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क्या है लोहड़ी जलाने का शुभ समय? यहां जानिए

Tue, 13 Jan 2015 12:34 PM IST
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 13 Jan 2015 12:34 PM IST
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Auspicious Time for Lohri Celebration

आज लोहड़ी का त्योहार है। देश भर इस त्योहार को धूमधाम से मनाया जाता है। सेक्टर-30 स्थित श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र अताते हैं कि इस बार 13 जनवरी दिन मंगलवार को लोहड़ी का पर्व है।

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शाम 5 बजकर 37 मिनट पर सूर्यास्त होगा। उनके अनुसार शाम साढ़े छह बजे के बाद लोहड़ी जलाने का शुभ समय है। अगर शुभ समय पर लोहड़ी को जलाया जाएगा तो घर में सुख शांति का वास होगा और सारा साल प्यार बरसता रहेगा। लाभ होता रहेगा।
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कल 7:27 बजे मकर राशि में सूर्य का प्रवेश

Auspicious Time for Lohri Celebration

माघ कृष्ण नवमी तिथि, दिन बुधवार, 14 जनवरी को मकर संक्रांति है। शाम सात बजकर 27 मिनट पर कर्क लग्न है। इसी समय मकर राशि में सूर्य प्रवेश कर रहे हैं। यह कहना है सेक्टर-30 स्थित श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र का।

उन्होंने बताया कि कर्क लग्न का स्वामी चंद्रमा है जो चौथे भाव में है। लग्न में बृहस्पति है। चंडीगढ़ की राशि मीन है। मीन का स्वामी बृहस्पति है। सूर्य-चंद्रमा और बृहस्पति आपस में मित्र हैं। इसलिए 2015 में सूर्य मकर राशि में होने से चंडीगढ़ के लिए पूरा साल उल्लास और आपसी प्यार का प्रतीक बनेगा। 14 जनवरी से से सूर्य उत्तरायण में हो जाएंगे।

मकर संक्रांति पर ये सब काम करे

Auspicious Time for Lohri Celebration

इस दिन स्नान, दान, जप, श्राद्ध और अनुष्ठान का विशेष महत्व है। इस अवसर पर किया दान सौ गुणा होकर प्राप्त होता है। इस दिन घी और कंबल दान का विशेष महत्व है।

सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी लाल बहादुर दुबे के अनुसार मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान और गंगा तट पर दान का विशेष महत्व है।

अगर किसी कारण गंगा स्नान के लिए न जा सके तो आप खाली बाल्टी में गंगाजल की बूंदे डालकर उसमें तिल डालें इसके बाद पानी भरकर स्नान करें। इससे गंगा स्नान का फल प्राप्त होगा।

सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन दोपहर 12 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक राहु काल है। इस समय दान नहीं करना चाहिए।

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