के आयात-निर्यात  और ड्यूटी की किसी को भी जानकारी नहीं थी।

हम निर्दोंश हैं : बठला
अशोक बठला से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि हम निर्दोष हैं, हमने अपने टैक्स अदा किए हैं। उन्होंने किसी कंपनी से तारकोल बनाने का तेल खरीदा था। उस फर्म का कोई एक करोड़ 30 लाख रुपये का टैक्स बकाया होगा। इस मामले में हमसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें टीम ने अंदर तक नहीं जाने दिया। पूरे मामले का अभी तक नहीं पता कि मोहित को क्यों अरेस्ट किया है। 

मोहित बठला कार्यालय में सेंट्रल जीएसटी टीम के साथ की गई रेड में करीब 105 करोड़ की फर्जी बिलिंग व 19.25 करोड़ के जीएसटी चोरी का फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस को सौंप दिया गया है। शनिवार को इसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। कार्रवाई अभी भी जारी है। आगे ओर भी बड़े खुलासे होने की संभावनाएं हैं।  टीम जीएसटी, जीएसटी कार्यालय गांधी मंडी।

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