Haryana Budget: हुड्डा बोले- एमएसपी-ओपीएस का जिक्र नहीं, कहां है बुजुर्गों को 5100 पेंशन व पक्के मकान का वादा
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दावा किया कि कृषि बजट में 0.28% की कटौती की गई है। इसी तरह परिवहन, सिविल एविएशन और सड़कों के बजट में 0.14%, ग्रामीण विकास और पंचायत के बजट में 0.9%, शिक्षा के बजट में 0.3 फीसदी की कटौती भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार ने किया है।
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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी-जेजेपी सरकार के बजट पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जनता को उम्मीद थी कि चुनावी बजट होने की वजह से कम से कम घोषणा में ही सही, उसे इस बार महंगाई, बेरोजगारी, बेतहाशा टैक्स और आर्थिक मंदी से कुछ राहत मिलेगी। बजट में ना कहीं एमएसपी का जिक्र है, ना एमएसपी पर बोनस का, ना बुजुर्गों को 5100 पेंशन, ना ओपीएस, ना हर जिले में मेडिकल कॉलेज और ना गरीबों को पक्के मकान का कोई जिक्र है।
हुड्डा ने कहा कि इस बार बजट में महंगाई दर जितनी भी बढ़ोतरी नहीं की गई। प्रदेश की महंगाई दर 6.24 प्रतिशत है, जबकि बजट में सिर्फ 3.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई। कायदे से देखा जाए तो यह बढ़ोतरी नहीं बल्कि 3% की कटौती है। बीजेपी-जेजेपी महंगाई ने आरबीआई की मानक सीमा 6 प्रतिशत को भी पार कर दिया है। ये राष्ट्रीय औसत 5.1 के मुकाबले भी 1.21 प्रतिशत ज्यादा है। कुल बजट के साथ इस बार सरकार ने कृषि, सिंचाई, शिक्षा, जनस्वास्थ्य, ऊर्जा, परिवहन, प्रशासकीय सेवाओं, शहरी विकास, ग्रामीण विकास, उद्योग व वाणिज्य समेत कई क्षेत्रों के बजट में भारी कटौती की है।
प्रदेश पर 44,51,368 का कर्ज
सरकार द्वारा बजट में कुल कर्ज 3,17,982 करोड़ रुपए दिखाया गया है, जबकि सच्चाई यह है कि आज प्रदेश पर कुल 4,51,368 करोड़ रुपए (आंतरिक कर्ज- 3,17,982, स्मॉल सेविंग- 44000, बॉर्ड व कॉरपोरेशन- 43,955, बकाया बिजली बिल व सब्सिडी- 46,193) का कर्जा हो चुका है। प्रदेश पर जीएसडीपी का 41.2 प्रतिशत कर्जा हो गया है, जो कि 33% की मानक सीमा से कहीं अधिक है।
2024-25 के लिए भी सरकार ने 67,163 करोड़ रुपये लोन लेने का प्रावधान किया है जबकि पिछले लोन और उसके ब्याज का भुगतान करने पर ही 64,280 करोड़ रुपया खर्च हो जाएगा। यह नए कर्ज की 95.7 प्रतिशत राशि है। यानी पुराने लोन की किश्त देने के लिए सरकार नया कर्जा ले रही है। नेता प्रतिपक्ष ने बजट में किसानों की कर्जमाफी की मांग उठाई लेकिन सरकार ने कर्जमाफी से साफ इंकार कर दिया।
हुड्डा ने दावा किया कि कृषि के बजट में 0.28% की कटौती की गई, इसे 11.80 से घटाकर 11.52% किया गया है। इसी तरह परिवहन, सिविल एविएशन और सड़कों के बजट में 0.14%, ग्रामीण विकास और पंचायत के बजट में 0.9%, शिक्षा के बजट में 0.3%, जनस्वास्थ्य विभाग के बजट में 0.21%, प्रशासकीय सेवाओं के बजट में भी 1.38% की कटौती की गई है।