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आशुतोष जी प्रकरण: हाईकोर्ट ने याची पक्ष पर उठाए सवाल
सुमेश ठाकुर/डिजिटल टीम, चंडीगढ़
Updated Wed, 05 Feb 2014 04:49 PM IST
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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज को गैर-कानूनी तरीके से बंधक बनाए जाने के मामले में याची पक्ष खुद सवालों के घेरे में आ गया है।
आज मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस एम एम एस बेदी पर आधारित सिंगल बेंच ने याचिका की मैंटेनेबिलिटी पर सवाल उठाया है।
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट हाइकोर्ट में पेश की। नकोदर पुलिस ने जिला मजिस्ट्रेट के साथ संस्थान का दौरा किया। इस दौरान डॉक्टर हरपाल सिंह नड्डा, डॉक्टर करतार कौर, डॉक्टर अशोक ने उनका क्लिनिकल एग्जामिनेशन किया, जिसमें आशुतोष महाराज क्लिनिकली डेड पाए गए।
दूसरी तरफ, संस्थान की तरफ से हाईकोर्ट को बताया गया कि उन्होंने गैर-कानूनी तरीके से महाराज को बंधक बनाकर नहीं रखा है। संस्थान का कहना है कि महाराज गहन समाधि में हैं।
उन्होंने याची पक्ष पर सवाल उठाया कि ये याचिका कानूनी रूप से सही नहीं है और इसकी कोई मेंटेनेबिलिटी नहीं बनती है। हाईकोर्ट इस मामले पर 11 फरवरी को अंतिम फैसला सुनाएगा।
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आज मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस एम एम एस बेदी पर आधारित सिंगल बेंच ने याचिका की मैंटेनेबिलिटी पर सवाल उठाया है।
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट हाइकोर्ट में पेश की। नकोदर पुलिस ने जिला मजिस्ट्रेट के साथ संस्थान का दौरा किया। इस दौरान डॉक्टर हरपाल सिंह नड्डा, डॉक्टर करतार कौर, डॉक्टर अशोक ने उनका क्लिनिकल एग्जामिनेशन किया, जिसमें आशुतोष महाराज क्लिनिकली डेड पाए गए।
दूसरी तरफ, संस्थान की तरफ से हाईकोर्ट को बताया गया कि उन्होंने गैर-कानूनी तरीके से महाराज को बंधक बनाकर नहीं रखा है। संस्थान का कहना है कि महाराज गहन समाधि में हैं।
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उन्होंने याची पक्ष पर सवाल उठाया कि ये याचिका कानूनी रूप से सही नहीं है और इसकी कोई मेंटेनेबिलिटी नहीं बनती है। हाईकोर्ट इस मामले पर 11 फरवरी को अंतिम फैसला सुनाएगा।
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