अशोक तंवर ने कहा- सरकार का खजाना खाली, जारी करे श्वेतपत्र
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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डा. अशोक तंवर ने जीरो बैलेंस अकाउंट की एक फोटो दिखाते हुए दावा किया कि हरियाणा सरकार का खजाना बिल्कुल खाली हो चुका है। नौ अक्तूबर को सरकारी खजाने का बैलेंस पूरी तरह शून्य था। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान तंवर ने कहा कि वर्ष 2013-14 में हरियाणा की देनदारी 79600 करोड़ रुपये थी जो कि 2016-17 तक बढ़ कर 144100 करोड़ रुपये हो गई है, अब इससे भी ज्यादा है। तंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री तथा राज्य के वित्त मंत्री को सही स्थिति लोगों के सामने रखने के लिए श्वेतपत्र जारी करना चाहिए ताकि पता लग सके कि सरकारी खजाने का सारा पैसा कहां गया।
तंवर ने कहा कि मनोहर सरकार जींद विधानसभा के उपचुनाव को टालने की हरसंभव कोशिश कर रही है। जबकि नियमों के अनुसार विधानसभा या लोकसभा के किसी भी रिक्त स्थान को भरने के लिए उपचुनाव को छह महीने से ज्यादा टाला नहीं जा सकता। डा. तंवर ने कहा कि भाजपा सरकार ने यह उपचुनाव टालने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को एक पत्र लिखा है। तंवर ने हरियाणा में बेमौसम की ओलावृष्टि और वर्षा के कारण फसलों को काफी हानि हुई है। इसलिए जल्द स्पेशल गिरदावरी के आदेश देने चाहिए।
गुरुग्राम निगम चुनाव में गलत हुई थी वार्डबंदी
तंवर ने गुरुग्राम नगर निगम की अगस्त 2017 में की गई वार्डबंदी को गलत बताते हुए कहा कि वार्डबंदी में फर्जी और गलत तरीके से एससी सीटों के लिए आरक्षण किया गया जिसके कारण चुनाव में धांधली हुई। सीटों के आरक्षण में हेराफेरी स्थानीय भाजपा विधायक तथा सांसद के दबाव में आकर की गई है। उन्होंने इन चुनावों को रद्द करके नई वार्डबंदी करने की मांग की ताकि चुनाव न्यायपूर्ण तरीके से हो सकें। उन्होंने कहा कि मनोहर सरकार या राज्य के चुनाव आयोग ने हमारी मांग की ओर ध्यान नहीं दिया तो कांग्रेस पार्टी को यह मामला मजबूरन अदालत में ले जाना पड़ेगा। तंवर ने कहा कि फरीदाबाद नगर निगम से भी कुछ शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
वित्त विभाग ने कहा- खजाने में हैं पर्याप्त फंड
हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में स्टेट ट्रेजरी के पास पर्याप्त मात्रा में फंड उपलब्ध है और फंड की कोई कमी नहीं है। वित्त विभाग के प्रवक्ता ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश में 104 ट्रेजरी और 9,300 आहरण एवं वितरण अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की अदायगी को प्राथमिकता दी जाती है। प्रवक्ता ने बताया कि खजानों द्वारा 8 अक्तूबर को 218 करोड़ रुपये की और 9 अक्तूबर को 76 करोड़ रुपये की अदायगी की गई।
उन्होंने कहा कि 10 अक्तूबर को राजपत्रित अवकाश था इसलिए उस दिन कोई अदायगी नहीं की गई। इसी प्रकार 11 अक्तूबर को 388 करोड़ रुपये की और 12 अक्तूबर को 950 करोड़ रुपये की अदायगी की गई। उन्होंने बताया कि इन चार दिनों के दौरान की गई कुल अदायगी में से 840 करोड़ रुपये की अदायगी धान के लिए किसानों को की गई।