ट्रेनिंग के बहाने एक मंच पर राजीति के धुरविरोधी
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सदन से लेकर राजनीतिक मैदान तक एक -दूसरे पर छींटाकशी करने वाले हरियाणा के धुरविरोधी आज एक मंच पर नजर आए। मौका था हरियाणा के नए विधायकों को विधायी कार्यों से प्रशिक्षित करने का।
मास्टर ट्रेनर के तौर पर कोई विशेषज्ञ नहीं बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, विपक्ष के नेता अभय चौटाला, विधायक करण सिंह दलाल जैसे अन्य कई दिग्गज मौजूद थे।
सभी ने नए विधायकों को सदन की मार्यादा और आचरण का पाठ पढ़ाते हुए यह नसीहत दी कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विधायकों को दलगत राजनीति से ऊपर रहना चाहिए।
नए विधायकों को आईना दिखाने के बाद अब यह देखना है कि नौ मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र में यह नेता किस तरह से नजर आते हैं। नौ मार्च से बजट सत्र शुरू हो रहा है। पुराने विधायकों ने नए दिग्गजों को नसीहत दी है।
धुरविरोधियों का आचरण भी नजर में रहेगा
हरियाणा विधानसभा का इतिहास रहा है कि अब तक विधानसभा में निजी हमले होते रहे हैं। बजट सत्र से पहले विधायकों को आदर्श का पाठ तो पढ़ाया गया है और मर्यादा भी सिखाई गई है, लेकिन मास्टर ट्रेनरों का खुद का आचरण इस बार में देखने वाला होगा।
नए विधायकों के साथ उनकी भी अग्निपरीक्षा होगी कि वे अपने आचरण में आज बताई गई बातों को कहां तक लागू करेंगे। यह सवाल इसलिए है कि पिछले दस साल में क्षेत्र की समस्याओं या प्रदेश की समस्याओं से ज्यादा व्यक्तिगत छींटाकशी खूब हुई है, जिसके कारण लंबे समय तक सदन के समय की हानि हुई है।
नए विधायक अपने बड़ों से सीखे गए इस ज्ञान को कैसे और कहां एप्लाई करेंगे। इससे उनकी परफारमेंस तय होगी। विपक्ष के तीखे हमलों का जवाब देने के लिए धैर्य का जो पाठ उन्होंने पढ़ा है, उसकी परीक्षा पर मास्टर ट्रेनरों को भी खरा उतरना होगा।
प्रशिक्षण शिविर में 90 में 78 विधायक पहुंचे
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र से पहले राजनीति के पुराने धुरंधरों ने उन्हें प्रशिक्षण का पाठ पढ़ाया है। लोकतंत्र की बारीकियों से वाकिफ करवाने के साथ ही इन विधायकों को सदन की मर्यादा से भी परिचित करवाया गया।
मौजूद विधायकों ने पाठ पढ़ने के बाद ऐसे प्रशिक्षण शिविरों के समय समय पर होते रहने की नसीहत दी है। विधानसभा अध्यक्ष कंवर पाल गुर्ज्जर ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में 90 में से 78 विधायकों ने भाग लिया है।
अध्यक्ष के मुताबिक प्रशिक्षण शिविर में सभी दलों के विधायकों में सामंजस्य देखने को मिला है। निश्चित तौर पर आगामी बजट सत्र में इस बात का फायदा होगा। विपक्ष का काम है मुद्दे उठाना। विपक्ष अपने मुद्दे उठाएगा, लेकिन सदन में उनके व्यवहार में प्रशिक्षण के बाद बदलाव अवश्य आएगा।
खट्टर देर से तो विज सबसे बाद में आए
चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में चले ट्रेनिंग कैंप में 90 सदस्यीय विधानसभा के अधिकतर सदस्यों ने भागीदारी की। मौसम खराब होने के कारण मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में देर से पहुंचे।
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर भी मौसम की खराबी की वजह से अपना लेक्चर देने नहीं पहुंच पाए, जबकि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज पंचकूला और अंबाला छावनी में दो अलग-अलग कार्यक्रमों में भागीदारी कर सबसे बाद में पहुंचे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विधानसभा की कार्य प्रणाली में आईटी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्यपाल के अभिभाषण और बजट पर चर्चा के महत्व से नए विधायकों को रू-ब-रू करवाया।