Wrestlers Protest: साक्षी मलिक के दावे पर बबीता फोगाट का पलटवार, कहा- बात ऐसी न कहो कि छिपानी पड़ जाए...
Babita Phogat on Sakshi Malik : पहलवान साक्षी मलिक के सोशल मीडिया पर जारी वीडियो के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष तीर्थ राणा ने कहा कि वह पहलवानों के पास नहीं गए थे, पहलवान उनके पास आए थे। वह देश के पहलवानों के साथ थे, इसलिए मदद की थी। अब बबीता फोगाट ने अपनी बात रखी है।
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विस्तार
भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण सिंह के खिलाफ शुरू हुआ पहलवानों का प्रदर्शन नित नए मोड़ ले रहा है। शनिवार को पहलवान साक्षी मलिक और उनके पति सत्यव्रत कादियान ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि दो भाजपा नेताओं की ओर से आंदोलन की अनुमति दिलवाई गई थी।
इस बारे में साक्षी मलिक ने एक पत्र दिखाया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेता तीर्थ राणा और बबीता फोगाट ने उन्हें धरना देने के लिए कहा था। इसके जवाब में बबीता फोगाट ने ट्वीट किया-बात ऐसी ना कहो दोस्त की कह के फिर छिपानी पड़ जाए।
हमारी लड़ाई सरकार से नहीं है: साक्षी
साक्षी मलिक ने अपने वीडियो में कहा था कि कुश्ती से जुड़े लोगों को पता है कि पिछले 10 -12 वर्षों में महिलाओं से छेड़छाड़ और उत्पीड़न हुआ है। यदि किसी ने अकेले आवाज उठाने की सोच बनाई भी तो बात फेडरेशन तक पहुंच जाती थी। इससे उस व्यक्ति के कॅरिअर में मुश्किलें शुरू हो जाती थीं। हमारी लड़ाई किसी सरकार से नहीं है। आंदोलन जारी है। यह न्याय नहीं मिलने तक जारी रहेगा। इसे कमजोर करने के लिए फेक न्यूज चलवाई जा रही है। इन पर ध्यान न दें।
बबीता ने ट्वीट किया-एक कहावत है कि जिंदगी भर के लिये आपके माथे पर कलंक की निशानी पड़ जाए। बात ऐसी ना कहो दोस्त की कह के फिर छिपानी पड़ जाए। मुझे कल बड़ा दुःख भी हुआ और हंसी भी आई जब मैं अपनी छोटी बहन और उनके पतिदेव का वीडियो देख रही थी, सबसे पहले तो मैं ये स्पष्ट कर दूं कि जो अनुमति का कागज छोटी बहन दिखा रही थी उस पर कहीं भी मेरे हस्ताक्षर या मेरी सहमति का कोई प्रमाण नहीं है और ना ही दूर-दूर तक इससे मेरा कोई लेना देना है।
एक कहावत है कि
— Babita Phogat (@BabitaPhogat) June 18, 2023
ज़िंदगी भर के लिये आपके माथे पर कलंक की निशानी पड़ जाए।
बात ऐसी ना कहो दोस्त की कह के फिर छिपानी पड़ जाएँ ।
मुझे कल बड़ा दुःख भी हुआ और हँसी भी आई जब मैं अपनी छोटी बहन और उनके पतिदेव का विडीओ देख रही थी , सबसे पहले तो मैं ये स्पष्ट कर दूँ की जो अनुमति का काग़ज़… https://t.co/UqDMAF0qap
आपको कांग्रेस पर विश्वास था
बबीता ने कहा-मैं पहले दिन से कहती रही हूं कि प्रधानमंत्री पर एवं देश की न्याय व्यवस्था पर विश्वास रखिए, सत्य अवश्य सामने आएगा। एक महिला खिलाड़ी होने के नाते मैं सदैव देश के सभी खिलाड़ियों के साथ थी, साथ हूं और सदैव साथ रहूंगी परंतु मैं धरने-प्रदर्शन की शुरुआत से इस चीज के पक्ष में नहीं थीं। मैंने बार-बार सभी पहलवानों से ये कहा कि आप प्रधानमंत्री या गृहमंत्री से मिलो समाधान वहीं से होगा, लेकिन आपको समाधान दीपेंद्र हुड्डा, कांग्रेस और प्रियंका गांधी और उनके साथ आ रहे उन लोगों द्वारा दिख रहा था जो खुद बलात्कारी एवं अन्य मुकदमे के दोषी है लेकिन देश की जनता अब इन विपक्ष के चेहरों को पहचान चुकी है। अब देश के सामने आकर उन्हें उन सभी जवानों, किसानों और उन महिला पहलवानों की बातों का जवाब देना चाहिए जिनकी भावनाओं की आग में इन्होंने अपनी राजनीति की रोटी सेकने का काम किया।
आपने राजनीतिक फायदे देखे
जो महिला खिलाड़ी धरने पर साथ बेठे थे उनके विचारों को सभी पूर्वाग्रहों के साथ ऐसी दिशा दी जहां बस आपके राजनीतिक फायदे दिख रहे थे। आज जब आपका ये वीडियो सबके सामने है उससे अब देश की जनता को समझ में आ जाएगा कि नए संसद भवन के उद्घाटन के पवित्र दिन आपका विरोध और राष्ट्र के लिए जीता हुआ मेडल गंगा में प्रवाहित करने की बात कितना देश को शर्मसार करने जैसा था।
अपनी वास्तविक मंशा बता दीजिए
बबीता ने लिखा-बहन हो सकता है आप बादाम के आटे की रोटी खाते हों लेकिन गेहूं की तो मैं ओर मेरे देश की जनता भी खाती ही है, सब समझते हैं। देश की जनता समझ चुकी है कि आप कांग्रेस के हाथ की कठपुतली बन चुकी हो। अब समय आ गया है कि आपको आपकी वास्तविक मंशा बता देनी चाहिए क्योंकि अब जनता आपसे सवाल पूछ रही है।