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'आप' में उथल पुथल मची है, घुग्गी की जगह भगवंत मान पंजाब के कन्वीनर!
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 07 May 2017 11:53 AM IST
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आप सांसद भगवंत मान
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दिल्ली में आम आदमी पार्टी में कई दिन से उथल पुथल मची हुई है। अब पार्टी में पंजाब में भी वर्चस्व की जंग तेज होती जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल की पंजाब के विधायकों के साथ होनेवाली बैठक से पहले नया विवाद खड़ा हो गया है।
पार्टी की ओवरसीज एनआरआई टीम ने केजरी को पत्र लिख कर मांग की है कि भगवंत मान को सूबा कन्वीनर न बनाया जाए। केजरीवाल के लिखे पत्र में कहा गया है कि यह सामने आया है कि मान सूबा कन्वीनर पद के लिए जोर लगा रहे हैं।
अगर इसमें कोई सच्चाई है तो ओवरसीज एनआरआई टीम इसका विरोध करती है। यह पार्टी का गलत फैसला होगा, इसके दूरगामी नतीजे होंगे।
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पार्टी की ओवरसीज एनआरआई टीम ने केजरी को पत्र लिख कर मांग की है कि भगवंत मान को सूबा कन्वीनर न बनाया जाए। केजरीवाल के लिखे पत्र में कहा गया है कि यह सामने आया है कि मान सूबा कन्वीनर पद के लिए जोर लगा रहे हैं।
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अगर इसमें कोई सच्चाई है तो ओवरसीज एनआरआई टीम इसका विरोध करती है। यह पार्टी का गलत फैसला होगा, इसके दूरगामी नतीजे होंगे।
विधानसभा चुनाव में मान पार्टी के स्टार प्रचारक थे
आप सांसद भगवंत मान
विधानसभा चुनाव में मान पार्टी के स्टार प्रचारक थे, लेकिन लोगों ने उन्हें खारिज कर दिया। अपने हलके पर ध्यान देने के बजाय उन्होंने एचएस फूलका समेत कई नेताओं के खिलाफ प्रचार किया। वॉलंटियर्स और लोगों को उनकी सीएम बनने की लालसा के बारे में अच्छी तरह पता है।
उनकी शराब पीने की आदत के बारे में पूरी दुनिया को पता है। उन्होंने अपनी एनआरआई टीम बनाई जो पार्टी के लिए कम उनके लिए ज्यादा काम करती रही। मान के अंदर कन्वीनर के तौर पर पंजाब जैसा राज्य संभालने की क्षमता नहीं है। इसलिए भगवंत मान को अपने संसदीय हलके में काम करने दिया जाए।
इस समय पार्टी का फोकस गुरदासपुर लोकसभा चुनाव पर रहना चाहिए। कंवर संधू के लौटने से पहले संगठन के बारे में कोई फैसला न किया जाए। फूलका, संधू, सुखपाल खैरा व अमन अरोड़ा की मौजूदगी में फैसला किया जाए। पंजाब से जुड़ी सभी बैठकें पंजाब में ही हों। इस पत्र में यूएसए, कनाडा, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड इकाइयों के पदाधिकारियों ने दस्तखत किए हैं।
उनकी शराब पीने की आदत के बारे में पूरी दुनिया को पता है। उन्होंने अपनी एनआरआई टीम बनाई जो पार्टी के लिए कम उनके लिए ज्यादा काम करती रही। मान के अंदर कन्वीनर के तौर पर पंजाब जैसा राज्य संभालने की क्षमता नहीं है। इसलिए भगवंत मान को अपने संसदीय हलके में काम करने दिया जाए।
इस समय पार्टी का फोकस गुरदासपुर लोकसभा चुनाव पर रहना चाहिए। कंवर संधू के लौटने से पहले संगठन के बारे में कोई फैसला न किया जाए। फूलका, संधू, सुखपाल खैरा व अमन अरोड़ा की मौजूदगी में फैसला किया जाए। पंजाब से जुड़ी सभी बैठकें पंजाब में ही हों। इस पत्र में यूएसए, कनाडा, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड इकाइयों के पदाधिकारियों ने दस्तखत किए हैं।