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मंगेतर को बरी कराने का झांसा देकर युवती को होटल में बुलाने वाला एएसआई सस्पेंड
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चंडीगढ़। बीते 18 दिसंबर को हेरोइन और नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार एक युवक को केस से बरी करवाने का झांसा देकर उसकी मंगेतर को होटल में बुलाने वाले एएसआई प्रेम सिंह को आखिरकार सस्पेंड कर दिया गया। इसके साथ ही एएसआई के खिलाफ डिपार्टमेंटल इंक्वायरी भी खोल दी गई है। बीते 9 मार्च को अमर उजाला ने इस पूरे मामले का खुलासा किया था, जिसके बाद पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों के आदेश पर एएसआई के खिलाफ कार्रवाई की गई।
18 दिसंबर 2019 को सेक्टर-31/47 डिवाइडिंग रोड के पास से सेक्टर-31 थाना पुलिस ने हल्लोमाजरा निवासी आकाश कुमार (24) को 50 ग्राम हेरोइन और 12 नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया था। इस केस में 21 जनवरी 2020 को जिला अदालत में पेशी हुई थी। युवती ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि इस दौरान सेक्टर-31 थाने के तत्कालीन एएसआई प्रेम उसे अदालत में मिला और अपने झांसे में लेकर कहा कि वह इस केस में जांच अधिकारी (आईओ) है। वह आकाश को बरी कराने में उसकी मदद करेगा। इसी झांसे में लेकर एएसआई ने उसका मोबाइल नंबर भी ले लिया। आरोप था कि 22 जनवरी को एएसआई ने उसके मोबाइल पर फोन कर कहा कि वह उससे मिलना चाहता है, लेकिन युवती ने इंकार कर दिया। आरोप यह भी था कि एएसआई ने आकाश को केस से बरी करवाने के लिए युवती से शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाल कर अटावा के होटल में चलने को कहा। बार-बार युवती को फोन कर एएसआई परेशान कर रहा था। युवती ने एएसआई से बातचीत की रिकार्डिंग की सीडी भी पुलिस को सौंपी थी, जिसमें वह कह रहा है कि नाके से 7 बजे के बाद फ्री होकर उसे अटावा के होटल में लेकर चलेगा।
धमकी देने दो पुलिसकर्मी पहुंचे थे युवती के घर
युवती का आरोप था कि रिकार्डिंग की बात एएसआई प्रेम सिंह को पता चल गई तो उसने व्हाट्सएप कॉलिंग करना शुरू दी। एक दिन अचानक युवती के घर पर कांस्टेबल अशोक व पवन ने पहुंचकर धमकी दी कि अगर कोई शिकायत दी गई तो उसके परिवार को भी एनडीपीएस केस में अंदर करा दूंगा। इस धमकी के बाद से परिवार डरा सहमा था, जिसके बाद 2 मार्च को उन्होंने मामले की शिकायत सेक्टर-9 स्थित एसएसपी विंडों पर दी।
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मामला कोर्ट में विचाराधीन
पीड़िता पांच बहने हैं। शिकायतकर्ता युवती की शादी आकाश से अप्रैल में होनी है। परिजनों का आरोप था कि आकाश को पुलिस किसी दूसरे एनडीपीएस केस में गवाह बनाना चाहती थी, लेकिन वह नहीं माना तो पुलिस उसे झूठे एनडीपीएस केस में फंसा दिया। आकाश को एएसआई ने छुड़वाने की बात कही थी। यही वजह थी कि युवती ने एएसआई से बात की, लेकिन बाद में वह शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डाल रहा था। फिलहाल, आकाश का कोर्ट में मामला विचाराधीन है।
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18 दिसंबर 2019 को सेक्टर-31/47 डिवाइडिंग रोड के पास से सेक्टर-31 थाना पुलिस ने हल्लोमाजरा निवासी आकाश कुमार (24) को 50 ग्राम हेरोइन और 12 नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया था। इस केस में 21 जनवरी 2020 को जिला अदालत में पेशी हुई थी। युवती ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि इस दौरान सेक्टर-31 थाने के तत्कालीन एएसआई प्रेम उसे अदालत में मिला और अपने झांसे में लेकर कहा कि वह इस केस में जांच अधिकारी (आईओ) है। वह आकाश को बरी कराने में उसकी मदद करेगा। इसी झांसे में लेकर एएसआई ने उसका मोबाइल नंबर भी ले लिया। आरोप था कि 22 जनवरी को एएसआई ने उसके मोबाइल पर फोन कर कहा कि वह उससे मिलना चाहता है, लेकिन युवती ने इंकार कर दिया। आरोप यह भी था कि एएसआई ने आकाश को केस से बरी करवाने के लिए युवती से शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाल कर अटावा के होटल में चलने को कहा। बार-बार युवती को फोन कर एएसआई परेशान कर रहा था। युवती ने एएसआई से बातचीत की रिकार्डिंग की सीडी भी पुलिस को सौंपी थी, जिसमें वह कह रहा है कि नाके से 7 बजे के बाद फ्री होकर उसे अटावा के होटल में लेकर चलेगा।
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धमकी देने दो पुलिसकर्मी पहुंचे थे युवती के घर
युवती का आरोप था कि रिकार्डिंग की बात एएसआई प्रेम सिंह को पता चल गई तो उसने व्हाट्सएप कॉलिंग करना शुरू दी। एक दिन अचानक युवती के घर पर कांस्टेबल अशोक व पवन ने पहुंचकर धमकी दी कि अगर कोई शिकायत दी गई तो उसके परिवार को भी एनडीपीएस केस में अंदर करा दूंगा। इस धमकी के बाद से परिवार डरा सहमा था, जिसके बाद 2 मार्च को उन्होंने मामले की शिकायत सेक्टर-9 स्थित एसएसपी विंडों पर दी।
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मामला कोर्ट में विचाराधीन
पीड़िता पांच बहने हैं। शिकायतकर्ता युवती की शादी आकाश से अप्रैल में होनी है। परिजनों का आरोप था कि आकाश को पुलिस किसी दूसरे एनडीपीएस केस में गवाह बनाना चाहती थी, लेकिन वह नहीं माना तो पुलिस उसे झूठे एनडीपीएस केस में फंसा दिया। आकाश को एएसआई ने छुड़वाने की बात कही थी। यही वजह थी कि युवती ने एएसआई से बात की, लेकिन बाद में वह शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डाल रहा था। फिलहाल, आकाश का कोर्ट में मामला विचाराधीन है।