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गो हत्या और तस्करी पर रोक मामले से याची को बाहर करने पर हंगामा

Wed, 01 Feb 2017 10:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 01 Feb 2017 10:01 PM IST
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Ban on cow slaughter and smuggling case, punjab and haryana highcourt
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
गो तस्करी मामले को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाली कुरुक्षेत्र निवासी रेणुका चोपड़ा ने केस से याची को हटाकर स्वत: संज्ञान के तहत सुनवाई करने के फैसले के खिलाफ बुधवार को अदालत में जमकर हंगामा किया। इस दौरान कोर्ट परिसर में तेजी से नारे लगाए और सुनवाई कर रहे जज और एमिकस क्यूरी पर गंभीर आरोप वाले पर्चे भी बांटे। हंगामा बढ़ता देख हाईकोर्ट सिक्योरिटी ने उन्हें हिरासत में लिया और सेक्टर-3 थाने भेज दिया। वहीं, हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान के तहत आरंभ किए गए मामले में हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांग लिया है।
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गो तस्करी मामले में कुरुक्षेत्र निवासी रेणुका चोपड़ा ने याचिका दाखिल कर कहा था कि हरियाणा से गो वंश को दूसरे राज्यों में ले जाकर बूचड़खाने में काट दिया जाता है। अधिकारी तस्करों की मदद करते हैं और यूपी में गाय को काटने पर पाबंदी नहीं है, इसलिए वहां गाय को कटने के लिए भेजने के लिए परमिट जारी कर दिया जाता है। 
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याचिका पर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा था कि यूपी में भी गाय को काटने पर पाबंदी है ऐसे में परमिट जारी किया जा सकता है। इसी बीच रेणुका चोपड़ा का एक पत्र सामने आया था और उन्होंने कहा था कि इंसाफ मिलने में देरी हो रही है, इसलिए वे इस केस को आगे बढ़ाना नहीं चाहतीं हैं। हाईकोर्ट ने कहा था कि याची नहीं बल्कि मुद्दा अहम है और ऐसे में हाईकोर्ट का यह फर्ज बनता है कि इस केस को जारी रखा जाए। इसके बाद कोर्ट ने एडवोकेट दिव्या शर्मा को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था। पिछली सुनवाई के दौरान दिव्या शर्मा ने कोर्ट को बताया था कि याचिका दाखिल करने वाली रेणुका चोपड़ा इस केस से अभी नहीं हटी हैं और वे उन्हें बार-बार एसएमएस कर परेशान कर रही हैं। हाईकोर्ट ने इस पर पूर्व में दाखिल याचिका को समाप्त करते हुए नए सिरे से स्वयं संज्ञान लेते हुए मामले को सुनने का फैसला लिया।
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कोर्ट के अंदर सुनवाई चली और बाहर हंगामा

Ban on cow slaughter and smuggling case, punjab and haryana highcourt
highcourt - फोटो : File Photo
बुधवार को स्वत: संज्ञान के तहत यह मामला पहली बार सुनवाई के लिए बेंच के समक्ष पहुंचा। हाईकोर्ट ने इस मामले में हरियाणा सरकार से उनका पक्ष रखने को कहा। हरियाणा सरकार की ओर से एडवोकेट रणधीर सिंह ने कोर्ट को बताया कि सरकार से हरियाणा गो वंश संरक्षण व गो संवर्धन एक्ट का पालन कर रही है। इसके तहत सरकार ने 20 करोड़ का बजट रखा है और आईजी स्तर के अधिकारी को इस एक्ट के तहत नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है। ट्रैक्टरों के कारण बैलों की वैल्यू समाप्त हो गई है और वे उन्हें सड़क पर छोड़ देते हैं। ऐसे ही जो गाय दूध देना बंद कर देती हैं उन्हें भी सड़क पर छोड़ दिया जाता है। यही असली समस्या है। 

उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस, पंचायत विभाग और एनिमल हस्बैंडरी विभाग की संयुक्त बैठक से जुड़ी जानकारी अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट को दे दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि गो रक्षा के मामले में हरियाणा देश में सबसे आगे है। हाईकोर्ट ने कहा कि हरियाणा में गो रक्षा को लेकर बनाए गए एक्ट का पालन सही तरीके से हो यह सुनिश्चित करना ही स्वयं संज्ञान के तहत इस केस की सुनवाई का उद्देश्य है। ऐसे में एडवोकेट दिव्या शर्मा को हाईकोर्ट ने एमिकस क्यूरी के रूप में केस के साथ बनाए रखा है।

कोर्ट के अंदर सुनवाई चली और बाहर हंगामा
जब कोर्ट रूम में स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई आरंभ हुई ठीक तभी कोर्ट रूम के बाहर एडवोकेट और मामले में याचिकाकर्ता रेणुका चोपड़ा ने कोर्ट रूम के बाहर केस से खुद को हटाए जाने को साजिश करार देते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान अपने ऊपर लाल रंग डालकर कहा ठीक इसी प्रकार लहूलुहान जानवर इंसानों से इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठे हैं पर इंसाफ नहीं मिल रहा।
 
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