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SYL मामला: अकालियों से तीखी नोक-झोंक के बाद, बैंस ब्रदर्स ने दिया इस्तीफा

Wed, 16 Nov 2016 08:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 16 Nov 2016 08:42 PM IST
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Bains Brothers resignation, assembly special session
बैंस ब्रदर्स ने दिया इस्तीफा - फोटो : अमर उजाला
तलुज यमुना लिंक नहर पर बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र में कांग्रेस विधायक शामिल नहीं हुए। वहीं, आवाज-ए-पंजाब फ्रंट पूरी तरह विपक्ष की भूमिका में नजर आया। बैंस ब्रदर्स ने एसवाईएल पर अपना पक्ष रखा और डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को पानी की कीमत तीनों राज्यों से वसूलने की उनकी बात माननी पड़ी। इसके बाद प्रस्ताव में संशोधन किया गया। अकालियों से तीखी नोक-झोंक के बीच आजाद विधायकों बलविंदर बैंस और सिमरजीत बैंस ने अपने इस्तीफे स्पीकर की तरफ फेंक दिए।
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पहले सिमरजीत बैंस ने मांग की कि राजस्थान से रॉयल्टी के मुद्दे पर उनके प्राइवेट रिजोल्यूशन पर बहस कराई जाए, जिसे स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल ने नकार दिया। प्रस्ताव पर बहस के दौरान बैंस ने कहा कि पंजाब के सिर पर बहुत बड़ा कर्ज है, जिसने लोगों का पेट भरने को दिन-रात एक किया, वही किसान आत्महत्या कर रहा है। शुरू से एसवाईएल का इतिहास सुनाना जरूरी है। इसी दौरान बलविंदर बैंस उनकी वीडियो बनाने लगे तो स्पीकर ने टोका। बैंस ने कहा कि कर्नाटक ने कावेरी के पानी पर ऐतिहासिक फैसला लिया है।
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जब वह पिछले सत्र में पानी के मुद्दे पर प्रस्ताव लाए तो मार्शल के जरिए उन्हें बाहर कर दिया गया। सीएम बादल ने 1979 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे दरबारा सिंह ने वापस ले लिया था, लेकिन बादल 1997 से अब तक पंद्रह साल सीएम रहे, पर दोबारा उस पर कुछ नहीं किया। 2010 में राजस्थान से रॉयल्टी लेने के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई, पर उसमें इस बात का जिक्त्रस् ही नहीं हुआ। 
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परगट सिंह विपक्ष में बैठे, नहीं आई डॉ. नवजोत कौर

Bains Brothers resignation, assembly special session
बैंस ब्रदर्स ने दिया इस्तीफा - फोटो : अमर उजाला
बैंस ने आरोप लगाया कि उसी दिन राजस्थान से सौ करोड़ रुपये पहुंच गए। यह प्रस्ताव भी मगरमच्छ के आंसू हैं। पानी राजस्थान जा रहा है, हम प्रस्ताव केंद्र को भेजने की बात कर रहे हैं। राजस्थान पर 15.34 लाख करोड़ रुपये बनते हैं। सरकार को हिदायत दें कि राजस्थान से पानी की कीमत वसूले। इसके साथ ही बैंस ब्रदर्स ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी। तब डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने कहा कि सरकार को हिदायत दी जाएगी कि राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली को पानी का बिल भेजा जाए, कीमत वसूल की जाए।

दूसरे प्रस्ताव पर बोलते हुए बैंस ने आरोप लगाया कि सरकार ने चौटाला के करीबी को एडवोकेट जनरल बना दिया, जिसने एसवाईएल केस में एक जूनियर वकील को लगाया। अकालियों ने इसका विरोध किया। बैंस ने बोलने के लिए और समय देने को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ने उन्हें आखिरी चेतावनी दी। आखिर मदन मोहन मित्तल के कहने पर उन्हें दो मिनट और दिए गए। बैंस ने कहा कि वह प्रस्ताव के हक में हैं पर अकालियों ने इस मुद्दे पर जो गद्दारियां की हैं, उस पर वह इस्तीफा देते हैं।

इसी दौरान उनकी अकालियों से नोंक-झोंक शुरू हो गई। उन्होंने वेल में आकर स्पीकर को इस्तीफा देने की कोशिश की, पर स्पीकर ने कहा कि दफ्तर में दें। नारेबाजी के बीच उन्होंने मार्शल के ऊपर से अपने इस्तीफे स्पीकर की तरफ फेंक दिए और चले गए। वहीं, विरसा सिंह वल्टोहा ने आरोप लगाया कि ये कांग्रेस से मिले हुए हैं। आवाज-ए-पंजाब के तीसरे सदस्य परगट सिंह विपक्षी खेमे में बैठे पर कुछ बोले नहीं। जबकि, डॉॅ. नवजोत कौर सत्र में शामिल नहीं हुईं। उन्होंने और परगट सिंह ने भी इस्तीफा दे दिया।
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