बरगाड़ी में हुई बेअदबी का बदला लेना चाहते थे बब्बर खालसा के आतंकी, तिहाड़ में हवारा से मिले थे
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पूछताछ में बब्बर खालसा के आतंकियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हें। वे बरगाड़ी में हुई बेअदबी का बदला लेना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने साजिश भी रची थी। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल द्वारा पकड़े गए बब्बर खालसा के आतंकी बरगाड़ी बेअदबी मामले को लेकर चल रहे बरगाड़ी मोर्चे पर गए थे। वहां वे एक दूसरे से मिले थे।
वहीं पर उन्होंने बेअदबी के लिए जिम्मेदार लोगों को ठिकाने लगाने की साजिश रची थी। इसके लिए डेरा सच्चा सौदा से जुड़े कुछ लोग व हिंदू नेता उनके निशाने पर थे। सूत्रों से पता चला है कि, पुलिस ने सोमवार को दिल्ली समेत कई जगहों पर छापेमारी करके तीन लोगों को काबू किया है। हालांकि, इस मामले में अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं, लेकिन इसकी निगरानी डीजी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं।
पकड़े जाने के डर से स्पेशल एप से करते थे बातें
पता चला है कि आरोपी पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों की नजर में न आएं, इसलिए बातचीत हमेशा सोशल मीडिया के विभिन्न साधनों पर करते थे। बातचीत रिकार्ड न हो और ठिकाने की लोकेशन पुलिस को पता न लग सके, इसलिए वे भरोसेमंद मोबाइल एप इस्तेमाल करते थे। साथ ही नियत समय पर ही संपर्क करते थे। इसके अलावा व्हाट्सएप ग्रुप में रोजाना की गतिविधियों पर नजर रखते थे। इन्होंने कई ग्रुप बनाए हुए थे।
जरूरतमंद परिवारों से संबंध रखते हैं आरोपी
जानकारी के मुताबिक, पकड़े गए सभी आरोपी ज्यादा अमीर परिवारों से नहीं हैं। कोई टैक्सी चलाकर तो कोई सिक्योरिटी गार्ड बनकर परिवार पाल रहा था। कुछ लोग खेती से जुड़े थे। एक आरोपी फार्मा कंपनी में काम कर चुका है। पकड़े गए सभी आरोपियों की उम्र बीस से तीस साल के बीच बताई जा रही है।
ऐसे जगी बदला लेने की भावना
पकड़े गए सभी लोग धार्मिक प्रवृति के थे। इनमें से एक ने अमृतपान किया हुआ है। ऐसे में यह लोग बेअदबी से काफी आहत हो गए थे। बेअदबी मोर्चे में जब यह लोग शामिल हुए तो वहां समागमों में संबोधित करने वाले वक्ताओं के उग्र विचारों से काफी प्रभावित हुए। वहीं से उन्होंने बदला लेने की ठान ली।
ऐसे मिले थे तिहाड जेल में हवारा से
जानकारी के मुताबिक, स्पेशल सेल द्वारा पकड़ा गया एक आरोपी गुरप्रीत सिंह तिहाड़ जेल में जगतार सिंह हवारा से मिला था। जनवरी 2018 से मार्च 2018 तक वह इस जेल में रहा था। यहां हवारा ने अपने एक करीबी का नंबर दिया था, जिसके बाद वह उसके टच में था।
हवाला के जरिए करते थे पेमेंट
पुलिस सूत्रों की मानें तो परमजीत सिंह पम्मा का नाम भी इस केस में आ रहा है। वह आरोपियों को फंडिंग करने में सहयोग करता रहा है। इस समय वह पुर्तगाल में है। पता चला है कि पैसे आरोपियों के बैंक खाते में नहीं आए थे। न ही ट्रांसफर हुए थे, बल्कि हवाला के अन्य रूट अपनाए गए, जिसमें नकद पेमेंट की गई।
भिंडरांवाले की ड्रेस में थे आरोपी
जानकारी के मुताबिक, सभी आरोपी भिंडरांवाले से प्रभावित थे। उन्होंने जो वस्त्र पहने हुए थे, उन पर भिंडरांवाले की तस्वीरें थीं। अब आरोपी चार दिन के पुलिस रिमांड पर हैं। पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है।
अक्तूबर 2015 में हुई थी बेअदबी
12 अक्तूबर 2015 में फरीदकोट के बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी का मामला सामने आया था। इसके विरोध में हुए प्रदर्शन में पुलिस फायरिंग में दो सिख नौजवान मारे गए थे। इसके बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई थी।