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Bank Strike Today: चंडीगढ़ में गरजे बैंक कर्मी, कहा- देश की प्रगति पर विपरीत असर डालेगा निजीकरण
Mon, 15 Mar 2021 12:56 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 15 Mar 2021 12:56 PM IST
सार
- यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर बैंकों की हड़ताल
- चंडीगढ़ के सेक्टर 17 स्थित बैंक स्कवायर में बैंक कर्मियों का प्रदर्शन
- दो दिवसीय हड़ताल में हिस्सा ले रही हैं 9 ट्रेड यूनियन
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बैंक की हड़ताल: चंडीगढ़ में प्रदर्शन करते बैंककर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों को बंद करने के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर देश भर में बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल है। चंडीगढ़ के सेक्टर 17 स्थित बैंक स्कवायर में भी सोमवार को प्रदर्शन किया गया।
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बैंक कर्मचारी और अधिकारियों की इस दो दिवसीय हड़ताल में 9 ट्रेड यूनियन हिस्सा ले रही हैं। इस मौके पर यूएफबीयू के संजीव बंदलीश, दीपक शर्मा, जगदीश राय, बीएस गिल और अन्य नेता मौजूद हैं। नेताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन एक फरवरी को पेश किए बजट में वित्त मंत्री के सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों और एक बीमा कंपनी को बेचने के खिलाफ किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने देश की अर्थव्यवस्था में हमेशा योगदान दिया है। किसानों और छोटे उद्योगों को सार्वजनिक उपक्रमों ने ही ऋण के रूप में सहायता की है। सरकार इन उपक्रमों का निजीकरण कर इन्हें समाप्त कर रही है। बैंक और बीमा कंपनियां लोगों के पैसे का प्रबंधन करती हैं।
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सरकार इनका निजीकरण करके जनता के पैसे को निजी स्वार्थों के हवाले कर रही है। एनपीए और कॉरपोरेट डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उनके सभी ऋणों को चुपचाप माफ किया जा रहा है। बैंकों के निजीकरण के कारण देश की प्रगति पर विपरीत असर पड़ेगा, जो दुर्भाग्यवंश राष्ट्रीय हित के लिए प्रतिगामी होगा।