क्या हुड्डा की ये 6 घोषणाएं पूरी करेंगे खट्टर?
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हरियाणा में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों में जुटी नई सरकार के सामने ढेरों चुनौतियां हैं। सबसे बड़ी चुनौतियां हुड्डा सरकार के समय में की घोषणाए हैं। कांग्रेस सरकार ने अंतिम समय में अरबों के प्रोजेक्ट की घोषणाएं की हैं। वित्त विभाग की आपत्तियों के बावजूद घोषणाएं भाजपा सरकार के गले की फांस बनेंगी।
पानीपत रैली में हुड्डा ने घोषणा की थी कि एक नंबर 2014 से हरियाणा पुलिस समेत अन्य विभागों के कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान दिया जाएगा। सत्ता में आते ही भाजपा की सबसे बड़ी परीक्षा यह घोषणा होगी।
हरियाणा में इस समय करीब दो लाख कर्मचारी हैं। कांग्रेस सरकार ने घोषणा की थी कि प्रदेश में बुढ़ापा पेंशन की राशि डेढ़ हजार रुपये कर दी जाएगी, जबकि भाजपा इससे एक कदम आगे अपने घोषणा पत्र में यह पेंशन दो हजार रुपये करने का दावा कर चुकी है। अब प्रदेश के मौजूदा वित्तीय और प्रशासनिक हालात को देखते हुए इस बात की अटकलें अभी से शुरू हो गई हैं कि भाजपा इन घोषणाओं को लागू कैसे करेगी?
भाजपा का घोषणापत्र
-कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां दूर कर पंजाब के समान वेतनमान
-सफाई कर्मचारियों को नियमित कर न्यूनतम वेतन 15 हजार मासिक
-बुजुर्ग और विधवाओं को दो हजार रुपये मासिक पेंशन
-बीपीएल परिवारों को एक रुपये किलो अनाज
-बीपीएल परिवारों को पक्के मकान
-प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये
खट्टर की चुनौतियां
-हरियाणा में क्या टैक्स लगाया जाए, जिससे आमदनी बढ़े?
-प्रदेश में पड़ने वाले टोल प्लाजा का भाजपा पहले ही विरोध करती रही है
-राज्य में हाउस टैक्स अभी बहुत कम है, इसे छेड़ते ही दिक्कत
-हरियाणा में बिजली के हालात खराब हैं, यह सबसे बड़ी चुनौती है