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सीजेएम के सामने मरीजों का खुलासा, कालका और पिंजौर में ड्रग्स का कारोबार
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Thu, 16 Feb 2017 09:12 AM IST
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सीजेएम ने ड्रग्स कंट्रोलर को दिए जांच के आदेश
- फोटो : अमर उजाला
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पंचकूला सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में स्थित नशा मुक्ति केंद्र का सीजेएम निधि बंसल ने बुधवार को निरीक्षण किया। जब वह उपचाराधीन मरीजों के स्वास्थ्य और परिवार के बारे में जानकारी ले रहीं थीं, तभी एक मरीज ने सीजेएम के सामने ट्राइसिटी में फैले ड्रग्स कारोबार का काला चिट्ठा खोलकर रख दिया। मरीजों के इस खुलासे से सीजेएम निधि बंसल ने ड्रग्स कंट्रोलर डॉ. राजीव त्रेहन को तुरंत मामले की जांच के आदेश दिए।
दरअसल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला की सचिव निधि बंसल बुधवार को नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचीं थीं। केंद्र के एक वार्ड में 20 से 46 वर्ष तक की 4 महिलाओं सहित 11 मरीज उपचाराधीन हैं।
इस दौरान एक रोगी ने खुलासा किया कि वह पिछले 2 साल से हेरोइन का आदी है। वह चंडीगढ़ के क्लब महाप्रबंधक के रूप में काम कर रहा था। उसकी मासिक आय करीब एक लाख रुपये थी। वह अपनी आय का बड़ा हिस्सा नशीली दवाओं और हेरोइन पर खर्च करने लगा था। वह द्वारका, जनकपुरी और नई दिल्ली में नाइजीरियन से हेरोइन खरीदता था। जिसका रेट 2500 प्रति ग्राम था और वह चंडीगढ़ में 6000 रुपये प्रति ग्राम मिलती थी। वह नशीली दवाओं की खरीद के लिए मेट्रो पिलर पर उन्हें फोन करते थे और वहीं संपर्क होता था। वह बॉडी बिल्डर था और जिम करता था। उसने सहनशक्ति बढ़ाने के लिए हेरोइन लेनी शुरू की, लेकिन बाद में वह इसका आदी हो गया।
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दरअसल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला की सचिव निधि बंसल बुधवार को नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचीं थीं। केंद्र के एक वार्ड में 20 से 46 वर्ष तक की 4 महिलाओं सहित 11 मरीज उपचाराधीन हैं।
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इस दौरान एक रोगी ने खुलासा किया कि वह पिछले 2 साल से हेरोइन का आदी है। वह चंडीगढ़ के क्लब महाप्रबंधक के रूप में काम कर रहा था। उसकी मासिक आय करीब एक लाख रुपये थी। वह अपनी आय का बड़ा हिस्सा नशीली दवाओं और हेरोइन पर खर्च करने लगा था। वह द्वारका, जनकपुरी और नई दिल्ली में नाइजीरियन से हेरोइन खरीदता था। जिसका रेट 2500 प्रति ग्राम था और वह चंडीगढ़ में 6000 रुपये प्रति ग्राम मिलती थी। वह नशीली दवाओं की खरीद के लिए मेट्रो पिलर पर उन्हें फोन करते थे और वहीं संपर्क होता था। वह बॉडी बिल्डर था और जिम करता था। उसने सहनशक्ति बढ़ाने के लिए हेरोइन लेनी शुरू की, लेकिन बाद में वह इसका आदी हो गया।
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बापूधाम कॉलोनी की चार बहनें कर रहीं काला कारोबार
drugs
- फोटो : Demo Pic
कालका और पिंजौर में चल रहा ड्रग्स का कारोबार
विश्वकर्मा कालोनी पिंजौर के एक मरीज ने बताया कि वह पिछले 9 महीने से हेरोइन काआदी है। उसने अपने अपने पिता की मौत के बाद दोस्त के कहने पर ड्रग्स लेने शुरू कर दिया था। मरीज ने सीजेएम को बताया कि कालका के पास मानकपुर में एक परिवार ड्रग्स कारोबार में संलिप्त है। इसके बारे में प्रशासन व पुलिस को जानकारी है, लेकिन ड्रग्स तस्करों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
बापूधाम कॉलोनी की चार बहनें कर रहीं काला कारोबार
सीजेएम निधि बंसल के सामने हेरोइन के आदी एक और मरीज ने बताया कि वह पेशे से पेंटर है। वह मोरफिन और एविल इंजेक्शन भी लेता है। जोकि 200 रुपये में मिल जाते हैं। वह ट्रांसजेंडर मंदिर बापूधाम कालोनी सेक्टर-26 चंडीगढ़ से यह खरीदता था। उसने बताया कि बापूधाम में चार बहनें खुले तौर पर इस कारोबार को कर रहीं हैं। पुलिस को भी इसके बारे में पता है। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
कैथल के बस स्टैंड के पास कैमिस्ट शॉप संचालक ड्रग्स कारोबारी
नशा मुक्ति केंद्र में उपचाराधीन कैथल के एक मरीज ने सीजेएम को बताया कि वह और उसके पिता प्रॉपर्टी डीलर का कारोबार चला रहे हैं। वह प्रोक्सवोन कैप्सूल का आदी है। वह अपने दोस्त के साथ यह कैप्सूल लेता था। जोकि कैथल के प्रसिद्ध मेडिकल स्टोर पर मिलती है। मरीज ने बताया कि कैथल के बस स्टैंड के पास स्थित कैमिस्ट शॉप से यह ड्रग्स लोगों को सप्लाई की जाती है। उसने कहा कि इस कैमिस्ट की रोजाना की आय कम से कम 5 से 6 लाख रुपये है। उसकी अधिकतर आमदनी नशीली दवाओं से होती है। पुलिस और ड्रग विभाग को इसके बारे में जानकारी है।
स्टेट ड्रग्स कंट्रोलर को कई बार लिखित में जांच करने के लिए कह चुकी हूं। ड्रग्स कारोबार को रोकने के लिए पुलिस को ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
-निधि बंसल, सीजेएम
विश्वकर्मा कालोनी पिंजौर के एक मरीज ने बताया कि वह पिछले 9 महीने से हेरोइन काआदी है। उसने अपने अपने पिता की मौत के बाद दोस्त के कहने पर ड्रग्स लेने शुरू कर दिया था। मरीज ने सीजेएम को बताया कि कालका के पास मानकपुर में एक परिवार ड्रग्स कारोबार में संलिप्त है। इसके बारे में प्रशासन व पुलिस को जानकारी है, लेकिन ड्रग्स तस्करों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
बापूधाम कॉलोनी की चार बहनें कर रहीं काला कारोबार
सीजेएम निधि बंसल के सामने हेरोइन के आदी एक और मरीज ने बताया कि वह पेशे से पेंटर है। वह मोरफिन और एविल इंजेक्शन भी लेता है। जोकि 200 रुपये में मिल जाते हैं। वह ट्रांसजेंडर मंदिर बापूधाम कालोनी सेक्टर-26 चंडीगढ़ से यह खरीदता था। उसने बताया कि बापूधाम में चार बहनें खुले तौर पर इस कारोबार को कर रहीं हैं। पुलिस को भी इसके बारे में पता है। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
कैथल के बस स्टैंड के पास कैमिस्ट शॉप संचालक ड्रग्स कारोबारी
नशा मुक्ति केंद्र में उपचाराधीन कैथल के एक मरीज ने सीजेएम को बताया कि वह और उसके पिता प्रॉपर्टी डीलर का कारोबार चला रहे हैं। वह प्रोक्सवोन कैप्सूल का आदी है। वह अपने दोस्त के साथ यह कैप्सूल लेता था। जोकि कैथल के प्रसिद्ध मेडिकल स्टोर पर मिलती है। मरीज ने बताया कि कैथल के बस स्टैंड के पास स्थित कैमिस्ट शॉप से यह ड्रग्स लोगों को सप्लाई की जाती है। उसने कहा कि इस कैमिस्ट की रोजाना की आय कम से कम 5 से 6 लाख रुपये है। उसकी अधिकतर आमदनी नशीली दवाओं से होती है। पुलिस और ड्रग विभाग को इसके बारे में जानकारी है।
स्टेट ड्रग्स कंट्रोलर को कई बार लिखित में जांच करने के लिए कह चुकी हूं। ड्रग्स कारोबार को रोकने के लिए पुलिस को ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
-निधि बंसल, सीजेएम