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इस बॉलीवुड अभिनेता ने साइंस में फेल होकर पूरा किया सपना, 16 फिल्में
सौरव यादव/अमर उजाला, कालका(पंचकूला)
Updated Tue, 11 Oct 2016 09:15 AM IST
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भाभी जी घर में हैं फेम रोहिताश गौड़
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पीके, अतिथि तुम कब जाओगे व मुन्ना भाई सीरीज में अहम भूमिका निभा चुके इस बॉलीवुड अभिनेता को सपना पूरा करने के लिए फेल तक होना पड़ा। बात हो रही है भाभी जी घर पर हैं नाटक में मनमोहन तिवारी का किरदार निभाने वाले रोहिताश गौड़ की। वे कालका के रहने वाले हैं।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में उन्होंने बीते दिनों की याद करते हुए बताया कि कालका के मेन बाजार में स्थित सरकारी स्कूल में उनके पिता ने साइंस में उनका दाखिला कराया था। लेकिन मन साइंस में बिल्कुल नहीं लगता था। इसलिए वह जानबूझ कर 11वीं में फेल हो गए।
तब फिजिक्स के प्रोफेसर एडी अरोड़ा ने पिता को बताया कि वह एक कलाकार को साइंटिस्ट बनाने की जिद क्यों कर रहे हैं। तब जाकर रोहिताश को आर्ट्स में एडमिशन दिलाई गई। जिसमें उन्होंने टॉप किया।
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अमर उजाला से विशेष बातचीत में उन्होंने बीते दिनों की याद करते हुए बताया कि कालका के मेन बाजार में स्थित सरकारी स्कूल में उनके पिता ने साइंस में उनका दाखिला कराया था। लेकिन मन साइंस में बिल्कुल नहीं लगता था। इसलिए वह जानबूझ कर 11वीं में फेल हो गए।
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तब फिजिक्स के प्रोफेसर एडी अरोड़ा ने पिता को बताया कि वह एक कलाकार को साइंटिस्ट बनाने की जिद क्यों कर रहे हैं। तब जाकर रोहिताश को आर्ट्स में एडमिशन दिलाई गई। जिसमें उन्होंने टॉप किया।
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कॉलेज से ही शुरू हो गया था अभिनय
भाभी जी घर में हैं फेम रोहिताश गौड़
रोहिताश ने बताया कि कालका के सरकारी कॉलेज में स्टडी के दौरान उन्होंने एक नाटक ‘नाटक नहीं’ में काम किया था। जिसके चलते उन्हें इंटर जोनल लेवल पर बेस्ट एक्टर के अवॉर्ड से भी नवाजा गया था। नाटक के लिए कॉलका कॉलेज की खूब सराहना भी हुई।
पाक कलाकारों के मुद्दे पर रोहिताश ने बताया कि किसी भी व्यक्ति का निजी हित देश हित से पहले नहीं होना चाहिए। देश सर्वोपरि है, बाकी बाद में। सबसे पहले हम देश और देश के कलाकारों के साथ हैं। हमारे देश में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। वह रविवार को कालका स्थित अपने निवास स्थान पर पहुंचे थे।
उनके साथ मुंबई के टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल के साइंटिफिक असिस्टेंट के पद पर तैनात उनकी पत्नी रेखा गौड़, बड़ी बेटी गीती गौड़ व छोटी बेटी संगीती गौड़ भी थी। इन दिनों वह एंड टीवी के हास्य नाटक ‘भाभी जी घर पर हैं’ में मनमोहन तिवारी का किरदार निभा रहे हैं। इनका घर का नाम ‘जूजू’ है।
पाक कलाकारों के मुद्दे पर रोहिताश ने बताया कि किसी भी व्यक्ति का निजी हित देश हित से पहले नहीं होना चाहिए। देश सर्वोपरि है, बाकी बाद में। सबसे पहले हम देश और देश के कलाकारों के साथ हैं। हमारे देश में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। वह रविवार को कालका स्थित अपने निवास स्थान पर पहुंचे थे।
उनके साथ मुंबई के टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल के साइंटिफिक असिस्टेंट के पद पर तैनात उनकी पत्नी रेखा गौड़, बड़ी बेटी गीती गौड़ व छोटी बेटी संगीती गौड़ भी थी। इन दिनों वह एंड टीवी के हास्य नाटक ‘भाभी जी घर पर हैं’ में मनमोहन तिवारी का किरदार निभा रहे हैं। इनका घर का नाम ‘जूजू’ है।
कई चैनलों के लिए और फिल्मों में काम कर चुके हैं
भाभी जी घर में हैं फेम रोहिताश गौड़
रोहिताश ने बताया कि वह डीडी वन, स्टार प्लस, कलर, जीटीवी, सब टीवी के लिए काम कर चुके हैं। फिलहाल वह एंड टीवी के लिए काम कर रहे हैं। इसके अलावा वह 16 फिल्मों में भी काम कर चुके हैं। जिसमें पीके, अतिथि तुम कब जाओगे व मुन्ना भाई सीरीज शामिल हैं। लेकिन लापता गंज व भाभी जी घर पर हैं से उन्हें अलग पहचान मिली।
भाभी जी घर पर हैं नाटक में एक दूसरे की टांग खींचने वाले विभूति नारायण मिश्रा व मनमोहन तिवारी रियल लाइफ में अच्छे दोस्त हैं। रोहिताश ने बताया कि आसिफ शेख (किरदार विभूति नारायण मिश्रा) के साथ वह पहले भी एक नाटक हम आपके हैं इनलॉज में काम कर चुके हैं। स्टैंडअप कॉमेडी के बारे में बात करने पर उन्होंने बताया कि उनकी फितरत स्टैंडअप कॉमेडियन की नहीं है। लेकिन रिएलिटी शो का मौका मिला तो वह जरूर हाथ आजमाएंगे।
भाभी जी घर पर हैं नाटक में एक दूसरे की टांग खींचने वाले विभूति नारायण मिश्रा व मनमोहन तिवारी रियल लाइफ में अच्छे दोस्त हैं। रोहिताश ने बताया कि आसिफ शेख (किरदार विभूति नारायण मिश्रा) के साथ वह पहले भी एक नाटक हम आपके हैं इनलॉज में काम कर चुके हैं। स्टैंडअप कॉमेडी के बारे में बात करने पर उन्होंने बताया कि उनकी फितरत स्टैंडअप कॉमेडियन की नहीं है। लेकिन रिएलिटी शो का मौका मिला तो वह जरूर हाथ आजमाएंगे।
रियल लाइफ में भाभी जी के किरदार से बिल्कुल अलग
भाभी जी घर में हैं फेम रोहिताश गौड़
पत्नी रेखा गौड़ ने बताया कि भाभी जी घर पर हैं नाटक में भाभी के आसपास मंडराने का कोई भी मौका न छोड़ने वाले उनके पति रियल लाइफ में इस किरदार के बिल्कुल अपोजिट हैं। धारावाहिक में वह केवल अपने किरदार तक सीमित हैं। रियल लाइफ में वह एक जिम्मेदार पति हैं।
गौड़ ने कहा कि आज कल मायानगरी में 60 प्रतिशत लोग माता पिता का पैसा बर्बाद कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि कोई भी युवा बिना रुचि के किसी लाइन में प्रवेश न करें।
रोहिताश ने बताया कि उनके पिता सुदर्शन गौड़ ने 1952 में शिमला में आल इंडिया आर्टिस्ट एसोसिएशन का गठन किया था। उसमें बलराज सहानी, मदन पुरी, प्रेम चोपड़ा भी उनके साथ जुड़े थे।
इसके बाद ड्रामा एंड डांस फेस्टिवल की शुरुआत हुई थी। यह अब भी शिमला में चल रहा है। इसमें भारत के छह सौ कलाकार जुड़े हैं। चंडीगढ़ में भी उनकी संस्था रजिस्टर्ड है और जल्द ही इसे चंडीगढ़ में शुरू करना चाहते हैं। वह इस लाइन में पेशेवर के तौर पर आना चाहते थे।
गौड़ ने कहा कि आज कल मायानगरी में 60 प्रतिशत लोग माता पिता का पैसा बर्बाद कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि कोई भी युवा बिना रुचि के किसी लाइन में प्रवेश न करें।
रोहिताश ने बताया कि उनके पिता सुदर्शन गौड़ ने 1952 में शिमला में आल इंडिया आर्टिस्ट एसोसिएशन का गठन किया था। उसमें बलराज सहानी, मदन पुरी, प्रेम चोपड़ा भी उनके साथ जुड़े थे।
इसके बाद ड्रामा एंड डांस फेस्टिवल की शुरुआत हुई थी। यह अब भी शिमला में चल रहा है। इसमें भारत के छह सौ कलाकार जुड़े हैं। चंडीगढ़ में भी उनकी संस्था रजिस्टर्ड है और जल्द ही इसे चंडीगढ़ में शुरू करना चाहते हैं। वह इस लाइन में पेशेवर के तौर पर आना चाहते थे।
पेशेवर रंगमंच की शुरूआत 1986 से हुई
भाभी जी घर में हैं फेम रोहिताश गौड़
रोहिताश ने बताया कि तब पिता की हिदायत पर उन्होंने नेशनल स्कूल आफ ड्रामा दिल्ली (एनएसडी) में ज्वाइन किया। जहां 1986 में उनका सिलेक्शन हुआ। तीन वर्ष के कोर्स के बाद उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा रंगमंडल ज्वाइन किया। यहां से उन्होंने पेशेवर रंगमंच की शुरुआत की। छह साल यहां रहने के बाद 1997 में वह मुंबई गए।
यहां सबसे पहले ‘मुझे चांद चाहिए’ सीरियल में काम किया। जो सुरेंद्र वर्मा के उपन्यास पर आधारित था। जिसके बाद उनकी टीवी यात्रा प्रारंभ हुई। गौड़ ने बताया कि उनके पिता सुदर्शन गौड़ ने 1952 में ऑल इंडिया आर्टिस्ट एसोसिएशन की स्थापना की थी। वह इसके अध्यक्ष भी रहे हैं। वह कालका में ही रह रहे थे। हाल ही में उनका देहांत हो गया था।
उनके पिता का भोग का कार्यक्रम कुराड़ी मोहल्ला में 17 अक्तूबर को उनके परिवारिक स्कूल ‘स्टोन ब्रूक कैसल’ में रखा गया है। गौरतलब है कि सुदर्शन गौड़ बॉलीवुड के सितारों के काफी करीबी रह चुके हैं। उन्हें बलराज साहनी अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है।
यहां सबसे पहले ‘मुझे चांद चाहिए’ सीरियल में काम किया। जो सुरेंद्र वर्मा के उपन्यास पर आधारित था। जिसके बाद उनकी टीवी यात्रा प्रारंभ हुई। गौड़ ने बताया कि उनके पिता सुदर्शन गौड़ ने 1952 में ऑल इंडिया आर्टिस्ट एसोसिएशन की स्थापना की थी। वह इसके अध्यक्ष भी रहे हैं। वह कालका में ही रह रहे थे। हाल ही में उनका देहांत हो गया था।
उनके पिता का भोग का कार्यक्रम कुराड़ी मोहल्ला में 17 अक्तूबर को उनके परिवारिक स्कूल ‘स्टोन ब्रूक कैसल’ में रखा गया है। गौरतलब है कि सुदर्शन गौड़ बॉलीवुड के सितारों के काफी करीबी रह चुके हैं। उन्हें बलराज साहनी अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है।