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ऑनलाइन एंटिक सामान खरीदने से पहले ये खबर पढ़ें, वरना पछताएंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 30 Sep 2017 12:19 PM IST
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अगर कोई आपको ऑनलाइन एंटिक सामान ऑफर करे तो खरीदने से पहले ये खबर जरूर पढ़ लें, वरना इस शख्स की तरह पछताएंगे और नुकसान भी होगा। ऑनलाइन एंटिक सामान बेचने के नाम पर सेक्टर-8 बी निवासी प्रेम सिंह राणा से छह लोगों ने एक करोड़ 22 लाख रुपये की ठगी कर डाली। पीड़ित ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी है।
सेक्टर-3 थाना पुलिस ने मामले में एआर रहमान, अश्वनी कुमार, राजा रमेश, उदित नागर और आरिफ चौधरी के खिलाफ धोखाधड़ी (धारा 420) और आपराधिक साजिश (120बी) के तहत केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में प्रेम सिंह ने बताया कि 20 जून 2017 को उनकी अपने दोस्त के सेक्टर-9 स्थित आफिस में सरबजीत गिल से मुलाकात हुई थी। उसने उन्हें बताया कि वह कुछ लोगों को जानता है जिनके पास धर्मशाला में सुपर एंटीक आइटम हैं और वह उसे बेचना चाहते हैं। इसके बाद उसने उनकी अश्वनी कुमार से फोन पर कान्फ्रेंस कॉल पर बात करवाई। अश्वनी ने उन्हें कहा कि वह गूगल पर सुपर एंटीक आइटम सर्च करेंगे तो उन्हें एंटीक आइटम और उनके बारे में सब पता चल जाएगा।
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साथ ही उनके पास मौजूद एंटीक आइटम सामान की कीमत का पता चल सकेगा। इसके बाद सरबजीत गिल ने उनसे एंटीक आइटम की कीमत तय की। साथ ही ऐसी कंपनी तलाश करने को कहा जो एंटीक सामान खरीद सके। कुछ समय बाद राणा की मुलाकात आरिफ चौधरी से हुई। उसने उन्हें एआर रहमान को सीईओ और उदित नागर को ऑपरेशनल हेड के तौर पर मिलवाया।
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सेक्टर-3 थाना पुलिस ने मामले में एआर रहमान, अश्वनी कुमार, राजा रमेश, उदित नागर और आरिफ चौधरी के खिलाफ धोखाधड़ी (धारा 420) और आपराधिक साजिश (120बी) के तहत केस दर्ज कर लिया है।
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पुलिस को दी शिकायत में प्रेम सिंह ने बताया कि 20 जून 2017 को उनकी अपने दोस्त के सेक्टर-9 स्थित आफिस में सरबजीत गिल से मुलाकात हुई थी। उसने उन्हें बताया कि वह कुछ लोगों को जानता है जिनके पास धर्मशाला में सुपर एंटीक आइटम हैं और वह उसे बेचना चाहते हैं। इसके बाद उसने उनकी अश्वनी कुमार से फोन पर कान्फ्रेंस कॉल पर बात करवाई। अश्वनी ने उन्हें कहा कि वह गूगल पर सुपर एंटीक आइटम सर्च करेंगे तो उन्हें एंटीक आइटम और उनके बारे में सब पता चल जाएगा।
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साथ ही उनके पास मौजूद एंटीक आइटम सामान की कीमत का पता चल सकेगा। इसके बाद सरबजीत गिल ने उनसे एंटीक आइटम की कीमत तय की। साथ ही ऐसी कंपनी तलाश करने को कहा जो एंटीक सामान खरीद सके। कुछ समय बाद राणा की मुलाकात आरिफ चौधरी से हुई। उसने उन्हें एआर रहमान को सीईओ और उदित नागर को ऑपरेशनल हेड के तौर पर मिलवाया।
कंपनी को लंदन, यूके बेस्ड बताया
ऑनलाइन शॉपिंग
उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी लंदन, यूके बेस है और उन्हें अपनी कंपनी वेबसाइट दिखाई। उन्होंने बताया कि उन्हें एंटिक आइटम ऑनलाइन और फिजिकली बेचने के लिए कुछ परमिशन लेनी होंगी। इसके लिए उनके बीच कई मेल हुईं। इसके बाद उन्होंने उन्हें 7 लाख और बाद में पांच लाख रुपये का भुगतान किया। जून से लेकर अगस्त तक कुल मिलाकर 1 करोड़ 22 लाख रुपये दिए।
इस दौरान वह उसे कई बार धर्मशाला भी ले गए। कंपनी की वेबसाइट के जरिए एंटिक आइटम बेचने के लिए उनसे 10 करोड़ रुपये जमा करवाने को कहा गया। 11 अगस्त को वह धर्मशाला सामान की डिलीवरी लेने गए, लेकिन रमेश ने उन्हें अगले दिन सुबह 8 बजे सामान देने की बात कही। इसके बाद 12 अगस्त को सुबह 3 बजे उनका कॉल आया कि उनके अंकल की मृत्यू हो गई है और वह अपने गांव जा रहे हैं।
इसके बाद से उनका और अन्य आरोपियों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ हैं। इसके बाइ खुद के ठगे जाने का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने उक्त आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस दौरान वह उसे कई बार धर्मशाला भी ले गए। कंपनी की वेबसाइट के जरिए एंटिक आइटम बेचने के लिए उनसे 10 करोड़ रुपये जमा करवाने को कहा गया। 11 अगस्त को वह धर्मशाला सामान की डिलीवरी लेने गए, लेकिन रमेश ने उन्हें अगले दिन सुबह 8 बजे सामान देने की बात कही। इसके बाद 12 अगस्त को सुबह 3 बजे उनका कॉल आया कि उनके अंकल की मृत्यू हो गई है और वह अपने गांव जा रहे हैं।
इसके बाद से उनका और अन्य आरोपियों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ हैं। इसके बाइ खुद के ठगे जाने का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने उक्त आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।