संत ढंडरियांवाले पर हमला: दमदमी टकसाल मुखी की गाड़ी से 4 काबू
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साउथ सिटी के पास संत रंजीत सिंह ढडरियांवाले पर हुए हमले में शुक्रवार को पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया। चारों को अमृतसर-पठानकोट रोड स्थित किशनगढ़ अड्डा के पास नाकाबंदी के दौरान गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से सफेद रंग की टाटा सफारी भी बरामद की गई है।
पूछताछ में आरोपियों ने माना कि वह संत ढडरियांवाले पर हुए हमले में शामिल थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों से बरामद की गई गाड़ी बाबा हरनाम सिंह धूम्मा के नाम पर रजिस्टर्ड है। बाबा धूम्मा श्री दमदमी टकसाल (चौक मेहता) के प्रधान हैं।
आरोपियों की पहचान अमृतसर के चौक मेहता निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ सोनू, लुधियाना के गांव हिस्सोवाल निवासी मनवीर सिंह उर्फ महंत, हरिद्वार के रहने वाले गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी और फरीदकोट के गांव मोरावाली निवासी सतनाम सिंह के रूप में हुई है। पुलिस आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश करेगी।
लिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख ने कहा कि सूचना के आधार पर एडीसीपी क्राइम बलकार सिंह, एडीसीपी 3 परमजीत सिंह पन्नू, एसीपी क्राइम गुरविंदर सिंह, सीआईए वन और थाना पीएयू के प्रभारी ने पठानकोट रोड स्थित किशनगढ़ अड्डा के पास नाकाबंदी कर रखी थी। इसी दौरान टाटा सफारी पर चार युवक भोगपुर की तरफ से आ रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोका और गिरफ्तार कर लिया।
हमले में 22 से 24 आरोपी शामिल, प्लानिंग मुंबई और अमृतसर में
जतिंदर सिंह औलख, पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पता लगा रही है कि उन्होंने इस वारदात में कौन से हथियार इस्तेमाल किए थे। उनके साथ हत्याकांड में कौन कौन लोग शामिल थे।
मुंबई और अमृतसर में बनी थी हमले की प्लानिंग
सूत्रों की मानें तो संत ढडरियांवाले पर हुए हमले में 22 से 24 आरोपी शामिल थे। पुलिस ने इनमें से आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, बाकी की तलाश जारी है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि संत रंजीत सिंह ढडरियांवाले पर हमले की पूरी प्लानिंग मुंबई और अमृतसर में तैयार की गई थी।
पुलिस की छह अलग-अलग टीमें मुंबई और अमृतसर में गई हुई हैं। मुंबई से दलबीर सिंह ने ही फोन कर गांव छंदड़ा के गगनदीप सिंह और जसप्रीत सिंह को छबील में सेवा के लिए भेजा था। दलबीर सिंह इन दोनों आरोपियों का फुफेरा भाई है। यह दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। इसके अलावा लुधियाना के मंजीत सिंह को अमृतसर के उनके रिश्तेदार का फोन आया था कि हरदेव सिंह को अपने घर एक रात के लिए रख लें।