बाबा सोढल मेला शुरू, लाखों श्रद्धालुओं ने टेका माथा, 1500 पुलिसकर्मी चप्पे-चप्पे पर तैनात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बाबा सोढल का मेला बुधवार रात से विधिवत रूप से शुरू हो गया। गुरुवार को करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माथा टेका। मेले में दस लाख से ज्यादा श्रद्धालु आने की उम्मीद है। आनंद-चड्ढा परिवार की ओर से बरसों पहले शुरू की गई मेले की रीत अब सभी कौम की आस्था में बदल गई है।
गुरुवार को जालंधर में सरकारी छुट्टी की घोषणा डीसी ने कर दी थी ताकि लोग बाबा सोढल के दर्शन के लिए आ सकें। मेले में कोई शरारती तत्व या जेब तराश किसी मकसद में कामयाब न हो इसलिए 1500 पुलिस मुलाजिमों को तैनात किया गया था।
यह है मान्यता
मान्यता है कि इस तपोभूमि पर आदर्श मुनि तपस्या करते थे। बाबा सोढल की माता जी उनकी सेवा करती थीं। मुनि जी ने कहा- बेटी तुमने कभी मुझसे कुछ मांगा नहीं। इस पर माता जी ने उनसे पुत्र रत्न का वरदान मांगा। मुनि जी ने ध्यान लगाया और कहा- तुम्हारे भाग्य में औलाद सुख नहीं है। मुनि जी ने भगवान विष्णु की आराधना कर पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया।
उन्होंने संतान पर कभी गुस्सा न करने की हिदायत भी दी। एक दिन बाबा जी की मां तालाब पर कपड़े धो रही थीं तब बाबा सोढल पांच साल के थे। मां ने उन पर गुस्सा किया तो वे तालाब में गायब हो गए। मां को बिलखते देख बाबा सोढल ने नाग के रूप में दर्शन दिए और कहा- मैं सदा यहीं आपके बीच रहूंगा। इस स्थान पर नतमस्तक होने वाले नि:संतान भक्तों को भी औलाद सुख मिलेगा।
करीब 150 साल पहले शुरू हुई बाबा सोढल की मान्यता आज लाखों भक्तों की मन्नतों में बदल चुकी है। भक्त अपनी मुरादें पूरी होने पर बच्चों को और अपने सगे-संबंधियों के साथ लेकर ढोल-बाजों के साथ नाचते-गाते आते हैं। बाबा सोढल ने प्रकट होकर आनंद बिरादरी के परिवारों को उनके पुनर्जन्म को स्वीकार करते हुए मट्ठी जिसे टोपा कहा जाता है चढ़ाने का निर्देश दिया।
इस टोपे का सेवन केवल चड्ढा और आनंद परिवार के सदस्य ही कर सकते हैं। इस प्रसाद का सेवन परिवार में जन्मी बेटी तो कर सकती है लेकिन दामाद व उनके बच्चों के लिए यह वर्जित है। सोढल मेले वाले दिन श्रद्धालु पवित्र तालाब से अपने प्रत्येक पुत्र के नाम की मिट्टी 14 बार निकालते हैं। श्रद्धालु अपने-अपने घरों में पवित्र खेत्री बीजते हैं। मेले वाले दिन इसे बाबा के श्रीचरणों में अर्पित करके माथा टेकते हैं।
पुलिस ने बनाया बेस कैंप, चप्पे चप्पे पर सीसीटीवी से निगरानी
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर बुधवार को जालंधर के डीसी वरिंदर शर्मा के साथ सोढल मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जुटे रहे। पुलिस ने एक बेस कैंप व अस्थायी कंट्रोल रूम तैयार किया था। वहीं खुफिया विभाग के मुलाजिमों के अलावा सादी वर्दी में महिला फोर्स भी तैनात थी।
सैकड़ों स्थानों पर लंगर लगे
श्रद्धालुओं के लिए हर मार्ग पर चंद कदमों के बाद ही लंगर लगाए गए हैं। बड़ी श्रद्धा व आस्था के साथ श्रद्धालुओं के लिए लंगर तैयार किए जा रहे हैं। जिनकी मन्नत पूरी हो गई थी वह ढोल की थाप पर नाचते गाते बाबा सोढल के दर्शन के लिए आ रहे थे।
प्लास्टिक मुक्त दिखा सोढल मेला
प्लास्टिक फ्री इंडिया का नजारा बाबा सोढल मेले में भी देखने को मिला। लंगर कमेटियों ने पत्ते के बने हुए दोने और पत्तल का इस्तेमाल किया। कई लंगर कमेटियों ने अपने स्टाल के साथ ही कूड़ेदान भी लगा रखे थे ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालु लंगर का सेवन करने के बाद पत्तल कूड़ेदान में फेंक सके।
फेक वीडियो से दहशत, 13 सितंबर को बंद की अफवाह
बाबा सोढल मेला शुरू होने के साथ ही अफवाहों से शहर में सनसनी फैल रही है। वहीं एक अफवाह यह भी फैल गयी कि 13 सितंबर को पंजाब बंद है।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर व जिलाधीश वरिंदर कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से एक बयान जारी कर बताया है कि कल 13 सितंबर को किसी भी संस्था की तरफ से पंजाब बंद की कोई कॉल नहीं दी गई है।
यह मात्र अफवाह उड़ाई गई है और लोगों को चाहिए कि इन अफवाहों पर गौर ना करें। पंजाब में पूरी तरह से अमन कानून व शांति बनी हुई है। इसलिए इस तरह की अफवाहें फैलाकर खुशनुमा माहौल को खराब करने की कोशिश ना करें।
मंगलवार रात से तीन वीडियो व्हट्सएप व फेसबुक पर अपलोड की है, जिसमें दिखाया कि बाबा सोढल मेले में झूला टूट गया और महिला जमीन पर गिरकर मौत का ग्रास बन गयी। डीसीपी गुरमीत सिंह ने कहा कि ऐसी वीडियो पर कोई ध्यान न दिया जाए। जनता में दहशत व अफवाह फैलाने की साजिश रची जा रही है। डीसीपी ने फेक वीडियो को वायरल करने वालों को भी चेतावनी दी कि कानून का शिकंजा उन पर कसा जाएगा।