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Chandigarh News: राजकीय काॅलेजों के सहायक और एसोसिएट प्रोफेसरों की एसीआर में देनी होगी सत्यापित रिपोर्ट

Tue, 30 Jul 2024 07:21 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jul 2024 07:21 PM IST
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Assistant and Associate Professors of Government Colleges will have to submit verified reports in ACR.
उच्चतर शिक्षा महानिदेशक ने राजकीय काॅलेजों के प्राचार्यों को गोपनीय रिपोर्ट 30 अगस्त तक भेजने के दिए निर्देश
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सहायक और एसोसिएट प्रोफेसरों को 30 सितंबर तक ऑनलाइन भरना होगा सेल्फ अप्रेजल

चंडीगढ़। प्रदेशभर के राजकीय काॅलेजों में कार्यरत सहायक और एसोसिएट प्रोफसरों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में देरी होने के चलते पदोन्नति व सिलेक्शन ग्रेड प्रभावित न हो, इसको देखते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग ने काॅलेज प्राचार्यों को 2023-24 की गोपनीय रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।

उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक की ओर से सभी राजकीय काॅलेजों के प्राचार्यों को निर्देश जारी किए गए हैं कि सहायक और एसोसिएट प्रोफेसरों की वर्ष 2023-24 की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट आनलाइन पोर्टल के माध्यम से 31 अगस्त तक भिजवाई जाए। साथ ही निर्देश दिए कि राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत सहायक और एसोसिएट प्रोफेसरों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट निश्चित समय पर नहीं भिजवाई जाती है, जिसके चलते सेवा विस्तार, सीनियर स्केल, सिलेक्शन ग्रेड और पदोन्नति प्रभावित होती है। ऐसे में काॅलेज प्राचार्य सहायक और एसोसिएट प्रोफेसरों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट परीक्षा परिणाम सहित निदेशालय को भिजवाएं। यदि गोपनीय रिपोर्ट निर्धारित अवधि में मुख्यालय नहीं पहुंची तो संबंधित काॅलेज प्राचार्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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विभाग ने निर्देश दिए कि सहायक और एसोसिएट प्रोफेसरों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट मुख्य सचिव की हिदायतों के अनुसार ऑनलाइन भरी जाएगी। विशेष तौर पर टिप्पणी के संबंध में कुछ प्राचार्य सत्यनिष्ठा के काॅलम में संतोषजनक और एवरेज या ऐसे शब्द उल्लेखित करते हैं, जोकि हिदायतों के विरुद्ध है।
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प्राचार्य या फिर रिपोर्टिंग अधिकारी के अधीनस्थ यदि कोई कर्मचारी उनका सगा-संबंधी कार्यरत है तो वह उनकी गोपनीय रिपोर्ट में ओवरऑल ग्रेडिंग लिखने के लिए प्राचार्य समक्ष नहीं है। इन परिस्थितियों में उनके सेल्फ अप्रेजल में उनकी सत्यनिष्ठा और विजिलेंस जांच व आपराधिक केस लंबित नहीं है, बारे में सत्यापित रिपोर्ट अंकित करते हुए उनकी गोपनीय रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर भरेंगे। सहायक और एसोसिएट प्रोफेसर की ओर से भरे गए परीक्षा परिणाम को रिकाॅर्ड के आधार प्रमाणित करें। परीक्षा परिणामों की विश्वविद्यालय की पास प्रतिशत और महाविद्यालयों की प्रतिशत का अंतर अवश्य भरना होगा। प्राचार्य की ओर से यह भी प्रमाणित किया जाएगा कि उनके महाविद्यालय में कितने सहायक और एसोसिएट प्रोफेसर कार्यरत हैं और कोई भी एसीआर लंबित नहीं है। प्राचार्य की ओर से विजिलेंस जांच और आपराधिक मामले के बारे में भी उल्लेखित किया जाएगा।
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