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Diwali 2023: पटाखे चलाने और देखने वाले भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना उठाना पड़ सकता बड़ा नुकसान
Sat, 11 Nov 2023 02:42 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 11 Nov 2023 02:42 PM IST
सार
Safety Precautions During Diwali : चंडीगढ़ पीजीआई एडवांस्ड आई सेंटर में दिवाली पर विशेष हेल्प लाइन नंबर 9814014464, 0172-2756117 जारी किया गया है। इसके साथ ही 11 नवंबर से 14 नवंबर तक आंखों की विशेष ओपीडी संचालित की जाएगी। जिसमें 24 घंटे आपातकालीन सेवा बहाल रहेगी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिवाली की रात खुशियां मनाने और दीप जलाने के साथ ही सावधान रहने की भी बहुत जरूरत है। अगर पिछले कुछ वर्षों का रिकॉर्ड देखा जाए तो दिवाली पर घायल होकर अस्पताल पहुंचने वालों में पटाखा चलाने वालों की अपेक्षा दूर से देखने वाले लोग ज्यादा शामिल हैं। यह कहना है पीजीआई चंडीगढ़ के एडवांस्ड आई सेंटर के प्रमुख डॉ. एसएस पांडव का।
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डॉ. पांडव ने बताया कि पीजीआई एडवांस्ड आई सेंटर में वर्ष 2020 में 27 मरीज, 2021 में 15 मरीज और 2022 में दिवाली के बाद 24-48 घंटों की अवधि में पटाखों से संबंधित गंभीर आंखों की चोट वाले 40 मरीज आए। इनमें से अधिकांश रोगियों की आंखें बचाने के लिए सर्जरी करनी पड़ी थी। पिछले कुछ वर्षों में यह प्रवृत्ति देखी गई है कि इनमें से अधिकांश चोट आसपास खड़े लोगों को आई हैं यानी वे लोग जो स्वयं पटाखे नहीं जला रहे हैं लेकिन पास खड़े हैं या दूसरों को पटाखे चलाते हुए देख रहे हैं। प्रत्येक वर्ष लगभग 20-25% लोगों की दोनों आंखों में चोट लग जाती है।
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इसका रखें ध्यान
- आंख में हल्की चिंगारी लगने पर भी उसे हाथ से मसलें नहीं
- सादे पानी से आंखों को धोएं और जल्दी से डॉक्टर को दिखाएं
- दिवाली के बाद प्रदूषण और राख से आंखों में जलन की दिक्कत भी काफी बढ़ जाती है।
- अक्सर दिवाली के दूसरे-तीसरे दिन तक बाहर निकलने पर आंखों में जलन महसूस होती है, क्योंकि हवा में प्रदूषण होता है। ऐसी दिक्कत होने पर डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप इस्तेमाल कर सकते हैं।
- रंगोली बनाने के बाद बिना धोए आंखों को न छुएं क्योंकि रंगोली में इस्तेमाल किए गए रंगों में मौजूद रसायन आंखों को गंभीर चोट पहुंचा सकते हैं।
- पटाखों पर लगा लेबल देखें और उस पर दिए गए निर्देशों का पालन करें।
- पटाखे जलाने से पहले खुली जगह में जाएं।
- आसपास देख लें, कोई आग फैलाने वाली या फौरन आग पकड़ने वाली चीज तो नहीं है।
- जितनी दूर तक पटाखों की चिंगारी जा सकती है, उतनी दूरी तक छोटे बच्चों को न आने दें।
- पटाखा जलाने के लिए स्पार्कलर, अगरबत्ती अथवा लकड़ी का इस्तेमाल करें ताकि पटाखे से आपके हाथ दूर रहें और जलने का खतरा न हो।
- रॉकेट जैसे पटाखे जलाते वक्त यह तय कर लें कि उसकी नोक खिड़की, दरवाजे और किसी खुली बिल्डिंग की तरफ न हो। यह दुर्घटना की वजह बन सकता है।
- पटाखे जलाते वक्त पैरों में जूते-चप्पल जरूर पहनें।
- हमेशा पटाखे जलाते वक्त अपना चेहरा दूर रखें।
- अकेले पटाखे जलाने के बजाय सबके साथ मिलकर एंजॉय करें ताकि आपात स्थिति में लोग आपकी मदद कर सकें।
- कम से कम एक बाल्टी पानी भरकर नजदीक रख लें।
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ऐसा बिल्कुल न करें
- नायलॉन के कपड़े न पहनें, पटाखे जलाते समय कॉटन के कपड़े पहनना बेहतर होता है।
- पटाखे जलाने के लिए माचिस या लाइटर का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, क्योंकि इसमें खुली फ्लेम होती है, जो कि खतरनाक हो सकती है।
- रॉकेट जैसे पटाखे तब बिल्कुल न जलाएं, जब ऊपर कोई रुकावट हो, मसलन पेड़, बिजली के तार आदि।
- पटाखों के साथ एक्सपेरिमेंट या खुद के पटाखे बनाने की कोशिश न करें।
- सड़क पर पटाखे जलाने से बचें।
- एक पटाखा जलाते वक्त बाकी पटाखे आसपास न रखें।
- कभी भी अपने हाथ में पटाखे न जलाएं। इसे नीचे रखकर जलाएं।
- कभी भी छोटे बच्चों के हाथ में कोई भी पटाखा न दें।
- कभी भी बंद जगह पर या गाड़ी के अंदर पटाखा जलाने की कोशिश न करें।
पीजीआई एडवांस्ड आई सेंटर में दिवाली पर विशेष हेल्प लाइन नंबर 9814014464, 0172-2756117 जारी किया गया है। इसके साथ ही 11 नवंबर से 14 नवंबर तक आंखों की विशेष ओपीडी संचालित की जाएगी। जिसमें 24 घंटे आपातकालीन सेवा बहाल रहेगी।