करोड़ों का बैंक घोटालाः ईमेल व मोबाइल नंबर हैक कर उड़ाते थे रकम, पूरे रैकेट का हुआ पर्दाफाश
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पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम सेल ने करोड़ों रुपये का बैंक घोटाला करने वाले रैकेट का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की है। जालसाजों ने फर्जी नाम से खुलवाए पांच बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के बाद में एटीएम और चेक के जरिये उन्हें निकलवा लिया। इस संबंध में जांच ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि एचडीएफसी बैंक के लोकेशन मैनेजर (इन्वेस्टिगेशन, रिस्क इंटेलिजेंस और कंट्रोल यूनिट) विजय कुमार द्वारा 30 दिसंबर, 2019 को एचडीएफसी बैंक के खाते में से तकनीकी पैंतरों से तकरीबन 2 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप की अर्जी दायर की गई।
जालसाजों के काम करने के ढंग के बारे में प्रवक्ता ने बताया कि धोखाधड़ी करने वालों ने पीड़ित के बैंक खातों से रजिस्टर्ड ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर को बहुत चालाकी से समान मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी के साथ बदल दिया और इस तरह पीड़ित के खातों के साथ अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी अपडेट करते हुए खातों का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया।
जांच में यह पाया गया है कि सभी सरकारी आईडी सबूत, जिसमें चिप आधारित ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, होलोग्राम वाले वोटर आईडी कार्ड आदि शामिल हैं, जो बैंक खाता खोलने और मोबाइल नंबर लेने के लिए केवाईसी दस्तावेज के रूप में दिए गए थे, फर्जी पाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जालसाजों द्वारा सभी पैसे एटीएम कार्डों और चेक द्वारा निकलवाए गए हैं और इस तरह पुलिस के लिए कोई सुराग नहीं छोड़ा। इसके अलावा जालसाजों द्वारा इस कार्रवाई को अंजाम देने के समय पर ही मोबाइल का प्रयोग किया जाता था, जिसके बाद वह मोबाइल को बंद कर देते थे। जांच में यह पता लगा कि यह रैकेट लुधियाना से काम कर रहा था और इसमें कम से कम तीन व्यक्ति शामिल थे।
गिरोह के एक सदस्य की पहचान राजीव कुमार पुत्र देव राज निवासी न्यू शिमलापुरी लुधियाना के तौर पर हुई है। तलाशी और प्राप्त विवरण के आधार पर इस केस में तीन लोगों को नामजद किया गया था और इनमें से दो राजीव कुमार पुत्र राज देव और दीपक कुमार गुप्ता पुत्र दर्शन लाल गुप्ता को 28 जनवरी, 2020 को शिमलापुरी लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया गया।
एक आरोपी अभी फरार है। गिरफ्तार किये गए दोनों मुलजिमों को जुडिशियल मैजिस्ट्रेट एसएएस नगर की अदालत में पेशकर 5 दिनों के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मुलजिमों की पूछताछ से और बरामदगियां और इस गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ़्तारियां की जाएंगी।
गिरफ्तारी से चार अन्य केस भी हल हुए
पकड़े गए मुलजिमों से उनके अपने खातों में जमा 10,00,000 रुपये बरामद किये गए और अन्य बरामदगियां जल्द की जाएंगी। इन मुलजिमों की गिरफ्तारी से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी से संबंधित चार अन्य केस भी हल हो गए। इसी तरह के दोषियों ने राम काला निवासी नाहरपुर हरियाणा के साथ 80 लाख रुपये की ठगी की थी, जिसके बारे में एक केस 2019 में एफआईआर 169 अधीन थाना मानेसर हरियाणा में दर्ज की गई थी और इनकी गिरफ्तारी से यह केस भी हल हो गया। उन्होंने आगे बताया कि जांच प्रक्रिया के दौरान अन्य केस हल किए जाएंगे।