अमर उजाला पड़ताल: चंडीगढ़ में पब्लिक बाइक शेयरिंग प्रोजेक्ट के हाल खराब, किसी साइकिल की बैटरी खराब तो किसी का हैंडल
चंडीगढ़ में सेक्टर-16 बस स्टॉप के पास मौजूद डॉकिंग स्टेशन पर तीन साइकिलें खड़ी थीं। स्कैन पर दो की बैटरी कम और एक खराब निकली। साइकिलों पर लगे क्यूआर कोड भी खराब हैं। ये मोबाइल एप से स्कैन नहीं हो पाते। कई साइकिलों की हालत भी खस्ता है।
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चंडीगढ़ में पब्लिक बाइक शेयरिंग प्रोजेक्ट के तहत शहर में बनाए स्टैंड पर खड़ी साइकिलें दिखावा मात्र रह गई हैं। कई की बैटरी कम होती है तो कुछ खराब पड़ी हैं। कंपनी और अफसरों की अनदेखी से लोग इनका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 12 अगस्त को की गई थी। कंपनी का दावा है कि पहले फेज के तहत उन्होंने शहर के 155 डॉकिंग स्टेशन पर 1250 साइकिलें खड़ी की हैं, जिन्हें लोग चला सकते हैं। अमर उजाला ने कई डॉकिंग स्टेशन पर साइकिलों की स्थिति देखी। शांति कुंज के स्टेशन पर नौ साइकिलें खड़ी थीं। छह साइकिलों को स्कैन करने पर एक साइकिल खुली, लेकिन स्कैन होते ही मोबाइल एप हैंग हो गया। इस बीच साइकिल अनलॉक हो गई। करीब दो मिनट तक इंतजार करने के बाद मोबाइल एप पर कुछ नहीं आया। इस स्टेशन पर मौजूद अधिकतर साइकिलों की बैटरी कम थी। मौके पर कई लोग साइकिलों को स्कैन कर चलाने के लिए पहुंचे थे, जो मायूस लौट गए।
सेक्टर-16 बस स्टॉप के पास मौजूद डॉकिंग स्टेशन पर तीन साइकिलें खड़ी थीं। स्कैन पर दो की बैटरी कम और एक खराब निकली। साइकिलों पर लगे क्यूआर कोड भी खराब हैं। ये मोबाइल एप से स्कैन नहीं हो पाते। कई साइकिलों की हालत भी खस्ता है। लाइट टूट चुकी है। तार लटकता रहता है। स्टैंड टूटे हुए हैं या ढीले हैं। कई डॉकिंग स्टेशन ऐसी जगह बनाए गए हैं, जहां लोग जाते ही नहीं। कुछ स्टैंड के पास लोगों की संख्या इतनी ज्यादा है कि वहां एक भी साइकिल नहीं होती, लोग उन्हें इस्तेमाल कर रहे होते हैं। हालांकि कंपनी का दावा है कि दूसरे फेज में समस्याएं दूर हो जाएंगी। दूसरे फेज में 1250 साइकिलें आनी हैं, जो आचार संहिता की वजह से अब नए साल में आएंगी।
मौके पर चार्जिंग स्टेशन नहीं, इसलिए आ रही समस्या
प्रोजेक्ट मैनेजर विकास बख्शी ने बताया कि 80 प्रतिशत लोग ई-साइकिल को चला रहे हैं, जिससे बैटरी खत्म हो रही है। डॉकिंग स्टेशन के पास चार्जिंग की व्यवस्था नहीं है। कंपनी के कर्मचारी रात में साइकिलों को ले जाकर चार्ज करते हैं। ज्यादा चलाने की वजह से साइकिलें दिन में डिस्चार्ज हो जाती हैं। कई स्टेशनों पर नेटवर्क की समस्या है। ऐसे 40 स्टेशन की सूची बनाई गई है और संचार कंपनियों को नेटवर्क बढ़ाने के लिए लिखा है। चार्जिंग की व्यवस्था करने के लिए भी कोशिश की जा रही है, ताकि बैटरी कम होने की समस्या को दूर किया जा सके।
साइकिलों का सामान भी हो रहा चोरी
शहरवासी भी साइकिलों के प्रति काफी लापरवाह हैं। 200 से ज्यादा साइकिलों का सामान चोरी हो चुका है। इसमें हैंडल की रबर, सीट, टायर, घंटी आदि शामिल हैं। कई लोग साइकिल चलाने के बाद डॉकिंग स्टेशन के बजाय कहीं भी छोड़ देते हैं। लॉक न खुलने पर लोग जबरन साइकिल निकालने का प्रयास करते हैं और नुकसान करके चले जाते हैं।
प्रोजेक्ट की स्थिति
रोजाना- करीब 2000 राइड
सप्ताह- करीब 23000 राइड
यूजर्स- पूरे शहर में दो लाख से ज्यादा