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Punjab: सुधार के दावों के बीच पंजाब की जेलों से हर माह मिल रहे औसतन 600 मोबाइल, 2जी जैमर बदलने की योजना लटकी

Fri, 04 Nov 2022 11:20 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 04 Nov 2022 11:20 AM IST
सार

जेलों में बंद 33000 सजायाफ्ता कैदियों तक मोबाइल फोन कैसे पहुंच रहे हैं, उसे लेकर केवल एक दलील दी जा रही है कि जेल के बाहर से कैदियों के साथी पैकेटों में बंद कर मोबाइल जेल के भीतर फेंकते हैं। मोबाइल फोन की तरह ही कैदियों तक नशा व अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं भी पहुंच रही हैं।

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Average of 600 mobile phones recovered from Jails every month amid claims of reforms in Punjab
जेल में मिले मोबाइल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में जेल प्रबंधन में सुधार के दावों के बीच, हर महीने औसतन 600 मोबाइल फोन कैदियों के कब्जे से बरामद हो रहे हैं। यह आंकड़े प्रदेश के जेल मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा जारी किए गए हैं। आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार बनने के बाद से बीते छह महीनों के दौरान पंजाब की जेलों से 3600 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

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हालांकि जेल विभाग के अधिकारी जेलों में लगातार छापेमारी और कैदियों के बैरकों की जांच में तेजी लाने को अपनी उपलब्धि बता रहे हैं। लेकिन जेलों में बंद 33000 सजायाफ्ता कैदियों तक मोबाइल फोन कैसे पहुंच रहे हैं, उसे लेकर केवल एक दलील दी जा रही है कि जेल के बाहर से कैदियों के साथी पैकेटों में बंद कर मोबाइल जेल के भीतर फेंकते हैं। मोबाइल फोन की तरह ही कैदियों तक नशा व अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं भी पहुंच रही हैं।
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हाल ही में जेल मंत्री बैंस ने अमृतसर जेल के औचक दौरे के दौरान भी कई कैदियों के कब्जे से मोबाइल फोन मिलने की बात कही थी। खास बात यह है कि प्रदेश की सभी जेलों में कैदियों से मोबाइल फोन मिल रहे हैं और इनका इस्तेमाल दुर्दांत अपराधी ही नहीं बल्कि साधारण कैदी भी कर रहे हैं। जेल विभाग और पुलिस प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता यह है कि कैदी जेलों में रहते हुए मोबाइल के जरिए रंगदारी मांगते हैं और अपने साथियों को आपराधिक गतिविधियों के लिए तैयार करते हैं। जेल विभाग ने तीन माह पहले ही एक आदेश जारी कर सभी जेलों में जेल सुपरिटेंडेंट के अलावा किसी भी मुलाजिम द्वारा अपना मोबाइल फोन जेल के भीतर ले जाने पर रोक लगा गई थी। इस तरह जेल मुलाजिमों द्वारा कैदियों तक मोबाइल फोन पहुंचाने के आरोपों से विभाग साफ इंकार कर रहा है।
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जेलों में मोबाइल के इस्तेमाल पर जेल मंत्री का कहना है कि सभी जेलों में पुराने 2जी जैमर लगे हैं, जिन्हें बदलने का काम जल्द शुरू किया जा रहा है। उनका दावा है कि नई तकनीक के उपयोग से जेलों में मोबाइल के इस्तेमाल पर स्वत: ही रोक लग जाएगी क्योंकि नए जैमरों के कारण मोबाइल सिग्नल काम नहीं करेंगे। गौरतलब है कि पंजाब की जेलों में 2जी जैमर लगे हुए हैं और अब बाजार में 5जी रेडियो फ्रिक्वेंसी तकनीक आ चुकी है, जिन्हें 2जी जैमरों द्वारा जाम कर पाना संभव नहीं है। इन जैमरों को बदलने की योजना पिछली कैप्टन सरकार से समय बनी थी, जिस पर अमल नहीं हो सका।


जेलों में लगाए जा रहे बॉडी स्कैनर
जेल की बाउंड्री के बाहर से कैदियों तक मोबाइल फोन पहुंचने की घटनाएं रोकने में नाकाम रहे जेल विभाग ने फिलहाल जेल के मुख्य द्वार से किसी भी आपत्तिजनक वस्तु की एंट्री रोकने का ढांचा तैयार करना शुरु कर दिया है। जेलों में बॉडी स्कैनर लगाए जा रहे हैं, जिनसे सभी कैदियों की जांच करने के अलावा बाहर से आने वाले लोगों की तलाशी भी होगी। जेलों के भीतर गैंगस्टर और दुर्दांत कैदियों को लिए बनाए गए अलग सेल में मोबाइल व अन्य वस्तुओं के पहुंचने पर गहन नजर रखने की बात जेल विभाग द्वारा कही जा रही है।

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