'मोदी के आरोप सही हुए तो सीएम पद छोड़ दूंगा'
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हरियाणा में राबर्ट वाड्रा लैंड डील मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिए जाने से सत्ताधारी कांग्रेस बचाव की मुद्रा में आ गई है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोमवार को लैंड डील मामले में सरकार का बचाव करते हुए साफ किया कि अगर प्रधानमंत्री मोदी की ओर से हरियाणा सरकार पर लगाए गए आरोप सही साबित हुए तो वे मुख्यमंत्री का पद छोड़ देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में जो भी फैसला हुआ है वह विभागों की प्रक्रिया के अंतर्गत हुआ है। इसमें उनकी सरकार की ओर से कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद शर्मा ने भी कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रत्येक मुद्दे को सनसनी बनाकर लाभ लेना चाहते हैं। उधर, आईएएस डॉ. अशोक खेमका जिन्होंने इस डील को रद्द किया था, वे भी चुप हैं।
क्या है डीएलएफ लैंड डील मामला
गुड़गांव की शिकोहपुर तहसील में खसरा नंबर 730 की 5 बीघा 13 बिसवा जमीन का इंतकाल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा के नाम किया गया था, जिसे उन्होंने बाद में डीएलएफ को ट्रांसफर कर दिया।
लेकिन इस डील को वरिष्ठ आईएएस डॉ. अशोक खेमका ने चकबंदी महानिदेशक पद पर रहते हुए 15 अक्तूबर 2012 को रद्द कर दिया था।
इस पर प्रदेश सरकार ने खेमका का तबादला करने के अलावा उन्हें अन्य मामले में चार्जशीट कर दिया। लंबे अरसे बाद, अब इस मामले में खेमका के फैसले को रद्द करते हुए डीसी गुड़गांव द्वारा उक्त डील को मंजूरी दे दी गई।