फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Ashok Khemka, Chargsheet, Chief Secretury, DLF-Vadra deel, IAS, Haryana, RTI

मेरे नाबालिग बेटे को देर रात जबरन दी चार्जशीट: खेमका

Fri, 06 Dec 2013 12:31 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 06 Dec 2013 12:31 PM IST
विज्ञापन
Ashok Khemka, Chargsheet, Chief Secretury, DLF-Vadra deel, IAS, Haryana, RTI
वरिष्ठ आईएएस अशोक खेमका ने अपने खिलाफ जारी चार्जशीट उनकी गैरमौजूदगी में देर रात घर जाकर नाबालिग बेटे को जबर्दस्ती थमाए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है।
विज्ञापन


हरियाणा के मुख्यसचिव पीके चौधरी को वीरवार को लिखे पत्र में खेमका ने कहा कि इस तरह चार्जशीट देकर उनके परिवार को आतंकित किया गया है। हरियाणा सरकार ने रॉबर्ट वाड्रा-डीएलएफ जमीन सौदे में म्यूटेशन रद्द करने के मामले में वरिष्ठ आईएएस को बुधवार देररात चार्जशीट जारी की थी।

मुख्य सचिव को लिखे पत्र में खेमका ने आरटीआई के तहत यह सूचना भी मांगी है कि बीते 10 साल में कितने आईएएस अफसरों को चार्जशीट जारी की गई और उन पर क्या आरोप लगाए गए थे। साथ ही यह भी जानना चाहा है कि अफसरों को चार्जशीट कहां, कैसे और किसे दी गई।
विज्ञापन


चार्जशीट देने के तरीके से नाराज खेमका ने पत्र में लिखा, ‘मैं हाथ जोड़कर आग्रह करता हूं कि भविष्य में मेमो और चार्जशीट मुझे अपने दफ्तर में ही दी जाएं।

जमीन-लाइसेंस घोटाला, बीज और अनाज के गोदाम की शीटें बदलने, पेयजल के पाइप बदलने के कार्यों में किए घोटालों को उजागर करके मैंने जो पाप किया है, उसकी सजा मेरे परिवार के सदस्यों को न दी जाए।’
विज्ञापन
विज्ञापन


वरिष्ठ आईएएस ने आगे लिखा, ‘मैं एक सच्चे पब्लिक सर्वेंट के रूप में अपनी पब्लिक ड्यूटी बिना डर और पक्षपात करता रहूंगा। इसके बदले मुझे कितनी भी ऊंची कीमत चुकानी पड़े, उसकी मुझे परवाह नहीं है।’

खेमका ने इस पत्र में चार्जशीट सौंपे जाने के घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए लिखा, ‘मैं 4 दिसंबर को बाद दोपहर से 5 दिसंबर दोपहर तक स्वीकृत स्टेशन लीव लेकर दिल्ली गया था।

बुधवार की रात 8:30 बजे एक संदेशवाहक मेरे नाम और सरकारी पदनाम का लिखा सरकारी पैकेट देने के लिए घर मेरे घर पहुंचा। पूछने पर मेरे नाबालिग बेटे ने कहा कि मेरे पिता घर पर नहीं हैं।

संदेशवाहक ने बेटे को लिफाफा यह कहते हुए स्वीकार करने के लिए कहा कि अन्यथा यह दर्ज कर लिया जाएगा कि लेने से मना कर दिया। मेरे नाम की चार्जशीट वाला लिफाफा स्वीकार करने के लिए मेरे नाबालिग बेटे पर दबाब डाला गया।’

खेमका ने पत्र में लिखा, ‘मेरा नाबालिग बेटा बारहवीं कक्षा में पढ़ रहा है और प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। मेरी 73 वर्षीय बीमार माता आवास पर रात में होने वाले ऐसे हादसों से बहुत परेशान हो जाती हैं।

मेरे परिवार के सदस्यों के मन में आतंक पैदा करने के लिए कुछ राजनीतिक गुंडे मेरे घर पर रात में तोड़फोड़ कर सकते हैं। जब मैं घर से बाहर हूं तो रात में नाबालिग बच्चे को चार्जशीट देना परिवार के सदस्यों के मन में आतंक पैदा करना है।

मुझे इतिहास में ऐसा कोई मामला याद नहीं है कि किसी अफसर के नाबालिग पारिवारिक सदस्य को चार्जशीट दी गई हो। मैं कोई भगौड़ा नहीं हूं। मैं वीरवार को भी दफ्तर में बैठा हूं। मुझे दफ्तर में भी चार्जशीट दी जा सकती थी। मैंने घर पर कोई अटेंडेंट नहीं रखा है।’


मेरा जवाब मीडिया में छपेगा
खेमका ने मुख्य सचिव को लिखा कि चूंकि चार्जशीट मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित हो गई है। मुझे उम्मीद है कि चार्जशीट और अन्य आरोपों पर मेरा जवाब मीडिया में छपने से मुझे नहीं रोकेंगे। खेमका ने आग्रह किया कि सरकार की तरफ से लीक हो रही सूचनाओं की जांच हो और लीक करने वाले को दंडित किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed